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HomeVideosपति-पत्नी के लिए प्रस्ताव! राघव चड्ढा ने बताया कैसे ₹20 लाख की कमाई पर भी बच सकता है पूरा टैक्स? संसद में दी ‘फैमिली A vs फैमिली B’ की दलील

पति-पत्नी के लिए प्रस्ताव! राघव चड्ढा ने बताया कैसे ₹20 लाख की कमाई पर भी बच सकता है पूरा टैक्स? संसद में दी ‘फैमिली A vs फैमिली B’ की दलील

Written By: Aksha Choudhary
Last Updated: 2026-03-17 09:10:30

आम आदमी पार्टी के सांसद राघव चड्ढा (Raghav Chadha) ने संसद में 'ज्वाइंट इनकम टैक्स रिटर्न' (Optional Joint Filing) का प्रस्ताव पेश किया है, उन्होंने तर्क दिया कि मौजूदा व्यवस्था उन परिवारों के साथ अन्याय करती है जहां केवल एक सदस्य कमाता है, इस प्रस्ताव का उद्देश्य दो अलग-अलग व्यक्तियों के बजाय एक 'घरेलू इकाई' (Household Unit) के रूप में टैक्स का आकलन करना है.


Raghav Chadha Parliament Speech Income Tax: संसद में अपनी बात रखते हुए राघव चड्ढा ने एक बेहद दिलचस्प उदाहरण पेश किया, उन्होंने बताया कि अगर एक परिवार में पति-पत्नी दोनों ₹10-₹10 लाख कमाते हैं (कुल ₹20 लाख), तो उन पर जीरो टैक्स लगता है लेकिन, यदि उसी घर में केवल एक व्यक्ति ₹20 लाख कमाता है और दूसरा घर संभालता है, तो उस परिवार को ₹1.92 लाख का भारी टैक्स चुकाना पड़ता है, राघव चड्ढा ने सवाल उठाया कि जब घर एक है, बजट एक है और रसोई एक है, तो टैक्स भरते समय पति-पत्नी एक-दूसरे के लिए अजनबी क्यों मान लिए जाते हैं? उन्होंने ‘वैकल्पिक ज्वाइंट फाइलिंग’ का सुझाव दिया, ताकि असमान आय वाले परिवारों पर टैक्स का अतिरिक्त बोझ ना पड़े अगर सरकार इस प्रस्ताव को मान लेती है, तो सिंगल अर्नर को भी टैक्स में बड़ी छूट मिल सकेगी, यह कदम ना केवल बचत बढ़ाएगा, बल्कि घरेलू महिलाओं (Home-makers) के योगदान को भी आर्थिक रूप से सम्मान देगा.

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Written By: Aksha Choudhary
Last Updated: 2026-03-17 09:10:30


Raghav Chadha Parliament Speech Income Tax: संसद में अपनी बात रखते हुए राघव चड्ढा ने एक बेहद दिलचस्प उदाहरण पेश किया, उन्होंने बताया कि अगर एक परिवार में पति-पत्नी दोनों ₹10-₹10 लाख कमाते हैं (कुल ₹20 लाख), तो उन पर जीरो टैक्स लगता है लेकिन, यदि उसी घर में केवल एक व्यक्ति ₹20 लाख कमाता है और दूसरा घर संभालता है, तो उस परिवार को ₹1.92 लाख का भारी टैक्स चुकाना पड़ता है, राघव चड्ढा ने सवाल उठाया कि जब घर एक है, बजट एक है और रसोई एक है, तो टैक्स भरते समय पति-पत्नी एक-दूसरे के लिए अजनबी क्यों मान लिए जाते हैं? उन्होंने ‘वैकल्पिक ज्वाइंट फाइलिंग’ का सुझाव दिया, ताकि असमान आय वाले परिवारों पर टैक्स का अतिरिक्त बोझ ना पड़े अगर सरकार इस प्रस्ताव को मान लेती है, तो सिंगल अर्नर को भी टैक्स में बड़ी छूट मिल सकेगी, यह कदम ना केवल बचत बढ़ाएगा, बल्कि घरेलू महिलाओं (Home-makers) के योगदान को भी आर्थिक रूप से सम्मान देगा.

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