5 Pre-Marital Medical Tests: शादी इंसान की लाइफ का बेहद अहम फैसला है. यह सिर्फ़ दो लोगों का मिलन नहीं, बल्कि भावनात्मक, सामाजिक, ज़िम्मेदारियों, परिवार बनाने और जीवन भर साथ निभाने का महत्वपूर्ण कदम है. इसलिए भारतीय घरों में जब भी लड़का या लड़की की शादी होती है तो सबसे पहले कुंडली का मिलान किया जाता है. सबकुछ ठीक ठाक होने के बाद ही रिश्ते के लिए आगे बढ़ा जाता है. हालांकि, समय के बदलाव के साथ कुंडली मिलान की अनिवार्यता लगभग समाप्त होती जा रही है. ऐसे लोग शादी के लिए लोग अपनी पसंद का पार्टनर तो चुन लेते हैं, लेकिन शादी के दौरान सेहत को लेकर कुछ गलतियां कर जाते हैं. हेल्थ एक्सपर्ट्स की मानें तो आज के दौर में शादी से पहले जन्म कुंडली मिलाने से मेडिकल कुंडली मिलाना कहीं ज्यादा जरूरी है.
प्रीमैरिटल टेस्ट्स करवाने से संभावित पार्टनर के हेल्थ से जुड़ी सभी जानकारी मिल जाएंगी. कई बीमारियां संबंध बनाने से फैलती हैं और अगर पार्टनर को कोई ऐसी बीमारी हो, तो पहले उसका इलाज करवा लेना चाहिए. जो लोग ऐसा नहीं करवाते हैं उनको ताउम्र परेशानी उठानी पड़ती है. अब सवाल है कि आखिर, शादी से पहले प्रीमैरिटल टेस्ट्स क्यों कराने चाहिए? शादी से पहले कौन-कौन से टेस्ट जरूरी हैं? इस बारे में India News को बता रही हैं नोएडा की मेडिकल ऑफिसर एवं सीनियर गायनेकोलॉजिस्ट डॉ. मीरा पाठक-
शादी से पहले प्रीमैरिटल टेस्ट्स क्यों कराने चाहिए?
डॉक्टर बताती हैं कि, कई लोग शादी तो कर लेते हैं, लेकिन इससे पहले टेस्ट नहीं करवाते हैं. शादी की भागदौड़ में कपल्स मेडिकल टेस्ट न करवा सकें, तो हनीमून से पहले ये टेस्ट जरूर करवा लें. ऐसी शादी जीवनभर के अच्छे रिश्ते की शुरुआत होती है. यह न केवल दो लोगों को एक साथ लाती है, बल्कि दो परिवारों का भी मेल होता है. शादी से पहले प्रीमैरिटल टेस्ट्स कराने से सेहत से जुड़ी परेशानियों का पता लग सकता है और पार्टनर को उस परेशानी से बचने में मदद मिल सकती है.
शादी से पहले कौन-कौन से टेस्ट जरूरी
एचआईवी (HIV): शादी से पहले एचआईवी टेस्ट के जरिए किसी भी व्यक्ति में एचआईवी संक्रमण की जांच होती है. बता दें कि, यह बेहद खतरनाक बीमारी है. अगर एक पार्टनर को एचआईवी है तो शारीरिक संबंध के जरिए दूसरा शख्स भी संक्रमित हो जाता है.
एसटीडी (STD): इस जांच के जरिए किसी भी व्यक्ति में सेक्सुअली ट्रांसमिटेड डिजीज का पता लगाया जाता है. पुरुष और महिला दोनों को शादी से पहले एसटीडी टेस्ट करवाने चाहिए. यदि किसी एक को एसटीडी होने पर यह दूसरे पार्टनर में भी फैल सकती है. इसीलिए हेल्थ एक्सपर्ट शादी से पहले इस टेस्ट को निश्चित रूप से करवाने की सलाह देते हैं.
इनफर्टिलिटी (infertility): इस टेस्ट के जरिए पुरुषों में स्पर्म काउंट और स्पर्म क्वालिटी का पता लगाया जाता है. इनफर्टिलिटी टेस्ट के जरिए यह पता चलता है कि शादी के बाद गर्भधारण में किसी भी कपल को कितना ज्यादा या कम समस्या का सामना करना पड़ सकता है.
जेनेटिक (genetic): शादी से पहले सभी लड़के और लड़की दोनों को जेनेटिक टेस्ट जरूर करवा लेना चाहिए. बता दें कि, इस टेस्ट की मदद से आप अपने होने वाले पार्टनर के अनुवांशिक बीमारियों में जान कर समय रहते इलाज शुरू करवा सकते हैं.
सीबीसी (CBC): कंप्लीट ब्लड काउंट (सीबीसी) टेस्ट के जरिए किसी भी व्यक्ति के ओवर ऑल हेल्थ के बारे में पता लगाया जाता है. इस ब्लड टेस्ट के जरिए एनीमिया, इंफेक्शन और ल्यूकेमिया जैसी बीमारियों का आसानी से पता लगाया जा सकता है. शादी से पहले दोनों पार्टनर को सीबीसी करवाने की सलाह दी जाती है.