Diesel Export Duty Increase: वित्त मंत्रालय ने शनिवार (11 अप्रैल, 2026) को डीज़ल और एविएशन टर्बाइन फ़्यूल (ATF) पर एक्सपोर्ट ड्यूटी में भारी बढ़ोतरी का एलान किया है. हालांकि, पेट्रोल पर ड्यूटी में कोई बदलाव नहीं किया. मंत्रालय के मुताबिक, डीज़ल पर एक्सपोर्ट ड्यूटी 21.5 रुपये प्रति लीटर से बढ़ाकर 55.5 रुपये प्रति लीटर कर दी गई है, जबकि ATF पर इसे 29.5 रुपये प्रति लीटर से बढ़ाकर 42 रुपये प्रति लीटर कर दिया गया है.
जानकारी के अनुसार नई दरें तत्काल प्रभाव से लागू की जाएंगी. यह कदम ऐसे समय उठाया गया है जब सरकार ऐसे उपायों पर विचार कर रही है जिनसे ईंधन की बढ़ती कीमतों का असर हवाई किराए पर न पड़े. वैश्विक तेल कीमतों में उतार-चढ़ाव के बीच एयरलाइंस और यात्रियों को बचाने के लिए अधिकारी टैक्स और शुल्क से जुड़े उपायों की समीक्षा कर रहे हैं.
26 मार्च को लगाई गई ड्यूटी का क्या था मकसद?
26 मार्च को लगाई गई पिछली ड्यूटी का मकसद पश्चिम एशिया में चल रहे संघर्ष के दौरान घरेलू ईंधन की उपलब्धता बढ़ाना और एक्सपोर्ट करने वालों को वैश्विक कीमतों में बढ़ते अंतर से फ़ायदा उठाने से रोकना था, क्योंकि कच्चे तेल की कीमतें तेज़ी से बढ़ रही थीं. आपकी जानकारी के लिए बता दें कि ईरान और अमेरिका-इजराइल के बीच (Israel iran war) जंग की वजह से पूरी दुनिया में तेल की आपूर्ति प्रभावित हुई थी.
ईरान और अमेरिका-इजराइल के बीच कब शुरू हुई थी जंग?
ईरान और अमेरिका-इजराइल के बीच 28 फरवरी को जंग शुरू हुई थी. जिसके बाद करीब 40 दिनों के बाद ईरान और अमेरिका-इजराइल के बीच 2 हफ्तों के लिए सीजफायर का एलान किया गया है और दूसरे चरण के सीजफायर को लेकर पाकिस्तान में ईरान और अमेरिका के बीच आज से बातचीत की जा रही है. इस सीजफायर के पीछे की वजहों की बात करें तो पूरे मिडिल ईस्ट में ऊर्जा बाजार प्रभावित होने की वजह से सीजफायर का फैसला लिया गया है. हालांकि ये सीजफायर कब चल चलेगा? इसकी गारंटी कोई नहीं दे सकता है.
सीजफायर के बावजूद इजराइल लगातार लेबनान पर हमला कर रहा है. इसके पीछे इजराइल तर्क दे रहा है कि लेबनान में आतंकी एक्टिव हैं. इसलिए लेबनान पर हमला किया जा रहा है.