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HomeVideosकल तक था लाखों का वेतन, आज चला रहे बाइक टैक्सी; नौकरी जाते ही 1.4 करोड़ का फ्लैट बना ‘जी का जंजाल’, वायरल वीडियो!

कल तक था लाखों का वेतन, आज चला रहे बाइक टैक्सी; नौकरी जाते ही 1.4 करोड़ का फ्लैट बना ‘जी का जंजाल’, वायरल वीडियो!

Written By: Aksha Choudhary
Last Updated: 2026-04-12 22:26:03

सोशल मीडिया पर एक व्यक्ति ने अपने सॉफ्टवेयर इंजीनियर दोस्त की आपबीती साझा की है, जो आज के युवाओं के लिए एक बड़ी चेतावनी है दो साल पहले, ₹40 लाख सालाना कमाने वाले इस 'टैकी' ने खुद को सुरक्षित महसूस करते हुए ₹1.4 करोड़ का 3 BHK फ्लैट खरीदा था, लेकिन अचानक हुई छंटनी (Layoff) ने सब कुछ बदल दिया, नई नौकरी ना मिलने और हर महीने ₹95,000 की भारी-भरकम EMI के बोझ के कारण, वह अब अपना घर चलाने और किश्त भरने के लिए बाइक टैक्सी (Rapido/Uber) चलाने को मजबूर है, यह मामला दिखाता है कि कैसे अनिश्चित जॉब मार्केट में 'लाइफस्टाइल इन्फ्लेशन' किसी को भी फर्श पर ला सकता है.


IT Layoff Victim Story Bike Taxi Driver: यह घटना दिखाती है कि केवल ऊंची सैलरी होना ही वित्तीय सुरक्षा की गारंटी नहीं है, ₹95,000 की EMI का मतलब है कि उसकी सैलरी का एक बड़ा हिस्सा सीधे बैंक जा रहा था, बचत के नाम पर कुछ ना होने के कारण नौकरी जाते ही संकट गहरा गया, एक हाई-प्रोफाइल जॉब से सीधे बाइक टैक्सी चलाने तक का सफर मानसिक रूप से बहुत चुनौतीपूर्ण होता है, लेकिन यह उस व्यक्ति के संघर्ष और हार ना मानने के जज्बे को भी दर्शाता है, वित्तीय विशेषज्ञों का मानना है कि कम से कम 6-12 महीने की EMI के बराबर पैसा अलग रखना चाहिए, जो इस मामले में नहीं दिखा इस कहानी ने LinkedIn और Twitter पर निवेश और वित्तीय नियोजन को लेकर एक नई बहस छेड़ दी है.

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Written By: Aksha Choudhary
Last Updated: 2026-04-12 22:26:03


IT Layoff Victim Story Bike Taxi Driver: यह घटना दिखाती है कि केवल ऊंची सैलरी होना ही वित्तीय सुरक्षा की गारंटी नहीं है, ₹95,000 की EMI का मतलब है कि उसकी सैलरी का एक बड़ा हिस्सा सीधे बैंक जा रहा था, बचत के नाम पर कुछ ना होने के कारण नौकरी जाते ही संकट गहरा गया, एक हाई-प्रोफाइल जॉब से सीधे बाइक टैक्सी चलाने तक का सफर मानसिक रूप से बहुत चुनौतीपूर्ण होता है, लेकिन यह उस व्यक्ति के संघर्ष और हार ना मानने के जज्बे को भी दर्शाता है, वित्तीय विशेषज्ञों का मानना है कि कम से कम 6-12 महीने की EMI के बराबर पैसा अलग रखना चाहिए, जो इस मामले में नहीं दिखा इस कहानी ने LinkedIn और Twitter पर निवेश और वित्तीय नियोजन को लेकर एक नई बहस छेड़ दी है.

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