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HomeVideosPES यूनिवर्सिटी में ‘शिक्षा’ शर्मसार! प्रोफेसर ने छात्र को 13 बार कहा ‘आतंकवादी’ वीडियो डिलीट करने के लिए बनाया दबाव!

PES यूनिवर्सिटी में ‘शिक्षा’ शर्मसार! प्रोफेसर ने छात्र को 13 बार कहा ‘आतंकवादी’ वीडियो डिलीट करने के लिए बनाया दबाव!

Written By: Aksha Choudhary
Last Updated: 2026-03-28 09:36:51

बेंगलुरु की PES यूनिवर्सिटी में 24 मार्च 2026 को मानवता को शर्मसार करने वाली घटना घटी, डॉ. मुरलीधर देशपांडे नामक प्रोफेसर ने एक मुस्लिम छात्र अफान को पूरी क्लास (60 छात्र) के सामने कम से कम 13 बार 'आतंकवादी' कहकर संबोधित किया, प्रोफेसर ने छात्र पर नस्लीय और धार्मिक टिप्पड़ियां करते हुए उसे 'इडियट' कहा और यहां तक कह दिया कि ट्रंप तुम्हें ले जाएगा इस अपमानजनक घटना के बाद जब मामला बढ़ा, तो आरोप है कि यूनिवर्सिटी प्रशासन ने सबूत मिटाने के लिए CCTV फुटेज डिलीट कर दिया और अफान का साथ देने वाले छात्रों को सस्पेंड कर दिया, यूनिवर्सिटी के HOD पर भी आरोप है कि उन्होंने अफान को उसके करियर और यूनिवर्सिटी के रसूख का वास्ता देकर चुप रहने का दबाव बनाया.


PES University Bangalore Controversy 2026: यह मामला सत्ता के दुरुपयोग और एक छात्र के मानसिक उत्पीड़न की पराकाष्ठा है, एक शिक्षक का काम छात्रों का भविष्य बनाना है, ना कि उन्हें उनकी धार्मिक पहचान के आधार पर ‘आतंकवादी’ कहना, फेसर की टिप्पड़ियां ना केवल अपमानजनक थीं, बल्कि सांप्रदायिक विद्वेष फैलाने वाली थीं, CCTV फुटेज का कथित तौर पर गायब होना यह संकेत देता है कि प्रशासन अपनी छवि बचाने के लिए सच को दबाने की कोशिश कर रहा है, यह न्याय की प्रक्रिया में एक बड़ी बाधा है, जो छात्र अफान के समर्थन में बोले उन्हें “क्लास में बात करने” के बहाने सस्पेंड करना यह दिखाता है कि कैंपस में असहमति की आवाज को कुचला जा रहा है, विभागाध्यक्ष (HOD) द्वारा यह कहना कि PES के पास पैसा है और वे मीडिया को खरीद सकते हैं यह अत्यंत आपत्तिजनक है, एक छात्र जो पहले से ही पारिवारिक कठिनाइयों से जूझ रहा है, उसे सहारा देने के बजाय डराना प्रशासनिक विफलता है, सोशल मीडिया पर छात्र समुदाय और नागरिक समाज इस घटना की कड़ी निंदा कर रहे हैं और मांग कर रहे हैं कि प्रोफेसर को तुरंत बर्खास्त किया जाए और मामले की निष्पक्ष पुलिस जांच हो.

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Written By: Aksha Choudhary
Last Updated: 2026-03-28 09:36:51


PES University Bangalore Controversy 2026: यह मामला सत्ता के दुरुपयोग और एक छात्र के मानसिक उत्पीड़न की पराकाष्ठा है, एक शिक्षक का काम छात्रों का भविष्य बनाना है, ना कि उन्हें उनकी धार्मिक पहचान के आधार पर ‘आतंकवादी’ कहना, फेसर की टिप्पड़ियां ना केवल अपमानजनक थीं, बल्कि सांप्रदायिक विद्वेष फैलाने वाली थीं, CCTV फुटेज का कथित तौर पर गायब होना यह संकेत देता है कि प्रशासन अपनी छवि बचाने के लिए सच को दबाने की कोशिश कर रहा है, यह न्याय की प्रक्रिया में एक बड़ी बाधा है, जो छात्र अफान के समर्थन में बोले उन्हें “क्लास में बात करने” के बहाने सस्पेंड करना यह दिखाता है कि कैंपस में असहमति की आवाज को कुचला जा रहा है, विभागाध्यक्ष (HOD) द्वारा यह कहना कि PES के पास पैसा है और वे मीडिया को खरीद सकते हैं यह अत्यंत आपत्तिजनक है, एक छात्र जो पहले से ही पारिवारिक कठिनाइयों से जूझ रहा है, उसे सहारा देने के बजाय डराना प्रशासनिक विफलता है, सोशल मीडिया पर छात्र समुदाय और नागरिक समाज इस घटना की कड़ी निंदा कर रहे हैं और मांग कर रहे हैं कि प्रोफेसर को तुरंत बर्खास्त किया जाए और मामले की निष्पक्ष पुलिस जांच हो.

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