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Home > खेल > भारत की 18 साल बेटी ने किया कमाल, जानें कौन हैं उन्नति हुड्डा? जो बन सकती हैं सिंधू और नेहवाल से भी बड़ी स्टार!

भारत की 18 साल बेटी ने किया कमाल, जानें कौन हैं उन्नति हुड्डा? जो बन सकती हैं सिंधू और नेहवाल से भी बड़ी स्टार!

Unnati Hooda:पहला गेम गंवाने के बाद उन्नति ने खुद को संभाला और पूरे फोकस के साथ वापसी की. उन्होंने शानदार डिफेंस दिखाया लंबी रैलियों में खुद को बनाए रखा और खासतौर पर सुपनिदा के फोरकोर्ट में खेले जाने वाले छोटे ड्रॉप शॉट्स को बेहतरीन तरीके से कवर किया.

Written By: Divyanshi Singh
Last Updated: 2026-04-09 15:35:14

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Unnati Hooda: पिछले दस सालों में भारतीय बैडमिंटन ने कई शानदार सितारे दिए हैं साइना नेहवाल, पीवी सिंधु और किदांबी श्रीकांत से लेकर चिराग शेट्टी, सात्विकसाईराज रंकीरेड्डी और लक्ष्य सेन तक. एक और नाम है जिसमें अगले कुछ सालों में इन चमकते बैडमिंटन सितारों की लिस्ट में शामिल होने की क्षमता है हम बात कर रहे हैं 18 साल की भारतीय शटलर उन्नति हुड्डा की जो ग्लोबल स्टेज पर अपना टैलेंट दिखा रही हैं भारत के लिए शानदार प्रदर्शन कर रही हैं.

बैडमिंटन एशिया चैंपियनशिप में थाईलैंड की खिलाड़ी को हराया

भारतीय बैडमिंटन की उभरती सितारा उन्नति हुड्डा ने अपने जज्बे और धैर्य का शानदार प्रदर्शन करते हुए बुधवार को निंगबो में खेले गए बैडमिंटन एशिया चैंपियनशिप में थाईलैंड की मजबूत खिलाड़ी सुपनिदा कातेथोंग को मात दी. यह मुकाबला किसी भी तरह से आसान नहीं था. इसमें न तो चमकदार शॉट्स की भरमार थी और न ही आक्रामक स्ट्रोक्स का प्रदर्शन. बल्कि यह मैच पूरी तरह धैर्य, लगातार मेहनत और लंबी रैलियों को झेलने की क्षमता पर आधारित था.

भारत की 18 साल बेटी ने किया कमाल, जानें कौन हैं उन्नति हुड्डा जो बन सकती है सिंधू और नेहवाल से भी बड़ी स्टार!

72 मिनट तक चला रोमांचक मुकाबला

करीब 72 मिनट तक चले इस मैराथन मुकाबले में उन्नति ने 23-25, 21-8, 21-18 से जीत दर्ज की. हालांकि शुरुआत में वह मुश्किल में फंस गई थीं. पहले गेम में 19-12 की मजबूत बढ़त लेने के बावजूद उन्होंने 4 सेट प्वाइंट गंवा दिए और अंततः 23-25 से गेम हार गईं.लेकिन यहीं से उन्नति की असली ताकत सामने आई.

शानदार वापसी और जबरदस्त डिफेंस

पहला गेम गंवाने के बाद उन्नति ने खुद को संभाला और पूरे फोकस के साथ वापसी की. उन्होंने शानदार डिफेंस दिखाया लंबी रैलियों में खुद को बनाए रखा और खासतौर पर सुपनिदा के फोरकोर्ट में खेले जाने वाले छोटे ड्रॉप शॉट्स को बेहतरीन तरीके से कवर किया.उनकी यही रणनीति दूसरे और तीसरे गेम में काम आई, जहां उन्होंने विरोधी को थकाकर मैच अपने नाम कर लिया.

सिंधु की उत्तराधिकारी बनने की उम्मीद

वर्ल्ड रैंकिंग में 27वें स्थान पर काबिज उन्नति को भारतीय बैडमिंटन का अगला बड़ा चेहरा माना जा रहा है. उन्हें उस नई पीढ़ी का हिस्सा बताया जा रहा है, जो भविष्य में पीवी सिंधु की विरासत को आगे बढ़ा सकती है.हालांकि उनके खेल में अभी भी उतार-चढ़ाव देखने को मिलता है उन्होंने वर्ल्ड जूनियर फाइनल गंवाया था लेकिन इससे पहले चीन में सिंधु को हराकर सबको चौंका भी दिया था.

‘साइना का रिट्रीवल पसंद’

टैलेंटेड उन्नति हुड्डा का सफ़र हरियाणा के रोहतक के छोटू राम स्टेडियम से शुरू हुआ.उन्होंने 2025 में इंडियन एक्सप्रेस से कहा, “मुझे साइना का रिट्रीवल पसंद है सिंधु की अटैकिंग और फॉलो-अप, एन से यंग की फाइटिंग स्पिरिट, ताई त्ज़ु यिंग की चालाकी और रत्चानोक इंतानोन का नेट गेम बहुत अच्छा लगता है.”

12वीं में 93% अंक

2024 और 2025 में BWF वर्ल्ड टूर में खेलने के बावजूद उन्नति हुड्डा ने अपनी 12वीं की परीक्षा में 93% अंक हासिल किए.

छोटू राम स्टेडियम से की ट्रेनिंग

रोहतक का छोटू राम स्टेडियम अपनी कुश्ती की काबिलियत के लिए जाना जाता है. ओलंपिक ब्रॉन्ज मेडलिस्ट साक्षी मलिक उन एथलीट्स में से हैं जिन्होंने वहां ट्रेनिंग ली है.हालांकि परवेश कुमार इसी स्टेडियम में एक बैडमिंटन एकेडमी चलाते थे, और वहीं से उन्नति हुड्डा ने इस खेल की बारीकियां सीखना शुरू किया.

रोहतक के चमारिया गांव में जन्म

उन्नति हुड्डा का जन्म 20 सितंबर 2007 को रोहतक के चमारिया गांव में हुआ था. उनके पिता उपकार को बैडमिंटन का बहुत शौक था. जब उन्नति सात साल की थीं तो उन्होंने अपनी बेटी का एडमिशन एकेडमी में करा दिया. उपकार ने द इंडियन एक्सप्रेस को बताया “हमारे परिवार के ज़्यादातर सदस्य पढ़ाई-लिखाई के क्षेत्र से जुड़े हैं. इसलिए हम चाहते थे कि उन्नति कुछ नया करे.”

पिता ने छोड़ी नौकरी

उपकार ने जल्द ही अपनी नौकरी छोड़ दी और अपनी बेटी के साथ देश भर में अलग-अलग स्टेट और नेशनल लेवल के टूर्नामेंट में जाने लगे. उन्नति हुड्डा ने 2019 में U-15 नेशनल चैंपियन बनने से पहले 2018 में U-13 नेशनल चैंपियनशिप में ब्रॉन्ज़ मेडल जीता.उन्नति हुड्डा न सिर्फ एक कॉम्पिटिटिव प्लेयर थीं बल्कि खुद के लिए एक मजबूत एडवोकेट भी थीं.

सबसे कम उम्र की भारतीय शटलर

उन्नति हुड्डा ने कम उम्र में ही भारतीय बैडमिंटन में बड़ा इतिहास रच दिया. जनवरी 2022 में ओडिशा ओपन (Super 100 BWF World Tour) में उन्होंने शानदार प्रदर्शन करते हुए क्वार्टरफाइनल में सामिया फारूकी और सेमीफाइनल में मालविका बंसोड़ को हराया. फाइनल में स्मित तोशनीवाल को सीधे गेम में हराकर उन्होंने खिताब अपने नाम किया और महज 14 साल की उम्र में यह उपलब्धि हासिल करने वाली सबसे कम उम्र की भारतीय शटलर बन गईं. इस जीत के बाद उनकी चर्चा पूरे देश में होने लगी और चयन ट्रायल के आधार पर उन्हें उबेर कप टीम में भी जगह मिली.

पी. वी. सिंधु को हराया

उन्नति शुरू से ही पी. वी. सिंधु की बड़ी फैन रही हैं और उनके खेल से प्रेरित होकर आगे बढ़ीं. 2024 में सैयद मोदी इंटरनेशनल में उन्हें सिंधु से हार का सामना करना पड़ा लेकिन 2025 के चाइना ओपन में उन्होंने शानदार वापसी करते हुए सिंधु को हराकर अपनी प्रगति साबित की. 

खेलो इंडिया यूथ गेम्स 2022 में भी उन्नति हुड्डा ने अपना दम दिखाया और अदिति भट्ट व तसनीम मीर को हराकर स्वर्ण पदक जीता. खास बात यह रही कि फाइनल में 10-18 से पीछे होने के बावजूद उन्होंने शानदार वापसी करते हुए मैच अपने नाम किया. साल 2022 में उनकी रैंकिंग 418 से बढ़कर 217 तक पहुंच गई और 2023 के अंत तक वह टॉप-100 में शामिल हो गईं. अक्टूबर 2023 में अबू धाबी मास्टर्स जीतकर उन्होंने अपना दूसरा सीनियर खिताब भी हासिल किया जिससे यह साफ हो गया कि वह भारतीय बैडमिंटन की भविष्य की बड़ी स्टार हैं.

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Last Updated: 2026-04-09 15:35:14

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Unnati Hooda: पिछले दस सालों में भारतीय बैडमिंटन ने कई शानदार सितारे दिए हैं साइना नेहवाल, पीवी सिंधु और किदांबी श्रीकांत से लेकर चिराग शेट्टी, सात्विकसाईराज रंकीरेड्डी और लक्ष्य सेन तक. एक और नाम है जिसमें अगले कुछ सालों में इन चमकते बैडमिंटन सितारों की लिस्ट में शामिल होने की क्षमता है हम बात कर रहे हैं 18 साल की भारतीय शटलर उन्नति हुड्डा की जो ग्लोबल स्टेज पर अपना टैलेंट दिखा रही हैं भारत के लिए शानदार प्रदर्शन कर रही हैं.

बैडमिंटन एशिया चैंपियनशिप में थाईलैंड की खिलाड़ी को हराया

भारतीय बैडमिंटन की उभरती सितारा उन्नति हुड्डा ने अपने जज्बे और धैर्य का शानदार प्रदर्शन करते हुए बुधवार को निंगबो में खेले गए बैडमिंटन एशिया चैंपियनशिप में थाईलैंड की मजबूत खिलाड़ी सुपनिदा कातेथोंग को मात दी. यह मुकाबला किसी भी तरह से आसान नहीं था. इसमें न तो चमकदार शॉट्स की भरमार थी और न ही आक्रामक स्ट्रोक्स का प्रदर्शन. बल्कि यह मैच पूरी तरह धैर्य, लगातार मेहनत और लंबी रैलियों को झेलने की क्षमता पर आधारित था.

भारत की 18 साल बेटी ने किया कमाल, जानें कौन हैं उन्नति हुड्डा जो बन सकती है सिंधू और नेहवाल से भी बड़ी स्टार!

72 मिनट तक चला रोमांचक मुकाबला

करीब 72 मिनट तक चले इस मैराथन मुकाबले में उन्नति ने 23-25, 21-8, 21-18 से जीत दर्ज की. हालांकि शुरुआत में वह मुश्किल में फंस गई थीं. पहले गेम में 19-12 की मजबूत बढ़त लेने के बावजूद उन्होंने 4 सेट प्वाइंट गंवा दिए और अंततः 23-25 से गेम हार गईं.लेकिन यहीं से उन्नति की असली ताकत सामने आई.

शानदार वापसी और जबरदस्त डिफेंस

पहला गेम गंवाने के बाद उन्नति ने खुद को संभाला और पूरे फोकस के साथ वापसी की. उन्होंने शानदार डिफेंस दिखाया लंबी रैलियों में खुद को बनाए रखा और खासतौर पर सुपनिदा के फोरकोर्ट में खेले जाने वाले छोटे ड्रॉप शॉट्स को बेहतरीन तरीके से कवर किया.उनकी यही रणनीति दूसरे और तीसरे गेम में काम आई, जहां उन्होंने विरोधी को थकाकर मैच अपने नाम कर लिया.

सिंधु की उत्तराधिकारी बनने की उम्मीद

वर्ल्ड रैंकिंग में 27वें स्थान पर काबिज उन्नति को भारतीय बैडमिंटन का अगला बड़ा चेहरा माना जा रहा है. उन्हें उस नई पीढ़ी का हिस्सा बताया जा रहा है, जो भविष्य में पीवी सिंधु की विरासत को आगे बढ़ा सकती है.हालांकि उनके खेल में अभी भी उतार-चढ़ाव देखने को मिलता है उन्होंने वर्ल्ड जूनियर फाइनल गंवाया था लेकिन इससे पहले चीन में सिंधु को हराकर सबको चौंका भी दिया था.

‘साइना का रिट्रीवल पसंद’

टैलेंटेड उन्नति हुड्डा का सफ़र हरियाणा के रोहतक के छोटू राम स्टेडियम से शुरू हुआ.उन्होंने 2025 में इंडियन एक्सप्रेस से कहा, “मुझे साइना का रिट्रीवल पसंद है सिंधु की अटैकिंग और फॉलो-अप, एन से यंग की फाइटिंग स्पिरिट, ताई त्ज़ु यिंग की चालाकी और रत्चानोक इंतानोन का नेट गेम बहुत अच्छा लगता है.”

12वीं में 93% अंक

2024 और 2025 में BWF वर्ल्ड टूर में खेलने के बावजूद उन्नति हुड्डा ने अपनी 12वीं की परीक्षा में 93% अंक हासिल किए.

छोटू राम स्टेडियम से की ट्रेनिंग

रोहतक का छोटू राम स्टेडियम अपनी कुश्ती की काबिलियत के लिए जाना जाता है. ओलंपिक ब्रॉन्ज मेडलिस्ट साक्षी मलिक उन एथलीट्स में से हैं जिन्होंने वहां ट्रेनिंग ली है.हालांकि परवेश कुमार इसी स्टेडियम में एक बैडमिंटन एकेडमी चलाते थे, और वहीं से उन्नति हुड्डा ने इस खेल की बारीकियां सीखना शुरू किया.

रोहतक के चमारिया गांव में जन्म

उन्नति हुड्डा का जन्म 20 सितंबर 2007 को रोहतक के चमारिया गांव में हुआ था. उनके पिता उपकार को बैडमिंटन का बहुत शौक था. जब उन्नति सात साल की थीं तो उन्होंने अपनी बेटी का एडमिशन एकेडमी में करा दिया. उपकार ने द इंडियन एक्सप्रेस को बताया “हमारे परिवार के ज़्यादातर सदस्य पढ़ाई-लिखाई के क्षेत्र से जुड़े हैं. इसलिए हम चाहते थे कि उन्नति कुछ नया करे.”

पिता ने छोड़ी नौकरी

उपकार ने जल्द ही अपनी नौकरी छोड़ दी और अपनी बेटी के साथ देश भर में अलग-अलग स्टेट और नेशनल लेवल के टूर्नामेंट में जाने लगे. उन्नति हुड्डा ने 2019 में U-15 नेशनल चैंपियन बनने से पहले 2018 में U-13 नेशनल चैंपियनशिप में ब्रॉन्ज़ मेडल जीता.उन्नति हुड्डा न सिर्फ एक कॉम्पिटिटिव प्लेयर थीं बल्कि खुद के लिए एक मजबूत एडवोकेट भी थीं.

सबसे कम उम्र की भारतीय शटलर

उन्नति हुड्डा ने कम उम्र में ही भारतीय बैडमिंटन में बड़ा इतिहास रच दिया. जनवरी 2022 में ओडिशा ओपन (Super 100 BWF World Tour) में उन्होंने शानदार प्रदर्शन करते हुए क्वार्टरफाइनल में सामिया फारूकी और सेमीफाइनल में मालविका बंसोड़ को हराया. फाइनल में स्मित तोशनीवाल को सीधे गेम में हराकर उन्होंने खिताब अपने नाम किया और महज 14 साल की उम्र में यह उपलब्धि हासिल करने वाली सबसे कम उम्र की भारतीय शटलर बन गईं. इस जीत के बाद उनकी चर्चा पूरे देश में होने लगी और चयन ट्रायल के आधार पर उन्हें उबेर कप टीम में भी जगह मिली.

पी. वी. सिंधु को हराया

उन्नति शुरू से ही पी. वी. सिंधु की बड़ी फैन रही हैं और उनके खेल से प्रेरित होकर आगे बढ़ीं. 2024 में सैयद मोदी इंटरनेशनल में उन्हें सिंधु से हार का सामना करना पड़ा लेकिन 2025 के चाइना ओपन में उन्होंने शानदार वापसी करते हुए सिंधु को हराकर अपनी प्रगति साबित की. 

खेलो इंडिया यूथ गेम्स 2022 में भी उन्नति हुड्डा ने अपना दम दिखाया और अदिति भट्ट व तसनीम मीर को हराकर स्वर्ण पदक जीता. खास बात यह रही कि फाइनल में 10-18 से पीछे होने के बावजूद उन्होंने शानदार वापसी करते हुए मैच अपने नाम किया. साल 2022 में उनकी रैंकिंग 418 से बढ़कर 217 तक पहुंच गई और 2023 के अंत तक वह टॉप-100 में शामिल हो गईं. अक्टूबर 2023 में अबू धाबी मास्टर्स जीतकर उन्होंने अपना दूसरा सीनियर खिताब भी हासिल किया जिससे यह साफ हो गया कि वह भारतीय बैडमिंटन की भविष्य की बड़ी स्टार हैं.

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