Shamli Shop Dispute Violence 2026: यह घटना प्रशासनिक सतर्कता और अदालती आदेशों के पालन पर गंभीर सवाल खड़े करती है, शामली के एक व्यस्त बाजार में जिस तरह से पुलिस के सामने मारपीट हुई, वह खौफनाक था पुष्पेंद्र भारद्वाज पक्ष का दावा है कि अदालत ने उनके हक में फैसला सुनाया है इसके विपरीत, महंत योगी शेर नाथ का पक्ष कानूनी हार के बावजूद दुकान छोड़ने या उस पर दावा छोड़ने को तैयार नहीं है, भारी संख्या में पुलिस बल और खुद क्षेत्राधिकारी (DSP) मौके पर मौजूद थे, फिर भी दोनों गुट एक-दूसरे पर हमला करने में कामयाब रहे मारपीट के बाद बढ़ते तनाव को देखते हुए पुलिस ने दुकान को अपनी कस्टडी में लेकर सील कर दिया है, घटना का वीडियो वायरल होने के बाद लोग पूछ रहे हैं कि जब पुलिस पहले से मौजूद थी, तो मारपीट को रोका क्यों नहीं गया? क्या कोर्ट के आदेश के बाद भी रसूखदार लोग अपनी दबंगई चलाएंगे? शामली पुलिस अब वीडियो फुटेज के आधार पर उन लोगों को चिन्हित कर रही है जिन्होंने शांति भंग की और सरकारी अधिकारियों के सामने हिंसा की यह मामला दर्शाता है कि जमीनी विवादों में जब तक प्रशासन सख्त कदम नहीं उठाता, तब तक अदालती आदेश केवल कागजों तक ही सीमित रह जाते हैं.
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