Raghav Chadha Parliament Speech Income Tax: संसद में अपनी बात रखते हुए राघव चड्ढा ने एक बेहद दिलचस्प उदाहरण पेश किया, उन्होंने बताया कि अगर एक परिवार में पति-पत्नी दोनों ₹10-₹10 लाख कमाते हैं (कुल ₹20 लाख), तो उन पर जीरो टैक्स लगता है लेकिन, यदि उसी घर में केवल एक व्यक्ति ₹20 लाख कमाता है और दूसरा घर संभालता है, तो उस परिवार को ₹1.92 लाख का भारी टैक्स चुकाना पड़ता है, राघव चड्ढा ने सवाल उठाया कि जब घर एक है, बजट एक है और रसोई एक है, तो टैक्स भरते समय पति-पत्नी एक-दूसरे के लिए अजनबी क्यों मान लिए जाते हैं? उन्होंने ‘वैकल्पिक ज्वाइंट फाइलिंग’ का सुझाव दिया, ताकि असमान आय वाले परिवारों पर टैक्स का अतिरिक्त बोझ ना पड़े अगर सरकार इस प्रस्ताव को मान लेती है, तो सिंगल अर्नर को भी टैक्स में बड़ी छूट मिल सकेगी, यह कदम ना केवल बचत बढ़ाएगा, बल्कि घरेलू महिलाओं (Home-makers) के योगदान को भी आर्थिक रूप से सम्मान देगा.
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