Live TV
Search
HomeVideosNCR में पेंटर और राजमिस्त्री की दहाड़ी 700 रुपये, पर गारमेंट वर्कर को मिला सिर्फ ₹350 का ‘सालाना’ इंक्रीमेंट, कर्मचारियों ने बोला हल्ला!

NCR में पेंटर और राजमिस्त्री की दहाड़ी 700 रुपये, पर गारमेंट वर्कर को मिला सिर्फ ₹350 का ‘सालाना’ इंक्रीमेंट, कर्मचारियों ने बोला हल्ला!

Written By: Aksha Choudhary
Last Updated: 2026-04-12 22:51:38

उत्तर प्रदेश के नोएडा (गौतमबुद्ध नगर) में पिछले तीन दिनों से गारमेंट एक्सपोर्ट की लगभग 10 बड़ी कंपनियों के हजारों कर्मचारी सड़कों पर विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं, कर्मचारियों का आरोप है कि इस साल उनका सालाना इंक्रीमेंट महज 250 से 350 रुपये किया गया है, जो आज की महंगाई में ऊंट के मुंह में जीरे के समान है, प्रदर्शनकारी मांग कर रहे हैं कि उनका न्यूनतम वेतन बढ़ाकर 18,000 से 20,000 रुपये किया जाए यह विरोध प्रदर्शन इसलिए भी जायज लग रहा है क्योंकि दिल्ली-NCR में एक अनस्किल्ड मजदूर (पुताई या निर्माण कार्य करने वाला) भी रोजाना 700 रुपये (करीब ₹21,000 प्रति माह) कमा लेता है, जबकि एक्सपोर्ट हाउस में काम करने वाले अनुभवी टेलर्स को उससे भी कम मिल रहा है.


Noida Garment Workers Protest: यह आंदोलन नोएडा के गारमेंट हब सेक्टर-63 64 और आसपास के क्षेत्र की आर्थिक रीढ़ को हिला रहा है, दिल्ली-NCR में रहने का खर्च (किराया, बिजली, राशन) तेजी से बढ़ा है, ऐसे में 250 रुपये महीने की बढ़ोत्तरी कर्मचारियों के स्वाभिमान को ठेस पहुंचाने वाली है, नोएडा भारत का एक बड़ा गारमेंट एक्सपोर्ट हब है। अगर ये कंपनियां बंद होती हैं या काम रुकता है, तो करोड़ों रुपये के विदेशी ऑर्डर रद्द हो सकते हैं तीन दिन बीत जाने के बाद भी कंपनियों के प्रबंधन और श्रम विभाग (Labour Department) के बीच कोई ठोस समझौता नहीं हो सका है, जिससे कर्मचारियों का गुस्सा बढ़ता जा रहा है कर्मचारियों का तर्क है कि यदि वे देश के लिए ‘लक्जरी ब्रांड्स’ के कपड़े सिल रहे हैं, तो कम से कम उन्हें इतना वेतन तो मिलना चाहिए कि वे अपने परिवार का पेट पाल सकें.

MORE NEWS

HomeVideosNCR में पेंटर और राजमिस्त्री की दहाड़ी 700 रुपये, पर गारमेंट वर्कर को मिला सिर्फ ₹350 का ‘सालाना’ इंक्रीमेंट, कर्मचारियों ने बोला हल्ला!

Written By: Aksha Choudhary
Last Updated: 2026-04-12 22:51:38


Noida Garment Workers Protest: यह आंदोलन नोएडा के गारमेंट हब सेक्टर-63 64 और आसपास के क्षेत्र की आर्थिक रीढ़ को हिला रहा है, दिल्ली-NCR में रहने का खर्च (किराया, बिजली, राशन) तेजी से बढ़ा है, ऐसे में 250 रुपये महीने की बढ़ोत्तरी कर्मचारियों के स्वाभिमान को ठेस पहुंचाने वाली है, नोएडा भारत का एक बड़ा गारमेंट एक्सपोर्ट हब है। अगर ये कंपनियां बंद होती हैं या काम रुकता है, तो करोड़ों रुपये के विदेशी ऑर्डर रद्द हो सकते हैं तीन दिन बीत जाने के बाद भी कंपनियों के प्रबंधन और श्रम विभाग (Labour Department) के बीच कोई ठोस समझौता नहीं हो सका है, जिससे कर्मचारियों का गुस्सा बढ़ता जा रहा है कर्मचारियों का तर्क है कि यदि वे देश के लिए ‘लक्जरी ब्रांड्स’ के कपड़े सिल रहे हैं, तो कम से कम उन्हें इतना वेतन तो मिलना चाहिए कि वे अपने परिवार का पेट पाल सकें.

MORE NEWS