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जब ड्राइवर ने निभाया इंसानियत का धर्म, अब बस की आवाज पहचान लेते हैं ये बेज़ुबान, प्यार और देखभाल की दास्तान!

Written By: Aksha Choudhary
Last Updated: 2026-03-24 13:50:49

हिमाचल रोडवेज (HRTC) के ड्राइवर मिस्टर शर्मा इन दिनों अपनी दरियादिली के लिए चर्चा में हैं, अपनी थका देने वाली लंबी ड्यूटी के बावजूद, वे कभी भी सड़क किनारे रहने वाले कुत्तों और पिल्लों को खाना खिलाना नहीं भूलते,वे रोज़ाना अपने साथ एक्स्ट्रा भोजन ले जाते हैं और बिना किसी दिखावे के उन बेज़ुबानों का पेट भरते हैं, उनकी इस निरंतर सेवा का नतीजा यह है कि अब वे मासूम जानवर ना केवल उन्हें, बल्कि उनकी बस को भी पहचानने लगे हैं और उनके आने का बेसब्री से इंतज़ार करते हैं.


HRTC Driver Kindness Viral Story 2026: आज की भागदौड़ भरी ज़िंदगी में जहां लोगों के पास अपनों के लिए वक्त नहीं है, वहीं हिमाचल रोडवेज के ड्राइवर मिस्टर शर्मा ने मानवता की एक नई परिभाषा लिखी है, उनकी कहानी हमें याद दिलाती है कि दयालुता दिखाने के लिए अमीर होना या खाली समय होना ज़रूरी नहीं है, बल्कि सिर्फ एक साफ नीयत की ज़रूरत होती है, मिस्टर शर्मा अपनी हर ट्रिप के दौरान कुछ समय उन बेज़ुबानों के लिए निकालते हैं जिन्हें अक्सर समाज नजरअंदाज कर देता है, वे हर रोज बिना किसी स्वार्थ के सड़क किनारे रहने वाले सामुदायिक कुत्तों (Community Dogs) को खाना खिलाते हैं, समय के साथ उन बेज़ुबानों और शर्मा जी के बीच एक अटूट विश्वास का रिश्ता बन गया है, जैसे ही हिमाचल रोडवेज की वह परिचित बस आती है, ये मासूम जीव उम्मीद के साथ उसकी ओर दौड़ पड़ते हैं, मिस्टर शर्मा का यह छोटा सा कदम यह संदेश देता है कि अगर एक ड्राइवर जैसा व्यस्त इंसान अपनी ज़िम्मेदारियों के बीच दयालुता के लिए जगह बना सकता है, तो हम सब भी ऐसा कर सकते हैं हमें बस ज़रूरत है तो इन बेज़ुबान जीवों के प्रति थोड़ा नरम दिल होने की है.

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Written By: Aksha Choudhary
Last Updated: 2026-03-24 13:50:49


HRTC Driver Kindness Viral Story 2026: आज की भागदौड़ भरी ज़िंदगी में जहां लोगों के पास अपनों के लिए वक्त नहीं है, वहीं हिमाचल रोडवेज के ड्राइवर मिस्टर शर्मा ने मानवता की एक नई परिभाषा लिखी है, उनकी कहानी हमें याद दिलाती है कि दयालुता दिखाने के लिए अमीर होना या खाली समय होना ज़रूरी नहीं है, बल्कि सिर्फ एक साफ नीयत की ज़रूरत होती है, मिस्टर शर्मा अपनी हर ट्रिप के दौरान कुछ समय उन बेज़ुबानों के लिए निकालते हैं जिन्हें अक्सर समाज नजरअंदाज कर देता है, वे हर रोज बिना किसी स्वार्थ के सड़क किनारे रहने वाले सामुदायिक कुत्तों (Community Dogs) को खाना खिलाते हैं, समय के साथ उन बेज़ुबानों और शर्मा जी के बीच एक अटूट विश्वास का रिश्ता बन गया है, जैसे ही हिमाचल रोडवेज की वह परिचित बस आती है, ये मासूम जीव उम्मीद के साथ उसकी ओर दौड़ पड़ते हैं, मिस्टर शर्मा का यह छोटा सा कदम यह संदेश देता है कि अगर एक ड्राइवर जैसा व्यस्त इंसान अपनी ज़िम्मेदारियों के बीच दयालुता के लिए जगह बना सकता है, तो हम सब भी ऐसा कर सकते हैं हमें बस ज़रूरत है तो इन बेज़ुबान जीवों के प्रति थोड़ा नरम दिल होने की है.

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