बढ़ रही हैं धातुओं की कीमतें
फ्यूचर मार्केट (MCX) से लेकर बुलियन मार्केट तक कीमती धातुओं की कीमतें फिर से बढ़ रही हैं. बुधवार को सोने की कीमत 1.45 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम को पार कर गई, जबकि चांदी में भी 4% की बड़ी उछाल आई, जो 2.52 लाख रुपये प्रति किलोग्राम पर पहुंच गई. दिल्ली बुलियन मार्केट में 24 कैरेट सोने की कीमत अभी 1.52 लाख रुपये के आसपास है. हालांकि यह जनवरी के अपने पीक (1.83 लाख रुपये) से कम है, लेकिन आम आदमी के लिए यह अभी भी एक बड़ी कीमत है.
देश भर के बड़े शहरों में आज का हाल
देश के अलग-अलग हिस्सों में कीमतों में थोड़ा बदलाव देखा जा रहा है. दिल्ली, लखनऊ, जयपुर और गुड़गांव जैसे शहरों में 24 कैरेट सोना करीब ₹1,51,900 प्रति 10 ग्राम बिक रहा है. दक्षिण भारत के चेन्नई जैसे शहरों में यह कीमत ₹1.53 लाख से ज़्यादा हो गई है.
चांदी की बात करें तो दिल्ली, मुंबई और कोलकाता समेत लगभग सभी बड़े शहरों में 1 किलो चांदी की कीमत ₹2.80 लाख के करीब पहुंच गई है. ये बढ़ती कीमतें शादियों वाले परिवारों के लिए बजट बिगाड़ने वाली वजह साबित हो रही हैं.
क्यों नहीं कम हो रही हैं कीमते?
सोने और चांदी की कीमतों में इस तेज़ बढ़ोतरी के पीछे कई ग्लोबल और लोकल कारण हैं. दुनिया भर में चल रहे तनाव के कारण, निवेशक अपनी दौलत बचाने के लिए सोना खरीद रहे हैं. इसके अलावा, इलेक्ट्रिक गाड़ियों और सोलर एनर्जी के क्षेत्र में चांदी की बढ़ती इंडस्ट्रियल मांग ने इसकी कीमतों को काफी बढ़ा दिया है. डॉलर के मज़बूत होने और लोकल टैक्स का भी इन कीमतों पर असर पड़ता है. पिछले कुछ सालों में चांदी की कीमतों में ₹1 लाख से ₹4 लाख तक की बढ़ोतरी इस बात का सबूत है कि यह अब सिर्फ़ ज्वेलरी का आइटम नहीं, बल्कि एक कीमती इंडस्ट्रियल मेटल है.
क्या कहते हैं इकोनॉमिक एक्सपर्ट्स?
इकोनॉमिक एक्सपर्ट्स का मानना है कि अगर दुनिया भर में पॉलिटिकल और इकोनॉमिक अस्थिरता बनी रहती है, तो सेफ इन्वेस्टमेंट के तौर पर सोने और चांदी की डिमांड और बढ़ेगी. ऐसे में, इनकी कीमतें आज की तुलना में और भी ज़्यादा बढ़ सकती हैं, जिससे आम लोगों के लिए खरीदना और भी मुश्किल हो जाएगा. ग्लोबल अनिश्चितता सीधे तौर पर मिडिल क्लास के बजट पर एक्स्ट्रा बोझ डाल रही है. मार्केट एक्सपर्ट्स का मानना है कि 2026 के आखिर तक सोने की कीमतें ₹1.75 लाख से ₹1.95 लाख तक पहुंच सकती हैं, जबकि चांदी ₹4.6 लाख प्रति kg तक भी पहुंच सकती है.
सरकारी फैसलों पर टिकी है कीमतों में गिरावट की उम्मीद
भविष्य में कीमतों में गिरावट की एक बड़ी उम्मीद सरकारी फैसलों पर टिकी है. अगर भारत सरकार अपनी पॉलिसी बदलती है और सोने-चांदी पर सरकारी टैरिफ या GST रेट कम करती है, तो मार्केट में कीमतों पर दबाव कम होगा. ऐसी कोई भी टैक्स राहत घरेलू मार्केट में सोने-चांदी की कीमतों को कम कर सकती है, जिससे आम आदमी को काफी राहत मिलेगी.
सोने में कैसे करें इन्वेस्ट?
मौजूदा हालात को देखते हुए, खरीदने के फैसले बहुत सोच-समझकर लेने की जरूरत है. अगर आप इन्वेस्टमेंट या शादी के लिए सोना-चांदी खरीदना चाह रहे हैं, तो मार्केट के उतार-चढ़ाव और सरकारी फैसलों पर कड़ी नजर रखें. एक्सपर्ट्स की सलाह है कि इस समय एक साथ बड़ी खरीदारी करने के बजाय थोड़ी-थोड़ी रकम में इन्वेस्ट करना ज़्यादा सुरक्षित हो सकता है. आने वाले दिनों में, ग्लोबल संकेत और डॉलर की चाल तय करेगी कि सोना आम आदमी की पहुंच में वापस आएगा या और महंगा होगा.