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HomeVideosयूनिवर्सिटी की छात्राओं ने सिखाया नागरिक धर्म, पढ़ाई के बीच शहर की सफाई कर बनीं मिसाल, श्रीनगर गढ़वाल में हो रही है वाह-वाह!

यूनिवर्सिटी की छात्राओं ने सिखाया नागरिक धर्म, पढ़ाई के बीच शहर की सफाई कर बनीं मिसाल, श्रीनगर गढ़वाल में हो रही है वाह-वाह!

Written By: Aksha Choudhary
Last Updated: 2026-03-16 12:26:37

श्रीनगर गढ़वाल (उत्तराखंड) में H.N.B. गढ़वाल यूनिवर्सिटी की दो छात्राओं ने अपनी पढ़ाई के व्यस्त समय में से वक्त निकालकर शहर के सार्वजनिक स्थलों को साफ करने का बीड़ा उठाया है,जहां आज की पीढ़ी 'रील्स' और सोशल मीडिया में डूबी है, वहीं इन बहनों ने हाथों में दस्ताने और झाड़ू थामकर स्वच्छता का पाठ पढ़ाया है.


HNB Garhwal University Students Cleaning City: उत्तराखंड के श्रीनगर स्थित हेमवती नंदन H.N.B. गढ़वाल यूनिवर्सिटी की दो छात्राओं ने अपनी एक छोटी सी लेकिन बेहद प्रभावशाली पहल से पूरे समाज का ध्यान खींचा है, ये दोनों बहनें अक्सर अपनी पढ़ाई पूरी करने के बाद शहर की उन जगहों पर पहुंच जाती हैं जहां लोग अक्सर कूड़ा फैलाकर छोड़ देते हैं, आज के दौर में जब युवा सार्वजनिक स्थानों पर कूड़ा फैलाना अपनी शान समझते हैं या दिनभर मोबाइल पर रील्स देखते रहते हैं, इन छात्राओं ने जमीन पर उतरकर काम करने का फैसला किया, उनकी इस मेहनत का उद्देश्य केवल सफाई करना नहीं, बल्कि लोगों की मानसिकता को बदलना है, वे समाज को यह सिखा रही हैं कि असली ‘इन्फ्लुएंसर’ वो नहीं जिनके लाखों फॉलोअर्स हैं, बल्कि वो हैं जो अपने कार्यों से समाज में सकारात्मक बदलाव लाते हैं, श्रीनगर की जनता और विश्वविद्यालय प्रशासन इन बेटियों के इस जज्बे की सराहना कर रहा है.

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Written By: Aksha Choudhary
Last Updated: 2026-03-16 12:26:37


HNB Garhwal University Students Cleaning City: उत्तराखंड के श्रीनगर स्थित हेमवती नंदन H.N.B. गढ़वाल यूनिवर्सिटी की दो छात्राओं ने अपनी एक छोटी सी लेकिन बेहद प्रभावशाली पहल से पूरे समाज का ध्यान खींचा है, ये दोनों बहनें अक्सर अपनी पढ़ाई पूरी करने के बाद शहर की उन जगहों पर पहुंच जाती हैं जहां लोग अक्सर कूड़ा फैलाकर छोड़ देते हैं, आज के दौर में जब युवा सार्वजनिक स्थानों पर कूड़ा फैलाना अपनी शान समझते हैं या दिनभर मोबाइल पर रील्स देखते रहते हैं, इन छात्राओं ने जमीन पर उतरकर काम करने का फैसला किया, उनकी इस मेहनत का उद्देश्य केवल सफाई करना नहीं, बल्कि लोगों की मानसिकता को बदलना है, वे समाज को यह सिखा रही हैं कि असली ‘इन्फ्लुएंसर’ वो नहीं जिनके लाखों फॉलोअर्स हैं, बल्कि वो हैं जो अपने कार्यों से समाज में सकारात्मक बदलाव लाते हैं, श्रीनगर की जनता और विश्वविद्यालय प्रशासन इन बेटियों के इस जज्बे की सराहना कर रहा है.

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