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HomeVideosश्रीनगर में 36 साल बाद राम नवमी पर खुला ऐतिहासिक रघुनाथ मंदिर, कश्मीरी पंडितों ने निकाली भव्य शोभायात्रा!

श्रीनगर में 36 साल बाद राम नवमी पर खुला ऐतिहासिक रघुनाथ मंदिर, कश्मीरी पंडितों ने निकाली भव्य शोभायात्रा!

Written By: Aksha Choudhary
Last Updated: 2026-03-27 11:23:59

गुरुवार, 26 मार्च 2026 को जम्मू-कश्मीर की ग्रीष्मकालीन राजधानी श्रीनगर में राम नवमी का पर्व एक ऐतिहासिक मील के पत्थर के रूप में मनाया गया, झेलम नदी के किनारे स्थित हब्बा कदल के प्राचीन रघुनाथ मंदिर को 36 वर्षों के बाद आधिकारिक रूप से भक्तों के लिए खोल दिया गया है, वर्ष 1990 में घाटी से कश्मीरी पंडितों के पलायन के बाद से यह मंदिर वीरान पड़ा था, इस खास मौके पर कश्मीरी पंडित समुदाय द्वारा एक भव्य शोभायात्रा निकाली गई, जो शहर के मुख्य केंद्रों लाल चौक, हब्बा कदल, बर्बर शाह से होकर गुजरी, इस उत्सव में ना केवल स्थानीय हिंदू समुदाय, बल्कि बड़ी संख्या में पर्यटकों और स्थानीय मुस्लिम निवासियों ने भी हिस्सा लेकर आपसी सौहार्द की मिसाल पेश की.


Raghunath Temple Reopening after 36 Years On Ram Navami: श्रीनगर में राम नवमी का यह आयोजन घाटी में लौटती सामान्य स्थिति और सांस्कृतिक पुनरुत्थान का एक सशक्त प्रतीक है, इस मंदिर का निर्माण 19वीं शताब्दी में महाराजा गुलाब सिंह ने शुरू कराया था, पिछले कुछ वर्षों से ‘स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट’ और मंदिर समिति के प्रयासों से इसका जीर्णोद्धार किया जा रहा था, 36 साल बाद यहां ‘हवन’ और ‘पूर्ण आरती’ का आयोजन हुआ, भव्य शोभायात्रा (Shobha Yatra) इस्कॉन (ISKCON) और स्थानीय समितियों के सहयोग से निकाली गई यह यात्रा श्री कथलेश्वर मंदिर से शुरू होकर पारंपरिक रास्तों से गुजरी, रंग-बिरंगी पोशाकों में सजे बच्चों और भजन गाती महिलाओं ने पूरे माहौल को उत्सवमय बना दिया, स्थानीय कश्मीरी मुस्लिमों ने जगह-जगह शोभायात्रा का स्वागत किया और अपने पंडित भाइयों को बधाई दी, यह दृश्य ‘कश्मीरियत’ की उस पुरानी पहचान को फिर से जीवंत करता दिखा, जहां सभी धर्मों के लोग एक-दूसरे के त्योहारों में शरीक होते थे,उपराज्यपाल मनोज सिन्हा और मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने जनता को राम नवमी की शुभकामनाएं दीं, सुरक्षा के कड़े इंतजामों के बीच पुलिस और CRPF के जवानों ने सुनिश्चित किया कि उत्सव शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हो, यह आयोजन केवल एक धार्मिक अनुष्ठान नहीं बल्कि कश्मीर की आत्मा और उसकी साझा विरासत के पुनर्जीवित होने का उत्सव है.

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Written By: Aksha Choudhary
Last Updated: 2026-03-27 11:23:59


Raghunath Temple Reopening after 36 Years On Ram Navami: श्रीनगर में राम नवमी का यह आयोजन घाटी में लौटती सामान्य स्थिति और सांस्कृतिक पुनरुत्थान का एक सशक्त प्रतीक है, इस मंदिर का निर्माण 19वीं शताब्दी में महाराजा गुलाब सिंह ने शुरू कराया था, पिछले कुछ वर्षों से ‘स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट’ और मंदिर समिति के प्रयासों से इसका जीर्णोद्धार किया जा रहा था, 36 साल बाद यहां ‘हवन’ और ‘पूर्ण आरती’ का आयोजन हुआ, भव्य शोभायात्रा (Shobha Yatra) इस्कॉन (ISKCON) और स्थानीय समितियों के सहयोग से निकाली गई यह यात्रा श्री कथलेश्वर मंदिर से शुरू होकर पारंपरिक रास्तों से गुजरी, रंग-बिरंगी पोशाकों में सजे बच्चों और भजन गाती महिलाओं ने पूरे माहौल को उत्सवमय बना दिया, स्थानीय कश्मीरी मुस्लिमों ने जगह-जगह शोभायात्रा का स्वागत किया और अपने पंडित भाइयों को बधाई दी, यह दृश्य ‘कश्मीरियत’ की उस पुरानी पहचान को फिर से जीवंत करता दिखा, जहां सभी धर्मों के लोग एक-दूसरे के त्योहारों में शरीक होते थे,उपराज्यपाल मनोज सिन्हा और मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने जनता को राम नवमी की शुभकामनाएं दीं, सुरक्षा के कड़े इंतजामों के बीच पुलिस और CRPF के जवानों ने सुनिश्चित किया कि उत्सव शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हो, यह आयोजन केवल एक धार्मिक अनुष्ठान नहीं बल्कि कश्मीर की आत्मा और उसकी साझा विरासत के पुनर्जीवित होने का उत्सव है.

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