पिंकी चौधरी द्वारा जनसंख्या असंतुलन के नाम पर बच्चों के जन्म के लिए नकद पुरस्कार की घोषणा ने एक नई बहस छेड़ दी है, इसे भड़काऊ और समाज विरोधी माना जा रहा है, क्योंकि यह सीधे तौर पर देश की जनसंख्या नियंत्रण नीति और आपसी भाईचारे पर चोट पहुंचता है, धर्म की आड़ में इस तरह की कट्टरता देश की प्रगति के लिए बाधक साबित हो सकती है.
Pinky Chaudhary Controversial Statement: हिंदू रक्षा दल के अध्यक्ष पिंकी चौधरी (Pinky Choudhary) का हालिया बयान विवादों के घेरे में आ गया है, जहां भारत सरकार दशकों से ‘हम दो, हमारे दो’ और जनसंख्या नियंत्रण के लिए जागरूकता फैला रही है, वहीं पिंकी चौधरी का चौथे और पांचवें बच्चे पर नकद ईनाम देने का ऐलान सीधे तौर पर सरकारी प्रयासों और प्रधानमंत्री मोदी के संदेशों का अपमान माना जा रहा है, आलोचकों का कहना है कि इस तरह के बयान केवल धर्म के नाम पर समाज को बांटने और दो समुदायों के बीच के भाईचारे व शांति को भंग करने का काम करते हैं, आर्थिक लालच देकर आबादी बढ़ाने की बात करना ना तो आधुनिक देश के हित में है और ना ही सामाजिक समरसता में है.
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