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HomeVideosतरुण मर्डर केस में बड़ा ट्विस्ट, बिना नोटिस कैसे गिराया घर? मुस्लिम परिवार के घर पर बुलडोजर चलाने को लेकर कोर्ट का स्टे, MCD को लगा झटका

तरुण मर्डर केस में बड़ा ट्विस्ट, बिना नोटिस कैसे गिराया घर? मुस्लिम परिवार के घर पर बुलडोजर चलाने को लेकर कोर्ट का स्टे, MCD को लगा झटका

Written By: Aksha Choudhary
Edited By: Hasnain Alam
Last Updated: 2026-03-11 15:06:58

दिल्ली के चर्चित तरुण मर्डर केस में प्रशासन की 'बुलडोजर कार्रवाई' पर कानूनी रोक लग गई है, मुस्लिम परिवार के वकीलों ने अदालत में दलील दी कि MCD द्वारा बिना किसी पूर्व नोटिस या कानूनी प्रक्रिया के घर को गिराया जा रहा है, कोर्ट ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए तत्काल प्रभाव से घर गिराने पर स्टे दे दिया है और MCD को सख्त हिदायत दी है कि फिलहाल कोई भी तोड़फोड़ ना की जाए.


Tarun Murder Case Stay Order: उत्तम नगर में सांप्रदायिक तनाव और तरुण की मौत के बाद जिस तरह से प्रशासन ने आरोपी पक्ष के घर पर बुलडोजर चलाया था, उस पर अब कानूनी लगाम लग गई है, मुस्लिम परिवार के पक्ष से पैरवी कर रहे वकीलों ने कोर्ट को बताया कि यह कार्रवाई पूरी तरह से गैर-कानूनी है क्योंकि परिवार को अपना पक्ष रखने के लिए कोई नोटिस नहीं दिया गया था, वकीलों का आरोप है कि यह केवल एक पक्षीय कार्रवाई है जो जन दबाव में की गई, अदालत ने मामले की सुनवाई करते हुए MCD को निर्देश जारी किए हैं कि जब तक मामले की पूरी सुनवाई नहीं हो जाती, तब तक घर के बचे हुए हिस्से को ना छुआ जाए,  इस स्टे आर्डर के बाद अब यह बहस तेज हो गई है कि क्या प्रशासन ने सजा देने की जल्दबाजी में संवैधानिक नियमों की अनदेखी की?

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Written By: Aksha Choudhary
Edited By: Hasnain Alam
Last Updated: 2026-03-11 15:06:58


Tarun Murder Case Stay Order: उत्तम नगर में सांप्रदायिक तनाव और तरुण की मौत के बाद जिस तरह से प्रशासन ने आरोपी पक्ष के घर पर बुलडोजर चलाया था, उस पर अब कानूनी लगाम लग गई है, मुस्लिम परिवार के पक्ष से पैरवी कर रहे वकीलों ने कोर्ट को बताया कि यह कार्रवाई पूरी तरह से गैर-कानूनी है क्योंकि परिवार को अपना पक्ष रखने के लिए कोई नोटिस नहीं दिया गया था, वकीलों का आरोप है कि यह केवल एक पक्षीय कार्रवाई है जो जन दबाव में की गई, अदालत ने मामले की सुनवाई करते हुए MCD को निर्देश जारी किए हैं कि जब तक मामले की पूरी सुनवाई नहीं हो जाती, तब तक घर के बचे हुए हिस्से को ना छुआ जाए,  इस स्टे आर्डर के बाद अब यह बहस तेज हो गई है कि क्या प्रशासन ने सजा देने की जल्दबाजी में संवैधानिक नियमों की अनदेखी की?

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