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Nimboda पर चला Kathak का जादू, ताल की झंकार से उड़े देखने वालों के होश

Written By: Aksha Choudhary
Last Updated: 2026-01-01 17:21:18

Nimboda Kathak Dance Performance: निंबोड़ा में उस वक्त कला और संस्कृति का अद्भुत संगम देखने को मिला, जब घुंघरुओं की झंकार और बिखरा कथक का जादू, ताल की पकड़ और बॉडी लैंग्वेज की खूबसूरती ने वहां मौजूद हर दर्शक को दीवाना कर दिया, जैसे ही कलाकार ने अपने कदमों से लय छेड़ी, पूरा माहौल  गूंज उठा, कथक की ताल में सम्मान और तेज फुटवर्क और सतुलन ने दर्शकों को भारतीय शास्त्रीय नृत्य की गहराई से रूबरू कराया.


Nimboda Kathak Dance Performance: निंबोड़ा में उस वक्त कला और संस्कृति का अद्भुत संगम देखने को मिला, जब घुंघरुओं की झंकार और बिखरा कथक का जादू, ताल की पकड़ और बॉडी लैंग्वेज की खूबसूरती ने वहां मौजूद हर दर्शक को दीवाना कर दिया, जैसे ही कलाकार ने अपने कदमों से लय छेड़ी, पूरा माहौल  गूंज उठा, कथक की ताल में सम्मान और तेज फुटवर्क और सतुलन ने दर्शकों को भारतीय शास्त्रीय नृत्य की गहराई से रूबरू कराया हर चक्कर, हर छाप और हर भाव में वर्षों की मेहनत और ध्यान साफ झलक रहा था, निंबोड़ा जैसे शांत स्थान पर इस तरह की सांस्कृतिक परफॉरमेंस ने डांस को और भी खास बना दिया, इस नृत्य ने ना सिर्फ दर्शकों का दिल जीता, बल्कि युवाओं को भारतीय शास्त्रीय नृत्य से जुड़ने के लिए भी प्रेरित किया.

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Nimboda पर चला Kathak का जादू, ताल की झंकार से उड़े देखने वालों के होश

Nimboda Kathak Dance Performance: निंबोड़ा में उस वक्त कला और संस्कृति का अद्भुत संगम देखने को मिला, जब घुंघरुओं की झंकार और बिखरा कथक का जादू, ताल की पकड़ और बॉडी लैंग्वेज की खूबसूरती ने वहां मौजूद हर दर्शक को दीवाना कर दिया, जैसे ही कलाकार ने अपने कदमों से लय छेड़ी, पूरा माहौल  गूंज उठा, कथक की ताल में सम्मान और तेज फुटवर्क और सतुलन ने दर्शकों को भारतीय शास्त्रीय नृत्य की गहराई से रूबरू कराया.

Written By: Aksha Choudhary
Last Updated: 2026-01-01 17:21:18

Nimboda Kathak Dance Performance: निंबोड़ा में उस वक्त कला और संस्कृति का अद्भुत संगम देखने को मिला, जब घुंघरुओं की झंकार और बिखरा कथक का जादू, ताल की पकड़ और बॉडी लैंग्वेज की खूबसूरती ने वहां मौजूद हर दर्शक को दीवाना कर दिया, जैसे ही कलाकार ने अपने कदमों से लय छेड़ी, पूरा माहौल  गूंज उठा, कथक की ताल में सम्मान और तेज फुटवर्क और सतुलन ने दर्शकों को भारतीय शास्त्रीय नृत्य की गहराई से रूबरू कराया हर चक्कर, हर छाप और हर भाव में वर्षों की मेहनत और ध्यान साफ झलक रहा था, निंबोड़ा जैसे शांत स्थान पर इस तरह की सांस्कृतिक परफॉरमेंस ने डांस को और भी खास बना दिया, इस नृत्य ने ना सिर्फ दर्शकों का दिल जीता, बल्कि युवाओं को भारतीय शास्त्रीय नृत्य से जुड़ने के लिए भी प्रेरित किया.

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