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Home > Uncategorized > शिमला राम मंदिर हॉल में निकाह पर बढ़ा विवाद, हिंदू संगठन ने दी सुअरों की बारात निकालने की चेतावनी, मुस्लिम परिवार ने क्या कहा?

शिमला राम मंदिर हॉल में निकाह पर बढ़ा विवाद, हिंदू संगठन ने दी सुअरों की बारात निकालने की चेतावनी, मुस्लिम परिवार ने क्या कहा?

Shimla Ram Mandir Hall Controversy: हिमाचल प्रदेश के शिमला में राम मंदिर हॉल में मस्लिम युवक की शादी को लेकर विवाद बढ़ता जा रहा है. वहीं इस मामले पर अब सूद सभा के अध्यक्ष राजीव सूद ने स्थिति स्पष्ट करते हुए कहा कि हॉल की बुकिंग नियमों के तहत की गई है और इसमें किसी भी तरह का जाति या धर्म के आधार पर भेदभाव नहीं किया जाता.

Written By: Hasnain Alam
Last Updated: April 7, 2026 22:40:31 IST

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Shimla Ram Mandir Hall: हिमाचल प्रदेश के शिमला में राम मंदिर हॉल को लेकर एक नया विवाद खड़ा हो गया है, जिसने धार्मिक और सामाजिक माहौल को गरमा दिया है. हिंदू संघर्ष समिति के सह संयोजक ने आरोप लगाया है कि राम मंदिर परिसर में मुस्लिम समुदाय के लोगों के सामूहिक निकाह करवाए जा रहे हैं, जिसे उन्होंने बेहद दुर्भाग्यपूर्ण बताया. उन्होंने कहा कि एक ओर मंदिरों को तोड़े जाने के आरोप लगाए जा रहे हैं, वहीं दूसरी ओर मंदिर में ही निकाह जैसे कार्यक्रम आयोजित करना आस्था के खिलाफ है.

समिति के पदाधिकारी ने यह भी आरोप लगाया कि शिमला में मुस्लिम समुदाय द्वारा जबरन कब्जे किए जा रहे हैं और उन्हें संरक्षण दिया जा रहा है. उन्होंने कड़ा रुख अपनाते हुए कहा कि यदि मंदिर में निकाह की अनुमति दी जाती है, तो उन्हें भी मस्जिदों में जागरण करने की अनुमति मिलनी चाहिए. इस मामले को लेकर उन्होंने पुलिस में शिकायत दर्ज कराने की बात भी कही.

‘करवाई जा चुकी हैं 15 से अधिक शादियां’

हिंदू संघर्ष समिति ने सूद सभा पर भी निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि अब तक 15 से अधिक शादियां करवाई जा चुकी हैं और यह सब चंद पैसों के लिए किया गया निर्णय है, जो निंदनीय है. समिति ने चेतावनी दी है कि 10 तारीख से पहले इस निर्णय को वापस लिया जाए, अन्यथा मंदिर से भगवान राम और अन्य देवी-देवताओं की मूर्तियां हटाने की बात कही गई हैं.

समिति के प्रतिनिधि ने भावुक बयान देते हुए कहा कि वे हिंदुत्व की रक्षा के लिए अपनी जान देने से भी पीछे नहीं हटेंगे. इस पूरे मामले ने शिमला में धार्मिक संवेदनशीलता को और बढ़ा दिया है और अब सभी की नजरें प्रशासन के अगले कदम पर टिकी हैं.

सूद सभा अध्यक्ष ने दी सफाई

वहीं इस मामले पर सूद सभा के अध्यक्ष राजीव सूद ने स्थिति स्पष्ट करते हुए कहा कि हॉल की बुकिंग नियमों के तहत की गई है और इसमें किसी भी तरह का जाति या धर्म के आधार पर भेदभाव नहीं किया जाता. उन्होंने बताया कि संबंधित मुस्लिम परिवार ईदगाह क्षेत्र का निवासी है और बुकिंग कराने वाले व्यक्ति को भी चर्चा के लिए बुलाया गया था.

सूद ने यह भी साफ किया कि निकाह मस्जिद में ही होगा, जबकि राम मंदिर हॉल में केवल रिसेप्शन का आयोजन किया जाएगा. उन्होंने कहा कि यह पहली बार नहीं है जब किसी मुस्लिम परिवार का कार्यक्रम यहां आयोजित हो रहा है, इससे पहले भी कई बार ऐसे आयोजन हो चुके हैं.

सुअरों की बारात निकालने की चेतावनी पर क्या कहा?

हिंदू संघर्ष समिति के विरोध और राम मंदिर हॉल में मुंडन तथा सुअरों की बारात निकालने की चेतावनी पर प्रतिक्रिया देते हुए राजीव सूद ने कहा कि कानून-व्यवस्था बनाए रखना प्रशासन की जिम्मेदारी है. उन्होंने दोहराया कि राम मंदिर हॉल और सूद सभा हॉल अलग-अलग हैं और सभी कार्यक्रम निर्धारित नियमों के अंतर्गत ही आयोजित किए जाते हैं. साथ ही उन्होंने स्पष्ट किया कि हॉल में किसी भी समुदाय के लिए मांस और मदिरा परोसने की अनुमति नहीं है.

वहीं, हॉल बुक करने वाले मोहम्मद नासिर और उनकी पत्नी शबाना ने कहा कि उनका परिवार कई पीढ़ियों से शिमला में रह रहा है और वे केवल समाज के लोगों के लिए रिसेप्शन आयोजित कर रहे हैं, जिसमें बड़ी संख्या में हिंदू समाज के लोग भी शामिल होंगे. उन्होंने अपील की कि इस मुद्दे को बेवजह तूल न दिया जाए.

सभी नियमों का पालन किया जाएगा- लड़की की चाची

लड़की की चाची गजाला अनवर ने भी हिंदू संघर्ष समिति से शांति बनाए रखने की अपील करते हुए कहा कि सभी नियमों का पालन किया जाएगा. उन्होंने बताया कि रिसेप्शन में शाकाहारी भोजन ही परोसा जाएगा और कुक भी हिंदू श्रवण शर्मा हैं. गजाला ने यह भी उल्लेख किया कि वर्ष 2005 में उनकी अपनी शादी भी इसी राम मंदिर हॉल में संपन्न हुई थी.

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Written By: Hasnain Alam
Last Updated: April 7, 2026 22:40:31 IST

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Shimla Ram Mandir Hall: हिमाचल प्रदेश के शिमला में राम मंदिर हॉल को लेकर एक नया विवाद खड़ा हो गया है, जिसने धार्मिक और सामाजिक माहौल को गरमा दिया है. हिंदू संघर्ष समिति के सह संयोजक ने आरोप लगाया है कि राम मंदिर परिसर में मुस्लिम समुदाय के लोगों के सामूहिक निकाह करवाए जा रहे हैं, जिसे उन्होंने बेहद दुर्भाग्यपूर्ण बताया. उन्होंने कहा कि एक ओर मंदिरों को तोड़े जाने के आरोप लगाए जा रहे हैं, वहीं दूसरी ओर मंदिर में ही निकाह जैसे कार्यक्रम आयोजित करना आस्था के खिलाफ है.

समिति के पदाधिकारी ने यह भी आरोप लगाया कि शिमला में मुस्लिम समुदाय द्वारा जबरन कब्जे किए जा रहे हैं और उन्हें संरक्षण दिया जा रहा है. उन्होंने कड़ा रुख अपनाते हुए कहा कि यदि मंदिर में निकाह की अनुमति दी जाती है, तो उन्हें भी मस्जिदों में जागरण करने की अनुमति मिलनी चाहिए. इस मामले को लेकर उन्होंने पुलिस में शिकायत दर्ज कराने की बात भी कही.

‘करवाई जा चुकी हैं 15 से अधिक शादियां’

हिंदू संघर्ष समिति ने सूद सभा पर भी निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि अब तक 15 से अधिक शादियां करवाई जा चुकी हैं और यह सब चंद पैसों के लिए किया गया निर्णय है, जो निंदनीय है. समिति ने चेतावनी दी है कि 10 तारीख से पहले इस निर्णय को वापस लिया जाए, अन्यथा मंदिर से भगवान राम और अन्य देवी-देवताओं की मूर्तियां हटाने की बात कही गई हैं.

समिति के प्रतिनिधि ने भावुक बयान देते हुए कहा कि वे हिंदुत्व की रक्षा के लिए अपनी जान देने से भी पीछे नहीं हटेंगे. इस पूरे मामले ने शिमला में धार्मिक संवेदनशीलता को और बढ़ा दिया है और अब सभी की नजरें प्रशासन के अगले कदम पर टिकी हैं.

सूद सभा अध्यक्ष ने दी सफाई

वहीं इस मामले पर सूद सभा के अध्यक्ष राजीव सूद ने स्थिति स्पष्ट करते हुए कहा कि हॉल की बुकिंग नियमों के तहत की गई है और इसमें किसी भी तरह का जाति या धर्म के आधार पर भेदभाव नहीं किया जाता. उन्होंने बताया कि संबंधित मुस्लिम परिवार ईदगाह क्षेत्र का निवासी है और बुकिंग कराने वाले व्यक्ति को भी चर्चा के लिए बुलाया गया था.

सूद ने यह भी साफ किया कि निकाह मस्जिद में ही होगा, जबकि राम मंदिर हॉल में केवल रिसेप्शन का आयोजन किया जाएगा. उन्होंने कहा कि यह पहली बार नहीं है जब किसी मुस्लिम परिवार का कार्यक्रम यहां आयोजित हो रहा है, इससे पहले भी कई बार ऐसे आयोजन हो चुके हैं.

सुअरों की बारात निकालने की चेतावनी पर क्या कहा?

हिंदू संघर्ष समिति के विरोध और राम मंदिर हॉल में मुंडन तथा सुअरों की बारात निकालने की चेतावनी पर प्रतिक्रिया देते हुए राजीव सूद ने कहा कि कानून-व्यवस्था बनाए रखना प्रशासन की जिम्मेदारी है. उन्होंने दोहराया कि राम मंदिर हॉल और सूद सभा हॉल अलग-अलग हैं और सभी कार्यक्रम निर्धारित नियमों के अंतर्गत ही आयोजित किए जाते हैं. साथ ही उन्होंने स्पष्ट किया कि हॉल में किसी भी समुदाय के लिए मांस और मदिरा परोसने की अनुमति नहीं है.

वहीं, हॉल बुक करने वाले मोहम्मद नासिर और उनकी पत्नी शबाना ने कहा कि उनका परिवार कई पीढ़ियों से शिमला में रह रहा है और वे केवल समाज के लोगों के लिए रिसेप्शन आयोजित कर रहे हैं, जिसमें बड़ी संख्या में हिंदू समाज के लोग भी शामिल होंगे. उन्होंने अपील की कि इस मुद्दे को बेवजह तूल न दिया जाए.

सभी नियमों का पालन किया जाएगा- लड़की की चाची

लड़की की चाची गजाला अनवर ने भी हिंदू संघर्ष समिति से शांति बनाए रखने की अपील करते हुए कहा कि सभी नियमों का पालन किया जाएगा. उन्होंने बताया कि रिसेप्शन में शाकाहारी भोजन ही परोसा जाएगा और कुक भी हिंदू श्रवण शर्मा हैं. गजाला ने यह भी उल्लेख किया कि वर्ष 2005 में उनकी अपनी शादी भी इसी राम मंदिर हॉल में संपन्न हुई थी.

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