ASP Anuj Chaudhary Dhurandhar 2 Statement: यह मामला एक सरकारी अधिकारी की अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और पुलिस की नैतिक जिम्मेदारी के बीच के टकराव को दर्शाता है, ASP अनुज चौधरी का मानना है कि अतीक अहमद जैसे अपराधियों का महिमामंडन नहीं होना चाहिए और ‘धुरंधर-2’ जैसी फिल्में युवाओं को अपराध की असलियत और उसके अंजाम से रूबरू कराती हैं उनके अनुसार, जांच में अतीक के राष्ट्रविरोधी गतिविधियों में शामिल होने के प्रमाण मिले थे, सोशल मीडिया पर एक वर्ग का तर्क है कि 15 अप्रैल 2023 को प्रयागराज में अतीक और अशरफ की पुलिस कस्टडी में हुई हत्या यूपी पुलिस के लिए एक बड़ा ‘दाग’ है, ऐसे में किसी अधिकारी द्वारा फिल्म का समर्थन करना उस ‘विफलता’ से ध्यान भटकाने की कोशिश जैसा लग रहा है, ‘धुरंधर-2’ को लेकर यह बहस छिड़ गई है कि क्या यह फिल्म वास्तव में तथ्यों पर आधारित है या किसी खास एजेंडे के तहत बनाई गई है, क्या देशभक्ति का पैमाना केवल एक फिल्म देखना रह गया है? एक जिम्मेदार पद पर रहते हुए किसी राजनीतिक या विवादास्पद फिल्म का खुलकर समर्थन करना प्रशासनिक सेवा नियमावली (Service Rules) के नजरिए से भी चर्चा का विषय बन गया है.
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