उत्तर प्रदेश के शाहजहांपुर में नौकरी करने वाले एक युवक ने अपने बीमार और बिस्तर पर पड़े माता-पिता की खातिर मानवता की मिसाल पेश की है, घर में रसोई गैस खत्म होने पर, वह एक दिन की छुट्टी लेकर 200 किलोमीटर दूर अपने गृहनगर बाराबंकी पहुंचा, सिलेंडर हासिल करने के लिए वह सुबह के 3 बजे से ही गैस एजेंसी के बाहर कतार में खड़ा नजर आया, ताकि उसके बूढ़े माता-पिता को कोई तकलीफ ना हो.
200 KM Travel For Parents Gas Cylinder: यह कहानी रिश्तों की गरमाहट और एक बेटे के अटूट समर्पण की है, शाहजहांपुर में कार्यरत इस युवक को जब पता चला कि बाराबंकी में उसके बीमार माता-पिता के पास खाना पकाने के लिए गैस खत्म हो गई है, तो उसने बिना वक्त गंवाए ऑफिस से छुट्टी ली, 200 किलोमीटर का लंबा सफर तय कर वह बाराबंकी पहुंचा, गैस की किल्लत या समय पर डिलीवरी ना होने के डर से, वह युवक रात के 3 बजे ही गैस एजेंसी के बाहर पहुंच गया और कतार में लग गया, जब सुबह लोग वहां पहुंचे, तो उसकी आंखों में थकान तो थी, लेकिन माता-पिता के लिए कुछ कर गुजरने का संतोष भी था, इस ‘आधुनिक श्रवण कुमार’ की तस्वीर अब सोशल मीडिया पर वायरल हो रही है, जो हमें याद दिलाती है कि आज के दौर में भी माता-पिता की सेवा से बड़ा कोई धर्म नहीं है, लोग इस युवक की सादगी और कर्तव्यनिष्ठा को सलाम कर रहे हैं.
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