Bihar Politics:मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के राज्यसभा जाने के ऐलान से जनता दल यूनाइटेड के कार्यकर्ता सदमे में हैं. 5 मार्च को पूरे बिहार में जेडीयू कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन कर अपना गुस्सा जाहिर किया था. जेडीयू के प्रदेश ऑफिस में तोड़फोड़ की गई थी.गुस्सा आज भी शांत नहीं हुआ है. अब जेडीयू के प्रदेश महासचिव अमरेंद्र दास त्रिलोक मुख्यमंत्री आवास के बाहर आमरण अनशन पर बैठ गए हैं. हाथ में बैनर लेकर वे सीएम नीतीश कुमार से बिहार न छोड़ने की गुहार लगा रहे हैं. उन्होंने कहा कि हम किसी भी हालत में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को दिल्ली नहीं जाने देंगे. अमरेंद्र दास त्रिलोक ने चेतावनी दी कि अगर जरूरत पड़ी तो वे अपनी जान भी दे देंगे, लेकिन मुख्यमंत्री को दिल्ली नहीं जाने देंगे.
सीएम हाउस के सामने धरने पर बैठे अमरेंद्र दास
धरने के दौरान उन्होंने कहा,“हम प्राण दे देंगे लेकिन नीतीश कुमार को दिल्ली नहीं जाने देंगे. उन्होंने बिहार का विकास किया है और उन्हें किसी दबाव में दिल्ली ले जाया जा रहा है.”
प्रतिबंधित क्षेत्र होने के कारण पहुंची पुलिस
सीएम हाउस का इलाका प्रतिबंधित क्षेत्र (Prohibited Area) माना जाता है, जहां किसी भी प्रकार का धरना या प्रदर्शन करने की अनुमति नहीं होती. इसी कारण अमरेंद्र दास को हटाने के लिए पटना पुलिस के जवान मौके पर पहुंचे और स्थिति को नियंत्रित करने की कोशिश की.
पटना में लगे पोस्टर, फैसला बदलने की मांग
इस बीच पटना शहर में कई जगह मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को लेकर पोस्टर भी लगाए गए हैं. इन पोस्टरों में उनसे दिल्ली जाने का फैसला बदलने की अपील की गई है. पोस्टरों को जेडीयू सेवक की ओर से लगाया गया बताया जा रहा है. इनमें एक पोस्टकार्ड अभियान (Postcard Campaign) शुरू करने की बात भी लिखी गई है, जिसके जरिए मुख्यमंत्री से अपना निर्णय बदलने की मांग की जा रही है.
सियासी हलकों में चर्चा तेज
नीतीश कुमार के दिल्ली जाने की चर्चा के बीच जेडीयू नेता का इस तरह धरने पर बैठना राजनीतिक हलकों में चर्चा का विषय बन गया है. अब देखना होगा कि पुलिस और प्रशासन इस मामले में आगे क्या कदम उठाते हैं.