आज के समय में बढ़ती पेट्रोल-डीजल की कीमतों के चलते बहुत से लोग सीएनजी कारों पर शिफ्ट करने लगे हैं. केवल यही नहीं, बल्कि CNG पर्यावरण के लिए भी किसी प्रकार से नुकसानदायक नहीं है. पिछले कुछ सालों में सीएनजी कारों की मांग भी तेजी से बढ़ी है. जहां सीएनजी कारें पर्यावरण के लिए सुरक्षित मानी जा रही है वहीं, दूसरी ओर सीएनजी कारों में आग लगने के मामले भी अक्सर सुनने को मिलते हैं. खासकर जब ज्यादा या भीषण गर्मी होती है तो उस दौरान सीएनजी कार में आग लगने की आशंका बढ़ जाती है.
आमतौर पर सड़क पर चलते-चलते सीएनजी कार की गैस लीक होने लगती है, जिससे कई बार हादसा हो सकता है. चलिए जानते हैं इसके पीछे के कुछ कारणों के बारे में.
1. ओवरफिलिंग
आमतौर पर लोग सोचते हैं कि बार-बार सीएनजी की लाइन में लगने से बेहतर है कि एक ही बार में सीएनजी को पूरी तरह से फिल कर लिया जाए. सिलेंडर को क्षमता से ज्यादा भर लेने से गैस धीरे-धीरे करके कार में फैलने लगती है, जिसके चलते आपकी कार में आग लग सकती है. इसलिए आपको यह ध्यान रखना चाहिए कि सीएनजी टैंक को ओवरफिल न कराएं.
2. धूप में गाड़ी खड़ी करना
ज्यादातर मामलों में यह भी देखा जाता है कि अगर आपने धूप में कार खड़ी की है तो ऐसे में सीएनजी सिलेंडर में आग लगने की आशंका बढ़ जाती है. दरअसल, ऐसा इसलिए होता है क्योंकि भीषण गर्मी में सीएनजी सिलेंडर अगर फुल है तो ऐसे में धूप के संपर्क में आने से कार में आग भी लग सकती है.
3. किट में समस्या होना
सीएनजी कार लेने का मतलब यह नहीं है कि आप सीएनजी भरवाएं और किट को कभी चेक न करें. जबकि, सीएनजी कार को मेनटेन रखने के लिए आपको किट को नियमित तौर पर जांचते रहना चाहिए. गर्मियां आने से पहले आपको किट के साथ-साथ फ्यूल लाइन की भी जांच कर लेनी चाहिए.
सीएनजी कार में आग लगने से कैसे बचाएं?
सीएनजी कार में आग लगने से बचाने के लिए आपको कुछ बातों का ध्यान रखना चाहिए. इसके लिए आपको सीएनजी कार की सर्विसिंग समय-समय पर कराते रहना चाहिए. इसके साथ ही धूप में गाड़ी खड़ी करने से बचें. धूप या गर्मी में सीएनजी कार से चलते समय आपको कूलेंट या ऐसी का इस्तेमाल करना चाहिए ताकि गाड़ी गर्म न हो. कार के अंदर स्मोकिंग करने से बचें और गैस स्टेशन पर गाड़ी खड़ी करने के दौरान इंजन को बंद कर दें.