Live
Search
HomeVideosChirag Paswan का रमजान में दिल्ली में शराब बंदी की मांग पर ‘विस्फोटक’ बयान, क्यों किया अपील को खारिज?

Chirag Paswan का रमजान में दिल्ली में शराब बंदी की मांग पर ‘विस्फोटक’ बयान, क्यों किया अपील को खारिज?

Written By: Aksha Choudhary
Last Updated: 2026-02-23 14:37:27

Chirag Paswan on Liquor Ban: रमजान 2026 की शुरुआत के साथ ही दिल्ली में शराब बंदी की मांग ने राजनीतिक गलियारों में उबाल ला दिया है, कुछ मुस्लिम संगठनों ने तर्क दिया था कि यदि सावन के दौरान मीट की दुकानें बंद कराई जा सकती हैं, तो रमजान में शराब की बिक्री पर भी रोक लगनी चाहिए, इस मांग पर चिराग पासवान (Chirag Paswan) ने 'सेंस ऑफ ह्यूमर' और 'सख्ती' के साथ जवाब देते हुए कहा, "कौन क्या खाएगा और क्या पिएगा, यह व्यक्ति विशेष की अपनी स्वतंत्रता है, किसी भी त्यौहार, चाहे वो हिंदू हो या मुस्लिम, उसके नाम पर इस तरह की पाबंदी लगाना व्यक्तिगत स्वतंत्रता का हनन है" उन्होंने आगे कहा कि एक मंत्री के तौर पर उनकी जिम्मेदारी खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता सुनिश्चित करना है, ना कि यह तय करना कि लोग कब क्या खाएं, चिराग ने स्पष्ट किया कि इसमें राजनीति नहीं होनी चाहिए और उनकी पार्टी हमेशा व्यक्तिगत चयन (Personal Choice) के समर्थन में खड़ी रहेगी.


दिल्ली में मुस्लिम संगठनों द्वारा सावन में मीट बैन की तर्ज पर रमजान के दौरान शराब बंदी की मांग की गई थी, इस पर केंद्र सरकार में खाद्य प्रसंस्करण मंत्री चिराग पासवान (Chirag Paswan) ने तीखी प्रतिक्रिया दी है, उन्होंने साफ कर दिया कि उनकी पार्टी और वे खुद इस तरह के किसी भी प्रतिबंध के पक्ष में नहीं हैं, चिराग ने इसे व्यक्तिगत स्वतंत्रता का विषय बताते हुए कहा कि त्योहारों के नाम पर खाने-पीने की चीजों पर रोक लगाना सही नहीं है.

MORE NEWS

HomeVideosChirag Paswan का रमजान में दिल्ली में शराब बंदी की मांग पर ‘विस्फोटक’ बयान, क्यों किया अपील को खारिज?

Written By: Aksha Choudhary
Last Updated: 2026-02-23 14:37:27


दिल्ली में मुस्लिम संगठनों द्वारा सावन में मीट बैन की तर्ज पर रमजान के दौरान शराब बंदी की मांग की गई थी, इस पर केंद्र सरकार में खाद्य प्रसंस्करण मंत्री चिराग पासवान (Chirag Paswan) ने तीखी प्रतिक्रिया दी है, उन्होंने साफ कर दिया कि उनकी पार्टी और वे खुद इस तरह के किसी भी प्रतिबंध के पक्ष में नहीं हैं, चिराग ने इसे व्यक्तिगत स्वतंत्रता का विषय बताते हुए कहा कि त्योहारों के नाम पर खाने-पीने की चीजों पर रोक लगाना सही नहीं है.

MORE NEWS