Diwali Bonus For Railway Employees 2025: केंद्रीय मंत्रिमंडल अपनी आगामी बैठक में दिवाली बोनस के प्रस्ताव को मंजूरी दे सकता है।
Diwali Bonus For Railway Employees 2025
Diwali Bonus For Railway Employees 2025: दिवाली से ठीक पहले रेलवे कर्मचारियों के लिए खुशखबरी आने वाली है. खबर है कि आज केंद्रीय कैबिनेट रेलवे कर्मचारियों को बड़ा बोनस देने की मंजूरी दे सकती है. सीएनबीसी आवाज़ की रिपोर्ट के अनुसार यह मंजूरी प्रोडक्टिविटी-लिंक्ड बोनस (PLB) स्कीम के तहत होगी. इस स्कीम के ज़रिए कर्मचारियों को उनके कामकाज और उत्पादकता के आधार पर बोनस दिया जाता है. सरकार का मानना है कि इससे कर्मचारियों का मनोबल बढ़ेगा और त्यौहार के समय उन्हें आर्थिक मदद भी मिलेगी.रिपोर्टों के अनुसार, कैबिनेट ने रेलवे कर्मचारियों के लिए पीएलबी के संबंध में एक सकारात्मक निर्णय लिया है. बोनस को कर्मचारियों की उत्पादकता से जोड़ने वाली यह योजना भारतीय रेलवे में लंबे समय से एक प्रोत्साहन रही है.
यदि इसे मंज़ूरी मिल जाती है, तो यह बोनस देश भर के हज़ारों रेलवे कर्मचारियों को अतिरिक्त वित्तीय सहायता प्रदान करेगा. पीएलबी कर्मचारियों के प्रयासों को मान्यता देने के लिए बनाया गया है और त्योहारी सीज़न के दौरान एक महत्वपूर्ण वित्तीय बढ़ावा हो सकता है. रिपोर्टों से संकेत मिलता है कि कैबिनेट के इस फैसले का मंत्रालय में स्वागत किया गया है, और दिवाली से पहले बोनस का समय पर वितरण सुनिश्चित करने के लिए तैयारियां चल रही हैं.
बिज़नेस टुडे की एक रिपोर्ट के मुताबिक आने वाली कैबिनेट मीटिंग में रेलवे कर्मचारियों के बोनस पर एलान हो सकता है. विशेषज्ञों का मानना है कि रेलवे कर्मचारियों (जो शहरी और अर्ध-शहरी इलाकों में बड़ी उपभोक्ता ताकत माने जाते हैं) को बोनस देने से घरेलू खपत सीधे तौर पर बढ़ेगी.इस कदम के साथ, इस साल दिवाली पर लागू किए गए GST में कटौती का फायदा भी जुड़ जाएगा, जिससे खुदरा और उपभोक्ता मांग और तेज हो सकती है. अर्थशास्त्रियों का कहना है कि त्यौहारी सीजन में मिलने वाली नकद राशि का मल्टीप्लायर इफेक्ट होता है, यानी यह साल की आखिरी तिमाही में भी मांग को बनाए रखता है.
रेलवे कर्मचारियों की यूनियनों ने इस महीने सरकार से यह भी मांग की थी कि उत्पादकता बोनस (Productivity Bonus) बढ़ाया जाए और आठवें वेतन आयोग (8th Pay Commission) की घोषणा का नोटिफिकेशन जारी किया जाए. भारतीय रेलवे कर्मचारी महासंघ (IREF) ने कहा है कि फिलहाल बोनस की गणना 6वें वेतन आयोग की न्यूनतम सैलरी ₹7,000 पर की जा रही है, जबकि 7वें वेतन आयोग की न्यूनतम सैलरी ₹18,000 है.IREF के राष्ट्रीय महासचिव सर्वजीत सिंह ने इसे “बहुत अनुचित” बताया।इसी तरह, ऑल इंडिया रेलवे एम्प्लॉइज फेडरेशन (AIRF) ने भी अपनी मांग दोहराई है कि बोनस की गणना में ₹7,000 की सीमा हटाई जाए और इसे मौजूदा वेतन ढांचे के अनुसार बढ़ाया जाए.
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