Metro Women Coach Misbehavior 2026: यह घटना हमारे समाज के लिए एक ‘वेक-अप कॉल’ है मेट्रो जैसे सार्वजनिक स्थल पर जहां अनुशासन की उम्मीद की जाती है, वहां नाबालिग लड़कियों का यह व्यवहार डराने वाला है, जब महिला ने उन्हें शालीनता बनाए रखने और शोर ना मचाने की सलाह दी तो उन लड़कियों ने जो प्रतिक्रिया दी, वह किसी भी सभ्य इंसान की सोच से परे थी, उन लड़कियों की जुबान से निकलने वाली गालियां इतनी भद्दी थीं कि वहां मौजूद अन्य यात्री भी शर्मिंदा हो गए, यह साफ दिखाता है कि अब बड़ों का सम्मान करने जैसी चीजें खत्म होती जा रही हैं, आज की पीढ़ी जिस तरह के कंटेंट और भाषा को इंटरनेट पर देख रही है, उसका असर उनकी असल जिंदगी में साफ झलक रहा है, गाली देना अब उनके लिए ‘शक्ति प्रदर्शन’ या ‘कूल’ दिखने का जरिया बन गया है, यह सिर्फ उन लड़कियों की गलती नहीं है, बल्कि यह उस परवरिश और वातावरण पर भी सवाल उठाता है जहां उन्हें ऐसी भाषा बोलने की छूट या प्रेरणा मिली अगर इस उम्र में बच्चों की सोच इतनी ‘जहरीली’ हो चुकी है, तो भविष्य की कल्पना करना भी मुश्किल है प्रशासन और समाज दोनों को इस ‘मानसिक महामारी’ पर गंभीरता से विचार करना होगा.
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