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PM Modi Punjab Visit: मन चंगा तो कठौती में गंगा! जानिए, कौन थे संत रविदास? जिनके सम्मान में PM मोदी ने किया बड़ा एलान

जानें कौन थे संत रविदास जिनके सम्मान में PM मोदी ने बदल दिया एयरपोर्ट का नाम. आखिर डेरा सचखंड बल्लां पहुंचकर PM क्या करने वाले हैं बड़ा एलान

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Sant Ravidas Jayanti: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज श्री गुरु रविदास जयंती के मौके पर पंजाब जा रहे हैं. प्रधानमंत्री दोपहर 3:45 बजे आदमपुर एयरपोर्ट पहुंचेंगे, जहां पंजाब बीजेपी के राज्य और जिला स्तर के नेता उनका स्वागत करेंगे. इसके बाद वे हेलीकॉप्टर से पठानकोट नेशनल हाईवे पर स्थित रविदासिया समुदाय के सबसे बड़े धार्मिक स्थल डेरा सचखंड बल्लां जाएंगे. इस मौके पर प्रधानमंत्री पंजाब को दो बड़े तोहफे भी देंगे. जालंधर के आदमपुर एयरपोर्ट, जहां पीएम लैंड करेंगे, उसका नाम बदला जा रहा है. प्रधानमंत्री एयरपोर्ट का नाम बदलकर ‘श्री गुरु रविदास एयरपोर्ट’ रखने की घोषणा करेंगे. यह स्थानीय लोगों की लंबे समय से चली आ रही मांग थी. इसके साथ ही, प्रधानमंत्री लुधियाना के हलवारा एयरपोर्ट पर नए टर्मिनल का वर्चुअल उद्घाटन भी करेंगे, जिससे पंजाब में उद्योग, व्यापार और निवेश को नई गति मिलने की उम्मीद है. ऐसे में आइये जानते हैं कौन थे संत रविदास…

कौन थे संत रविदास

संत रविदास को भक्ति आंदोलन का एक प्रमुख व्यक्ति माना जाता है, जिनका जन्म 1376 ईस्वी में माघ महीने की पूर्णिमा के दिन गोवर्धनपुर गांव (वाराणसी) में हुआ था. उनके पिता, संतोख दास, पेशे से चमड़े का काम करने वाले थे, और उनकी माँ, कर्मा, बहुत धार्मिक महिला थीं. उनका नाम रविदास इसलिए रखा गया क्योंकि उनका जन्म रविवार को हुआ था. इस साल, 2024 में, रविदास जयंती 1 फरवरी को मनाई जा रही है, संत रविदास के अनुयायी पूरे भारत और विदेशों में फैले हुए हैं, जो उन्हें कई अलग-अलग नामों से जानते हैं. गुजरात और महाराष्ट्र में उन्हें रोहिदास कहा जाता है, बंगाल में उन्हें रुई दास के नाम से जाना जाता है, जबकि ग्रंथों में वे रामदास, रैदास, रेमदास और रौदास नामों से भी लोकप्रिय हैं.

भारत और विदेश में डेरा सचखंड बल्लां का प्रभाव

जालंधर में डेरा सचखंड बल्लां की बात करें तो इसके अनुयायी सिर्फ भारत में ही नहीं, बल्कि विदेशों में भी लाखों की संख्या में हैं. संत रविदास जी से जुड़े इस डेरा का प्रभाव सिर्फ पंजाब तक ही सीमित नहीं है. काशी (वाराणसी) को संत रविदास जी की जन्मभूमि माना जाता है, और इसी वजह से वाराणसी के धार्मिक और राजनीतिक क्षेत्रों में भी उनके अनुयायियों की अच्छी-खासी मौजूदगी है. ऐसा माना जाता है कि संत रविदास जी ने काशी को न सिर्फ एक धार्मिक शहर बल्कि सामाजिक क्रांति का केंद्र भी बनाया.

प्रधानमंत्री डेरा सचखंड बल्लां में लगभग 40 मिनट बिताएंगे

डेरा सचखंड बल्लां की यात्रा के दौरान, प्रधानमंत्री मत्था टेकेंगे, लंगर में हिस्सा लेंगे और श्रद्धालुओं से मिलेंगे. यहां, गुरु रविदास जी की 649वीं जयंती पर, प्रधानमंत्री पंजाब और देश के लोगों को शुभकामनाएं देंगे और समानता, भाईचारे और सामाजिक सद्भाव का संदेश देंगे. अपनी यात्रा के दौरान, प्रधानमंत्री संत निरंजन दास से भी एक निजी मुलाकात में आशीर्वाद लेंगे.

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