ग्वालियर में योग मुद्राओं में महिलाओं की तस्वीरों के साथ छेड़छाड़ की घटना की वीडियो वायरल हो रही है, जिसे देख लोगों की नाराजगी देखने को मिल रही है. महिलाओं की सुरक्षा पर भी सवाल उठ रहे हैं.
Women Yoga murals
Viral Video: मध्य प्रदेश की स्मार्ट सिटी कहा जाने वाला शहर ग्वालियर में इंसानियत को शर्मसार करने वाली खबर सामने आई है. शहर में सड़क किनारे एक दीवार पर महिलाओं के योग करते हुए सिलुएट वाली पेंटिंग्स बनी थीं. इन पेंटिंग्स को जानबूझकर खरोंचों और निशानों से खराब कर दिया गया. महिलाओं की आकृतियों के चेहरों और शरीर को टारगेट किया गया है. ऐसी हरकत कोई शरारत नहीं बल्कि लैंगिक भेदभाव के एक गहरे मुद्दे की ओर इशारा करता है. इसकी वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गई, जिसके बाद लोगों में गुस्सा फैल गया और नागरिक भावना, सार्वजनिक संपत्ति के प्रति सम्मान पर सवाल उठने लगे.
खास बात ये है कि इन पेंटिंग्स में अलग-अलग योग मुद्राओं में महिलाओं के सादे काले सिलुएट बने थे, जिनमें चेहरे नहीं थे. इन्हें “स्मार्ट सिटी” पहल के तहत शहर की सड़कों को सुंदर बनाने और स्वास्थ्य और फिटनेस को बढ़ावा देने के लिए बनाया गया था. ये नुकसान कोई सामान्य नहीं थी. आकृतियों में शरीर के खास हिस्सों को टारगेट किया गया था और कलाकृति को सेक्शुअलाइज़ करने के लिए खरोंच और निशान लगाए गए थे. इसकी वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुई तो लोगों में नाराजगी देखने को मिली.
लोगों के गुस्से को देखते हुए एक स्थानीय निवासी ने खुद पहल करके म्यूरल्स के खराब हिस्सों को दोबारा पेंट करके ठीक किया. इसकी वीडियो भी इंस्टाग्राम पर तेजी से वायरल हो रही है. वीडियो में देखा जा सकता है कि खराब की गई पेंटिंग्स को फिर से ठीक किया जा रहा है. वहीं अधिकारी अभी तक ऐसी हरकत करने वालों की पहचान नहीं कर पाए हैं.
दोबारा पेंटिंग करने को एक अच्छा कदम बताया जा रही है लेकिन कई ऑनलाइन यूजर्स इसे बड़ी चुनौती मान रहे हैं. यूजर्स ऑनलाइन पेंटिंग को अच्छा कदम बता रहे हैं. वहीं कुछ लोग ऐसी हरकत करने वालों की मानसिकता पर सवाल उठा रहे हैं. ऑनलाइन यूज़र्स ने कहा कि दीवार ठीक करना तो आसान है, लेकिन सोच बदलना कहीं ज़्यादा बड़ी चुनौती है. एक यूजर ने कमेंट कर कहा कि उन्हें महिलाओं की पेंटिंग दोबारा बनानी चाहिए और सबको बताना चाहिए कि महिलाओं का सम्मान करना इंसानियत है. दीवार पर ये भी लिखा होना चाहिए कि पेंटिंग को सेक्शुअलाइज़ करने की कोशिश करने वाले को जेल हो सकती है.
सोशल मीडिया यूज़र्स ने इस हरकत की कड़ी निंदा की. उन्होंने इस हरकत को समाज में “विकृत मानसिकता” और “घटिया सोच” का नतीजा बताया. इस घटना को देश में महिलाओं के साथ होने वाले बर्ताव और उन्हें वस्तु समझने के बड़े मुद्दे से जोड़ा गया है. कुछ लोगों ने दुख जताते हुए कहा कि महिलाएं सुरक्षित नहीं हैं. यहां तक कि सार्वजनिक दीवारों पर बनी उनकी कलाकृतियां भी अब सुरक्षित नहीं हैं.
वहीं एक अन्य यूजर ने कमेंट करते हुए लिखा हम घटिया सोच को ठीक नहीं कर सकते. इसलिए लड़कियों को घर में रहना चाहिए या बाहर निकलते समय दुपट्टा पहनना चाहिए. एक यूज़र ने लिखा, हम कहते हैं कि हम आज़ाद हो चुके हैं, क्या यही आज़ादी है? फिर लोग पूछते हैं हमारी लड़की ने क्या पहना था?’ एक यूजर ने लिखा कि जानवर-जानवर ही रहता है, चाहे उसे कितना भी ट्रेन क्यों न किया जाए.
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