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HomeVideosथाईलैंड में 21 साल के युवाओं के लिए ‘करो या मरो’ की स्थिति, लॉटरी के जरिए चुनी जा रही देश की भावी सेना!

थाईलैंड में 21 साल के युवाओं के लिए ‘करो या मरो’ की स्थिति, लॉटरी के जरिए चुनी जा रही देश की भावी सेना!

Written By: Aksha Choudhary
Last Updated: 2026-04-08 23:47:31

थाईलैंड में हर साल अप्रैल के महीने में अनिवार्य सैन्य भर्ती (Military Conscription) के लिए एक विशेष लॉटरी ड्रा का आयोजन किया जाता है, 21 वर्ष की आयु पूरी कर चुके युवाओं को एक बड़े बर्तन से कागज़ की एक पर्ची निकालनी होती है, इस प्रक्रिया में दो ही परिणाम संभव हैं यदि युवक लाल पर्ची निकालती है, तो उसे अनिवार्य रूप से दो साल के लिए सेना में सेवा देनी पड़ती है वहीं, यदि उसके हाथ काली पर्ची लगती है, तो उसे सैन्य सेवा से पूरी तरह छूट मिल जाती है.


Thailand Military Conscription Lottery: यह प्रक्रिया थाईलैंड की संस्कृति और वहां के रक्षा नियमों का एक अहम हिस्सा है, जो अक्सर इंटरनेट पर अपने भावनात्मक दृश्यों के कारण वायरल होती है थाईलैंड के संविधान के अनुसार, 21 वर्ष के हर स्वस्थ पुरुष के लिए इस प्रक्रिया में भाग लेना अनिवार्य है, हालांकि कुछ लोग स्वेच्छा से भी सेना में शामिल हो सकते हैं भर्ती केंद्रों पर अक्सर ड्रामाई दृश्य देखने को मिलते हैं, जो लोग सेना में नहीं जाना चाहते वे काली पर्ची निकलने पर ऐसे जश्न मनाते हैं जैसे उन्होंने कोई जंग जीत ली हो, जबकि लाल पर्ची निकलने पर कई युवक बेहोश तक हो जाते हैं जो युवा स्वेच्छा से सेना में भर्ती होने का विकल्प चुनते हैं, उन्हें अक्सर सेवा की अवधि में छूट जैसे 2 साल के बजाय 6 महीने या 1 साल दी जाती है, शैक्षणिक योग्यता के आधार पर भी कुछ रियायतें मिलती हैं हर साल अप्रैल में थाईलैंड के इन केंद्रों के वीडियो वैश्विक स्तर पर चर्चा का विषय बनते हैं, जहां लोग ‘किस्मत और कर्तव्य’ के इस अनोखे संगम को देखते हैं.

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Written By: Aksha Choudhary
Last Updated: 2026-04-08 23:47:31


Thailand Military Conscription Lottery: यह प्रक्रिया थाईलैंड की संस्कृति और वहां के रक्षा नियमों का एक अहम हिस्सा है, जो अक्सर इंटरनेट पर अपने भावनात्मक दृश्यों के कारण वायरल होती है थाईलैंड के संविधान के अनुसार, 21 वर्ष के हर स्वस्थ पुरुष के लिए इस प्रक्रिया में भाग लेना अनिवार्य है, हालांकि कुछ लोग स्वेच्छा से भी सेना में शामिल हो सकते हैं भर्ती केंद्रों पर अक्सर ड्रामाई दृश्य देखने को मिलते हैं, जो लोग सेना में नहीं जाना चाहते वे काली पर्ची निकलने पर ऐसे जश्न मनाते हैं जैसे उन्होंने कोई जंग जीत ली हो, जबकि लाल पर्ची निकलने पर कई युवक बेहोश तक हो जाते हैं जो युवा स्वेच्छा से सेना में भर्ती होने का विकल्प चुनते हैं, उन्हें अक्सर सेवा की अवधि में छूट जैसे 2 साल के बजाय 6 महीने या 1 साल दी जाती है, शैक्षणिक योग्यता के आधार पर भी कुछ रियायतें मिलती हैं हर साल अप्रैल में थाईलैंड के इन केंद्रों के वीडियो वैश्विक स्तर पर चर्चा का विषय बनते हैं, जहां लोग ‘किस्मत और कर्तव्य’ के इस अनोखे संगम को देखते हैं.

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