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HomeVideosइंसान नहीं मशीन बनाएगी प्रसाद, JCB से भैरूजी मेले के लिए तैयार हो रहा है 651 किलो प्रसाद चूरमा!

इंसान नहीं मशीन बनाएगी प्रसाद, JCB से भैरूजी मेले के लिए तैयार हो रहा है 651 किलो प्रसाद चूरमा!

Written By: Aksha Choudhary
Last Updated: 2026-01-29 18:14:27

जयपुर के पास कोटपूतली के कुहाड़ा गांव में आस्था का अद्भुत नजारा देखने को मिल रहा है, यहां छापाला भैरूजी मंदिर के लक्खी मेले के लिए 651 क्विंटल (65,100 किलो) चूरमा तैयार किया जा रहा है, 30 जनवरी को होने वाले इस मेले में करीब ढाई लाख श्रद्धालुओं के आने की उम्मीद है, इतनी बड़ी मात्रा में प्रसाद बनाने के लिए JCB और थ्रेशर जैसी मशीनों का सहारा लिया जा रहा है, जो इस आयोजन को राजस्थान की सबसे अनोखी परंपराओं में से एक बनाता है.


Kotputli Lakhi Mela 2026: राजस्थान की पावन धरा पर आस्था और श्रद्धा का एक ऐसा अद्भुत नज़ारा देखने को मिल रहा है, जिसने सबको हैरान कर दिया है, जयपुर से करीब 105 किलोमीटर दूर कोटपूतली के कुहाड़ा गांव में स्थित छापाला भैरूजी मंदिर में 30 जनवरी को आयोजित होने वाले लक्खी मेले के लिए रिकॉर्ड तोड़ तैयारियां चल रही हैं, इस मेले की सबसे खास बात तैयार होने वाला 651 क्विंटल (65,100 किलो) चूरमा है, यह आयोजन इतना बड़ा है कि यहां चूल्हे और कढ़ाइयां छोटी पड़ गई हैं, इस महाप्रसाद को तैयार करने के लिए JCB मशीनों, ट्रैक्टर-ट्रॉलियों और थ्रेशर का उपयोग किया जा रहा है, भारी मात्रा में आटे, घी और चीनी को मिलाने के लिए मशीनों का सहारा लिया जा रहा है ताकि 30 जनवरी को आने वाले लगभग ढाई लाख श्रद्धालुओं को प्रसाद वितरित किया जा सके.

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Last Updated: 2026-01-29 18:14:27


Kotputli Lakhi Mela 2026: राजस्थान की पावन धरा पर आस्था और श्रद्धा का एक ऐसा अद्भुत नज़ारा देखने को मिल रहा है, जिसने सबको हैरान कर दिया है, जयपुर से करीब 105 किलोमीटर दूर कोटपूतली के कुहाड़ा गांव में स्थित छापाला भैरूजी मंदिर में 30 जनवरी को आयोजित होने वाले लक्खी मेले के लिए रिकॉर्ड तोड़ तैयारियां चल रही हैं, इस मेले की सबसे खास बात तैयार होने वाला 651 क्विंटल (65,100 किलो) चूरमा है, यह आयोजन इतना बड़ा है कि यहां चूल्हे और कढ़ाइयां छोटी पड़ गई हैं, इस महाप्रसाद को तैयार करने के लिए JCB मशीनों, ट्रैक्टर-ट्रॉलियों और थ्रेशर का उपयोग किया जा रहा है, भारी मात्रा में आटे, घी और चीनी को मिलाने के लिए मशीनों का सहारा लिया जा रहा है ताकि 30 जनवरी को आने वाले लगभग ढाई लाख श्रद्धालुओं को प्रसाद वितरित किया जा सके.

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