Kalkaji Temple VIP Culture Controversy 2026: यह घटना हमारी आस्था के केंद्रों में गहरे पैठ कर चुके विशेषाधिकार (Privilege) के संकट को उजागर करती है, अपनी मां के साथ बड़ी श्रद्धा लेकर कालकाजी मंदिर पहुंची एक लड़की को तब गहरा झटका लगा जब उसने देखा कि आस्था का बाजार सज चुका है, जहां एक तरफ रसूखदार लोग बिना किसी परेशानी के भगवान के दर्शन कर रहे थे, वहीं दूसरी तरफ साधारण भक्त बुजुर्ग और महिलाएं भीड़ में पिस रहे थे, लड़की ने अपना दर्द साझा करते हुए मंदिर की तुलना शिक्षा और नौकरियों के कोटे से कर दी और कहा कि यहां की VIP एंट्री किसी ‘EWS रिजर्वेशन’ से कम नहीं लगती, यह विडंबना ही है कि जिस ईश्वर की नज़र में सब बराबर हैं, उसी के घर के बाहर इंसानों ने ‘पैसों और पहुंच’ की दीवार खड़ी कर दी है, आम भक्तों के पास ना तो बैठने की व्यवस्था थी और ना ही सुचारु दर्शन की मंदिर समितियों का यह रवैया ना केवल श्रद्धा को ठेस पहुंचता है, बल्कि उन हजारों लोगों का अपमान है जो मीलों दूर से अपनी आखिरी उम्मीद लेकर यहां पहुंचते हैं.
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