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Budget 2026: बजट से पहले सैलरी क्लास की धड़कने तेज! क्या इनकम टैक्स स्लैब बदलेंगे? जानें कुछ दिलचस्प बातें जो आपके लिए जरूरी

Budget 2026 Expectations: बजट 1 फरवरी को पेश होने वाला है, ऐसे में लोगों के मन में सिर्फ एक ही सवाल है कि क्या इस साल इनकम टैक्स स्लैब में बदलाव होंगे? ऐसें में चलिए विस्तार से जानें कुछ जरूरी बातें.

Budget 2026 Expectations: केंद्रीय मंत्री निर्मला सीतारमण 1 फरवरी यानी रविवार को 11 बजे बजट 2026 (Budget 2026) पेश करेंगी. 2017 के बाद पहला ऐतिहासिक रविवाजो न सिर्फ उनका लगातार नौवां बजट होगा, बल्कि बजट प्रेजेंटेशन भी होगा. जैसा कि हम सब जानते है कि भारत विकसित भारत 2047 विजन पर काम कर रहा है. ऐसे में बजट 2026-27 महत्वपूर्ण मोड़ पर आया है. ऐसे में बजट का सबसे ज्यादा इंतजार मिडिल क्लास और सैलरी पाने वालों टैक्सपेयर्स को होता है. उनके दिमाग में बस एक ही बात चलती है कि इस बार इनकम टैक्स में क्या बदलाव होगा.

नए और पुराने टैक्स सिस्टम के बीच कन्फ्यूजन खत्म करने की मांग

कई टैक्सपेयर्स अभी भी इस बात को लेकर कन्फ्यूज हैं कि नया या पुराना टैक्स सिस्टम चुनें. नया सिस्टम आसान है, लेकिन इसमें टैक्स बचाने के कम ऑप्शन हैं. पुराना सिस्टम ज़्यादा डिडक्शन देता है, लेकिन इसमें ज़्यादा टैक्स स्लैब हैं. उम्मीद है कि बजट 2026 दोनों सिस्टम की एक साफ तस्वीर पेश करेगा ताकि लोग बिना किसी कन्फ्यूजन के सोच-समझकर फैसले ले सकें.

पुराने टैक्स सिस्टम के तहत मौजूदा इनकम टैक्स स्लैब 

इनकम टैक्स स्लैब (रु.) इनकम टैक्स दरें (%)
0 से 2,50,000 तक      0
2,50,001 से 5,00,000 तक  5
5,00,001 से 10,00,000 तक  20
10,00,001 और उससे ज़्यादा      30

बजट 2026 में इनकम टैक्स को लेकर सबसे बड़ी उम्मीदें

पिछले कुछ सालों में नए टैक्स सिस्टम में काफी बदलाव हुए हैं, और अब ₹12.75 लाख तक की इनकम टैक्स-फ्री है. इससे यह सवाल उठता है कि और क्या राहत दी जाएगी. सैलरी पाने वाले लोगों को उम्मीद है कि सरकार धीरे-धीरे पुराने टैक्स सिस्टम को खत्म कर देगी, लेकिन कई लोग अभी भी 80C, 80D और होम लोन डिडक्शन जैसी कटौतियों पर निर्भर हैं.

फिलहाल, नए टैक्स सिस्टम के तहत ₹12 लाख तक की इनकम टैक्स-फ्री है. मिडिल क्लास चाहता है कि इस राहत को और बढ़ाया जाए, जिससे ₹15 लाख तक की इनकम टैक्स-फ्री हो जाए. महंगाई और रोज़मर्रा के खर्चे तेज़ी से बढ़ रहे हैं और यह राहत लाखों परिवारों के लिए एक बड़ी मदद हो सकती है.

स्टैंडर्ड डिडक्शन बढ़ाने की मांग

स्टैंडर्ड डिडक्शन बढ़ाकर ₹75,000 कर दिया गया है, लेकिन यह फायदा अभी दोनों सिस्टम में एक जैसा नहीं है. सैलरी पाने वाले लोग चाहते हैं कि यह फायदा नए और पुराने दोनों टैक्स सिस्टम में एक जैसा हो ताकि फैसला लेना आसान हो. सैलरी पाने वाले वर्ग की ओर से स्टैंडर्ड डिडक्शन को ₹75,000 से बढ़ाकर ₹1 लाख करने की लगातार मांग है.

कैपिटल गेन्स टैक्स को आसान बनाने की जरूरत

इन्वेस्टर्स शेयरों, म्यूचुअल फंड और प्रॉपर्टी पर टैक्स नियमों में बार-बार होने वाले बदलावों से परेशान हैं. उम्मीद है कि बजट 2026 कैपिटल गेन्स टैक्स को आसान बनाएगा. होल्डिंग पीरियड, टैक्स रेट और इंडेक्सेशन से जुड़े नियम सीधे और साफ होने चाहिए ताकि लोग बिना किसी डर के इन्वेस्ट कर सकें.

होम लोन और हेल्थ इंश्योरेंस पर राहत की उम्मीद

नया टैक्स सिस्टम होम लोन और हेल्थ इंश्योरेंस पर छूट नहीं देता है. रिपोर्ट्स के मुताबिक, सरकार इस पर विचार कर सकती है. अगर होम लोन के इंटरेस्ट पर दो लाख रुपये तक और हेल्थ इंश्योरेंस पर पचास हज़ार रुपये तक की छूट दी जाती है, तो नया टैक्स सिस्टम ज़्यादा लोगों के लिए ज़्यादा आकर्षक हो सकता है.
सेक्शन 80C के तहत लिमिट 2014 से डेढ़ लाख रुपये पर अटकी हुई है, जबकि खर्च और बचत दोनों बढ़ गए हैं. सैलरी पाने वाले लोग चाहते हैं कि बजट 2026 में इस लिमिट को बढ़ाया जाए ताकि यह फिर से काम की हो जाए, जिससे उन्हें PPF, EPF और इंश्योरेंस जैसे बचत के तरीकों से ठीक से फायदा मिल सके.

सीनियर सिटीजन के लिए अलग टैक्स सिस्टम की मांग

सीनियर सिटीजन और पेंशनर्स का कहना है कि नया टैक्स सिस्टम उनकी ज़रूरतों को नज़रअंदाज़ करता है. उनके मेडिकल खर्च और रोज़ाना के रहने का खर्च ज़्यादा होता है. इसलिए, बजट 2026 में उनके लिए एक अलग टैक्स स्लैब या ज़्यादा छूट की उम्मीद है.

टैक्स रिफंड में देरी से आज़ादी

कई लोगों को अपने टैक्स रिफंड के लिए महीनों इंतज़ार करना पड़ता है. स्टेटस साफ नहीं होता है और पैसा फंसा रहता है. उम्मीद है कि बजट 2026 में तेज़ी से रिफंड और ज़्यादा पारदर्शी और भरोसेमंद सिस्टम सुनिश्चित किया जाएगा.

अब इनकम टैक्स स्लैब को GST की तरह आसान बनाने की मांग है. कम स्लैब और साफ़ रेट से टैक्स समझना और फाइल करना आसान हो जाएगा. यह सिस्टम सरकार के लिए भी बेहतर हो सकता है.

होम लोन इंटरेस्ट छूट को बढ़ाकर 5 लाख रुपये करने की मांग

बजट 2026 से पहले, रियल एस्टेट सेक्टर ने सरकार से अपनी मांगों को दोहराया है. रियल एस्टेट सेक्टर के अनुसार, होम लोन पर इंटरेस्ट डिडक्शन अभी ₹2 लाख तक सीमित है, जिसे बढ़ाकर ₹5 लाख किया जाना चाहिए. इससे घर खरीदने वालों को राहत मिलेगी और घरों की मांग बढ़ेगी.

शादीशुदा जोड़ों के लिए जॉइंट टैक्स सिस्टम की मांग

बजट 2026 में शादीशुदा जोड़ों के लिए जॉइंट टैक्स सिस्टम शुरू करने की भी बात हो रही है. मांग है कि पति-पत्नी को अपने टैक्स एक साथ फाइल करने का ऑप्शन मिलना चाहिए. अभी दोनों को अलग-अलग टैक्स देना पड़ता है, जिससे सिर्फ़ एक कमाने वाले सदस्य वाले परिवारों पर ज़्यादा टैक्स का बोझ पड़ता है. अगर जॉइंट टैक्स सिस्टम लागू होता है, तो टैक्स के मकसद से परिवार को एक यूनिट माना जाएगा, और कई मिडिल क्लास परिवारों को सीधे फायदा हो सकता है.
Shristi S

Shristi S has been working in India News as Content Writer since August 2025, She's Working ITV Network Since 1 year first as internship and after completing 3 months intership Shristi Joined Inkhabar Haryana of ITV Group on November 2024. She Worked in Inkhabar Haryana 9 months there she cover full Haryana news. Currently In India News her speciality is hard news, lifestyle, entertainment, Business.

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