Gold Silver Price:बजट के एलानों के बाद सोने-चांदी की कीमतों में भारी गिरावट देखने को मिली.
Gold Silver Price
Budget 2026: बजट के दिन जहां देश का ध्यान पार्लियामेंट पर था, वहीं कमोडिटी मार्केट में उतार-चढ़ाव था. लगातार दूसरे दिन सोने और चांदी की कीमतों में भारी गिरावट आई, जिसका असर इन्वेस्टर्स और रिटेल बायर्स दोनों पर पड़ा. सोना और चांदी जो कुछ दिन पहले ही आसमान छू रहे थे 1 फरवरी को बजट पेश होने के बाद और गिर गए. फ्यूचर्स मार्केट में इस उथल-पुथल ने कीमतों को रिकॉर्ड लेवल से काफी नीचे पहुंचा दिया है, जिससे मार्केट का आउटलुक पूरी तरह बदल गया है.
बजट के दिन,सोने और चांदी की कीमतों में भारी गिरावट ने निवेशकों को चौंका दिया. स्पॉट मार्केट में चांदी की कीमतें गिरकर 265,600 रुपये प्रति किलो हो गईं, जबकि हफ़्ते की शुरुआत में यह 4 लाख रुपये प्रति किलो थीं यानी एक ही हफ़्ते में लगभग 1.34 लाख रुपये प्रति किलो की बड़ी गिरावट. बजट के दौरान MCX पर भी सोने की कीमतें ₹9,000 प्रति 10 ग्राम गिर गईं, जो लगभग 6.45% गिरकर ₹1.40 लाख पर आ गईं, हालांकि बाद में कुछ रिकवरी देखी गई. चांदी की गिरावट और भी ज़्यादा थी, जो दो दिनों के अंदर ₹71,000 प्रति kg तक पहुंच गई. निवेशकों को बजट में इंपोर्ट ड्यूटी में और कमी की उम्मीद थी, लेकिन सरकार ने ऐसा कोई ऐलान नहीं किया.
मार्केट में इस सुनामी के पीछे दो बड़े कारण माने जा रहे हैं. पहला कारण है भारी प्रॉफिट बुकिंग. पिछले कुछ दिनों में सोने और चांदी की कीमतें ऑल-टाइम हाई पर पहुंच गई थीं. जिन इन्वेस्टर्स ने निचले लेवल पर खरीदा था, उन्होंने प्रॉफिट कमाने के लिए अपनी होल्डिंग्स बेचना शुरू कर दिया. दूसरा कारण फिजिकल डिमांड में कमी है. कीमतें आसमान छूने लगीं, तो कंज्यूमर्स और इंडस्ट्री दोनों की डिमांड कमजोर हो गई, जिससे कीमतों पर दबाव पड़ा.
इस गिरावट का सबसे बड़ा और टेक्निकल कारण मार्जिन मनी में बढ़ोतरी है. SEBI-रजिस्टर्ड कमोडिटी एक्सपर्ट अनुज गुप्ता के मुताबिक, कॉपर के बाद अब शिकागो मर्केंटाइल एक्सचेंज (CME) ने सोने और चांदी पर मार्जिन बढ़ा दिया है. सोने पर मार्जिन 6% से बढ़ाकर 8% और चांदी पर 11% से 15% कर दिया गया है.
इसे ऐसे समझें… कमोडिटी मार्केट में ट्रेडिंग के लिए पूरी रकम नहीं देनी होती, बल्कि उसका एक हिस्सा मार्जिन या सिक्योरिटी के तौर पर देना होता है. जब एक्सचेंज यह मार्जिन बढ़ाता है, तो ट्रेडर्स को अपनी मौजूदा पोजीशन बनाए रखने के लिए अपनी जेब से ज़्यादा पैसे इन्वेस्ट करने पड़ते हैं. कई ट्रेडर्स के पास तुरंत एक्स्ट्रा कैश नहीं होता, इसलिए उन्हें अपना सोना और चांदी बेचने के लिए मजबूर होना पड़ता है. जब मार्केट में एक साथ कई लोग बेचते हैं, तो कीमतें ताश के पत्तों की तरह ऊपर-नीचे होने लगती हैं. मार्जिन बढ़ने से कीमतों पर यह दबाव जारी रहने की संभावना है.
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