Copper-Aluminium prices: सोने और चांदी की कीमतों में चल रहे उतार-चढ़ाव के बीच बेस मेटल्स में भी एक्टिविटी बढ़ी है. मजबूत स्पॉट डिमांड के कारण शुक्रवार को कॉपर और एल्युमीनियम फ्यूचर्स में तेजी आई जिससे कमोडिटी मार्केट में बदलाव का संकेत मिला.
कॉपर के लेटेस्ट रेट क्या हैं?
मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर मार्च डिलीवरी के लिए कॉपर का भाव ₹16.60, या 1.37% बढ़कर ₹1,223.90 प्रति किलोग्राम हो गया. इस दौरान कुल 16,912 लॉट का ट्रेड हुआ.
ट्रेडिंग सेशन के दौरान कॉपर की कीमतें ₹1,228 के हाई और ₹1,209.30 प्रति किलोग्राम के लो लेवल पर पहुंच गईं. पिछले ट्रेडिंग सेशन में यह ₹1,207.30 प्रति किलोग्राम पर बंद हुई थी.
मार्केट एनालिस्ट के मुताबिक मजबूत स्पॉट डिमांड और ट्रेडर्स के अपने बेट साइज बढ़ाने की वजह से कॉपर फ्यूचर्स में तेजी आई.
एल्युमिनियम की कीमतें किस तरफ जा रही हैं?
एल्युमिनियम की कीमतों में भी बढ़ोतरी देखी गई. मार्च डिलीवरी के लिए एल्युमिनियम 90 पैसे या 0.29% बढ़कर ₹313 प्रति किलोग्राम हो गया. ट्रेडिंग वॉल्यूम 4,577 लॉट था.
ट्रेडिंग के दौरान यह ₹314.50 के हाई और ₹312 प्रति किलोग्राम के लो पर पहुंचा. पिछले ट्रेडिंग दिन यह ₹312.10 पर बंद हुआ था.
एनालिस्ट्स ने कहा कि स्पॉट मार्केट में कंज्यूमर इंडस्ट्रीज की बढ़ी हुई डिमांड और सट्टेबाजों की नई खरीदारी से फ्यूचर्स मार्केट को सपोर्ट मिला.
दोनों मेटल क्यों बढ़ रहे हैं?
कमोडिटी एक्सपर्ट्स का मानना है कि जब सोना और चांदी जैसे कीमती मेटल वोलाटाइल होते हैं, तो इन्वेस्टर और ट्रेडर भी बेस मेटल की तरफ रुख करते हैं. कॉपर और एल्युमीनियम जैसे इंडस्ट्रियल मेटल कंस्ट्रक्शन, पावर और इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर से जुड़े हैं इसलिए उनका फायदा भी इकोनॉमिक एक्टिविटी से जुड़ा है.
कुल मिलाकर, स्पॉट डिमांड और बढ़ते सौदों ने कॉपर और एल्युमीनियम को सपोर्ट किया. ग्लोबल संकेत और इंडस्ट्रियल डिमांड की दिशा आने वाले दिनों में इन धातुओं की कीमतें तय करेगी.