Dhoot Transmission IPO: धूत ट्रांसमिशन लिमिटेड का ₹3,066.89 करोड़ का IPO आज 10 अगस्त को खुला. इस IPO में ₹1,400 करोड़ की कीमत वाले 1.61 करोड़ शेयरों का नया इश्यू और ₹1,666.89 करोड़ की कीमत वाले 1.91 करोड़ शेयरों का ऑफर फॉर सेल (OFS) शामिल है. OFS के तहत प्रमोटर BC एशिया इन्वेस्टमेंट्स XV लिमिटेड और मंगलम कैपिटल प्राइवेट लिमिटेड अपने शेयर बेचेंगे. BC एशिया इन्वेस्टमेंट्स XV लिमिटेड, प्राइवेट इक्विटी फर्म बेन कैपिटल की एक इकाई है.
IPO के लिए प्राइस बैंड ₹829 से ₹871 प्रति शेयर तय किया गया है और लॉट साइज़ 17 शेयरों का है. IPO 12 अगस्त को बंद होगा और शेयरों का अलॉटमेंट 13 अगस्त को फाइनल होने की उम्मीद है. कंपनी के शेयर 17 अगस्त को NSE और BSE दोनों पर लिस्ट होने की उम्मीद है.
धूत ट्रांसमिशन लिमिटेड भारत की प्रमुख इलेक्ट्रिकल और इलेक्ट्रॉनिक्स (E&E) कंपनियों में से एक है. यह ऑटोमोटिव और नॉन-ऑटोमोटिव दोनों तरह के इस्तेमाल के लिए वायरिंग हार्नेस और इलेक्ट्रिकल डिस्ट्रीब्यूशन सिस्टम को डिजाइन, इंजीनियर, मैन्युफैक्चर और सप्लाई करती है. इसके प्रोडक्ट्स की रेंज में वायरिंग हार्नेस, सेंसर और इलेक्ट्रॉनिक कंट्रोलर, ऑटोमोटिव स्विच, बैटरी पैक, टर्मिनल, कनेक्टर, केबल और पावर सप्लाई कॉर्ड शामिल हैं. ये प्रोडक्ट्स इंटरनल कंबशन इंजन (ICE) और इलेक्ट्रिक व्हीकल (EV) दोनों तरह के एप्लिकेशन को सपोर्ट करने वाले प्लेटफॉर्म के लिए बनाए गए हैं. कंपनी के प्रोडक्ट्स का इस्तेमाल टू-व्हीलर, थ्री-व्हीलर, कमर्शियल व्हीकल, ऑफ-रोड व्हीकल, अर्थमूवर, एग्रीकल्चरल इक्विपमेंट, मेडिकल डिवाइस और घरेलू उपकरणों में किया जाता है.
IPO खुलने से पहले कंपनी ने अपने एंकर बुक के ज़रिए ₹918.3 करोड़ जुटाए. इसने 72 एंकर इन्वेस्टर्स को ₹871 प्रति शेयर की कीमत पर 1.05 करोड़ से ज़्यादा इक्विटी शेयर अलॉट किए. एंकर बुक में कई घरेलू और ग्लोबल इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टर्स ने हिस्सा लिया. घरेलू म्यूचुअल फंड्स की हिस्सेदारी सबसे ज़्यादा थी जिसमें 12 फंड हाउस ने 46 स्कीम के जरिए निवेश किया उन्हें 64.59 लाख इक्विटी शेयर अलॉट किए गए.
Dhoot Transmission IPO: क्या आपको करना चाहिए अप्लाई? जानें IPO की पूरी डिटेल
SBI सिक्योरिटीज: कोई रेटिंग नहीं
SBI सिक्योरिटीज का कहना है कि धूत ट्रांसमिशन टू-व्हीलर और थ्री-व्हीलर सेगमेंट के लिए ऑटो पार्ट्स बनाने वाली एक अहम कंपनी है. इसके ऑटोमोटिव प्रोडक्ट पोर्टफोलियो का लगभग 95% हिस्सा EV या पावरट्रेन-न्यूट्रल प्लेटफॉर्म पर केंद्रित है. इससे कंपनी ऑटोमोटिव इंडस्ट्री में इलेक्ट्रिफिकेशन की ओर हो रहे लंबे समय के बदलाव का फायदा उठाने की मजबूत स्थिति में है.
SBI सिक्योरिटीज के अनुसार धूत ट्रांसमिशन को EV के तेजी से अपनाए जाने और प्लेटफॉर्म की बढ़ती जटिलता से फायदा हो सकता है. इससे कंपनी को अपनी किट वैल्यू बढ़ाने और कुल बिल ऑफ मैटेरियल्स (BOM) में अपनी हिस्सेदारी बढ़ाने में मदद मिल सकती है.
आनंद राठी की Dhoot Transmission IPO पर राय: लंबी अवधि के लिए करें सब्सक्राइब
आनंद राठी का मानना है कि धूत ट्रांसमिशन भारत के ऑटोमोटिव और EV इकोसिस्टम की स्ट्रक्चरल ग्रोथ से फायदा उठाने की अच्छी स्थिति में है. इस राय को टू-व्हीलर और थ्री-व्हीलर के लिए वायरिंग हार्नेस सेगमेंट में इसकी मज़बूत स्थिति का समर्थन मिलता है कंपनी की थ्री-व्हीलर सेगमेंट में 70% से ज़्यादा मार्केट हिस्सेदारी है. ब्रोकरेज को उम्मीद है कि धूत ट्रांसमिशन को EV के बढ़ते इस्तेमाल प्रीमियम प्रोडक्ट्स की बढ़ती मांग और हर गाड़ी में इस्तेमाल होने वाले वायरिंग हार्नेस की ज़्यादा संख्या से फ़ायदा होगा.
ब्रोकरेज को यह भी उम्मीद है कि कैपेसिटी बढ़ाने से खासकर होसुर में वायरिंग हार्नेस और चाकन में बैटरी मैन्युफैक्चरिंग के लिए कंपनी की क्षमताएं मजबूत होंगी. ये विस्तार कंपनी को EV और ऑटोमोटिव इलेक्ट्रॉनिक्स सेक्टर में मौकों का फायदा उठाने में मदद करेंगे. आनंद राठी IPO के वैल्यूएशन को सही मानते हैं हालांकि कुछ ही क्लाइंट्स पर ज़्यादा निर्भरता और विस्तार प्रोजेक्ट्स से जुड़े एग्जीक्यूशन रिस्क मुख्य चिंताएं बनी हुई हैं.
कुल मिलाकर ब्रोकरेज का मानना है कि धूत ट्रांसमिशन की मार्केट लीडरशिप, ओरिजिनल इक्विपमेंट मैन्युफैक्चरर्स (OEMs) के साथ लंबे समय से चले आ रहे संबंध, मैन्युफैक्चरिंग कैपेसिटी का विस्तार और EV कंपोनेंट्स में बढ़ती मौजूदगी कंपनी को लंबी अवधि की ग्रोथ के लिए अच्छी स्थिति में रखती है.
IPO से मिलने वाले पैसे का इस्तेमाल कैसे किया जाएगा?
कंपनी नए शेयर जारी करके जुटाए गए पैसे का इस्तेमाल अपने और अपनी सब्सिडियरी कंपनियों के कर्ज को चुकाने के लिए करने की योजना बना रही है. इसके अलावा कंपनी इस पैसे का इस्तेमाल झज्जर (हरियाणा) और होसुर (तमिलनाडु) में वायरिंग हार्नेस बनाने वाले प्लांट लगाने के लिए करेगी. साथ ही इस पैसे का इस्तेमाल भविष्य में कंपनियों को खरीदने और सामान्य कॉर्पोरेट कामों के लिए भी किया जा सकता है.
ग्रे मार्केट में Dhoot Transmission के शेयर 29.74% के प्रीमियम पर ट्रेड हो रहे हैं. ग्रे मार्केट एक अनौपचारिक बाजार है जहां किसी कंपनी के शेयरों की ट्रेडिंग तब होती है जब वे स्टॉक एक्सचेंज पर आधिकारिक तौर पर लिस्ट नहीं हुए होते हैं.
धूत ट्रांसमिशन का फाइनेंशियल परफॉर्मेंस
पिछले फाइनेंशियल ईयर में ₹3,472.24 करोड़ के मुकाबले FY2025-26 में धूत ट्रांसमिशन का रेवेन्यू 31% बढ़कर ₹4,563.70 करोड़ हो गया. कंपनी का नेट प्रॉफ़िट भी 12% बढ़कर ₹396.84 करोड़ हो गया जो FY2025 में ₹353.89 करोड़ था. FY2026 तक कंपनी पर ₹841.39 करोड़ का कर्ज था.
इस IPO के लिए एक्सिस कैपिटल, जेफ़रीज इंडिया, कोटक महिंद्रा कैपिटल कंपनी, नोमुरा फाइनेंशियल एडवाइजरी एंड सिक्योरिटीज (इंडिया), SBI कैपिटल मार्केट्स और 360 ONE WAM बुक-रनिंग लीड मैनेजर हैं.