<
Categories: बिज़नेस

Who is Natarajan Chandrasekaran: टाटा ग्रुप में लीडरशिप को लेकर खींचतान, चंद्रशेखरन के कार्यकाल पर टला फैसला

Who is Natarajan Chandrasekaran: संभावित मतभेदों की अटकलों के बीच टाटा संस के चेयरमैन नटराजन चंद्रशेखरन को लेकर कुछ बातें निकलकर सामने आ रही हैं. उन्होंने बोर्ड मीटिंग में चेयरमैन के तौर पर अपनी दोबारा नियुक्ति पर फैसला टालने की सिफारिश की थी.

Who is Natarajan Chandrasekaran: संभावित मतभेदों की अटकलों के बीच टाटा संस के चेयरमैन नटराजन चंद्रशेखरन को लेकर कुछ बातें निकलकर सामने आ रही हैं. उन्होंने बोर्ड मीटिंग में चेयरमैन के तौर पर अपनी दोबारा नियुक्ति पर फैसला टालने की सिफारिश की थी. उन्होंने कहा, 'मैंने सिफारिश की थी कि मेरे एक्सटेंशन पर फैसला टाल दिया जाना चाहिए. टाटा ग्रुप के लिए कुछ नहीं बदलता है' उन्होंने आगे कहा कि टाटा ग्रुप के कामकाज या दिशा में कोई बदलाव नहीं होगा.

टाटा संस के बोर्ड ने मंगलवार को चंद्रशेखरन को चेयरमैन के तौर पर तीसरे टर्म के लिए दोबारा नियुक्त करने पर फैसला टाल दिया. उन्होंने कहा कि बोर्ड ने अपनी मीटिंग में चंद्रशेखरन का टर्म फरवरी 2027 में खत्म होने वाले मौजूदा टर्म से आगे बढ़ाने पर कोई फैसला नहीं लिया. हालांकि, मीटिंग के तुरंत बाद कोई ऑफिशियल बयान जारी नहीं किया गया लेकिन सूत्रों ने कहा कि टाटा ट्रस्ट्स के चेयरमैन नोएल टाटा, जिनके पास टाटा संस में 66 परसेंट हिस्सेदारी है, ने ग्रुप की कुछ कंपनियों में नुकसान को लेकर चिंता जताई.

बोर्ड मेंबर्स का मिला साथ

नोएल ने कहा कि नोएल टाटा भी टाटा संस की लिस्टिंग के पक्ष में नहीं थे और एक लिखित कमिटमेंट चाहते थे. 62 साल के चंद्रशेखरन को कई बोर्ड मेंबर्स का सपोर्ट मिला, जिन्हें लगा कि ग्रुप की एक कंपनी में हुए नुकसान से ग्रुप की ओवरऑल परफॉर्मेंस या चेयरमैन के सालों के योगदान पर असर नहीं पड़ना चाहिए. कुछ डायरेक्टर्स ने वोटिंग की मांग की लेकिन चंद्रशेखरन ने इसे टालने की अपील की. 

एन चंद्रशेखरन कौन हैं?

1987 में टाटा ग्रुप में शामिल होने के बाद चंद्रशेखरन फरवरी 2017 में टाटा संस के चेयरमैन का चार्ज संभालने से पहले टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज टाटा ग्रुप की IT फर्म के CEO बने. चंद्रशेखरन को रीस्ट्रक्चरिंग और कंसोलिडेशन के दौर से गुजरने वाले इस डायवर्सिफाइड ग्रुप को चलाने का क्रेडिट दिया जाता है. उनके अंडर, टाटा ग्रुप की 15 सबसे बड़ी लिस्टेड कंपनियों का रेवेन्यू और प्रॉफिट लगभग दोगुना हो गया. उनके कार्यकाल में कई बड़े दांव लगे. भारत की पहली देसी सेमीकंडक्टर फैब्रिकेशन फैसिलिटी बनाने के प्लान को आगे बढ़ाने से लेकर घाटे में चल रही एयर इंडिया को टेक ओवर करने और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस से हुई बड़ी उथल-पुथल के बीच कैश इंजन टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज़ को चलाने तक.

टाटा ग्रुप

1868 में मुंबई में पारसी इंडस्ट्रियलिस्ट जमशेदजी नुसरवानजी टाटा ने शुरू किया था. टाटा ग्रुप अपने 156 साल के इतिहास में ज़्यादातर समय टाटा परिवार के लीडरशिप में रहा. साल 2012 में रतन टाटा ने चेयरमैन का पद छोड़ दिया और शापूरजी पलोनजी ग्रुप के साइरस मिस्त्री को कमान सौंप दी. 2016 में बोर्डरूम में हुए एक बड़े झगड़े के कारण मिस्त्री को टाटा संस ने अचानक हटा दिया, जिसे रतन टाटा का किया हुआ तख्तापलट माना गया. जिंदगी भर कुंवारे और बिना बच्चों वाले रतन टाटा के परिवार में उनका कोई सीधा वारिस नहीं था जो उनकी जगह ले सके.

नोएल टाटा ने संभाली कमान

मिस्त्री की 2022 में मौत हो गई लेकिन शापूरजी पलोनजी ग्रुप के पास टाटा संस में 18 परसेंट हिस्सेदारी है. जिससे वह सबसे बड़ा माइनॉरिटी शेयरहोल्डर बन गया है. 2024 में रतन टाटा की मौत के बाद उनके सौतेले भाई नोएल टाटा को टाटा ट्रस्ट्स का चेयरमैन बनाया गया, जो टाटा संस का मुख्य शेयरहोल्डर हैं. टाटा ट्रस्ट्स के पास टाटा संस में 66 परसेंट हिस्सेदारी है, जिससे उसे टाटा ग्रुप की सबसे बड़ी होल्डिंग कंपनी में ज़रूरी स्ट्रेटेजिक और गवर्नेंस फैसलों पर अहम असर मिलता है.

बदले में टाटा संस कंज्यूमर गुड्स, ऑटोमोबाइल, इन्फॉर्मेशन टेक्नोलॉजी और एविएशन जैसे अलग-अलग सेक्टर में फैली लगभग 30 ऑपरेटिंग कंपनियों के पोर्टफोलियो की देखरेख करता है. ग्रुप की बड़ी एंटिटी में जगुआर लैंड रोवर, टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज़, टाटा मोटर्स और एयर इंडिया शामिल हैं. ओनरशिप स्ट्रक्चर टाटा ट्रस्ट्स को इस डायवर्सिफाइड ग्रुप के गवर्नेंस के सेंटर में रखता है, जिसमें टाटा संस ग्रुप कंपनियों के लिए मुख्य इन्वेस्टमेंट होल्डिंग और प्रमोटर एंटिटी के तौर पर काम करता है.

Pushpendra Trivedi

मैं इंडिया न्यूज में सीनियर सब एडिटर की पोस्ट पर हूं. मैं यहां पर धर्म, लाइफस्टाइल, मनोरंजन, नेशनल, टेक एंड ऑटो और वायरल खबरों को एडिट करता हूं. मुझे पत्रकारिता और कंटेंट की फील्ड में 6 साल से ज्यादा का अनुभव है.

Recent Posts

सोने का भाव आज का 25 फरवरी 2026: सोने की कीमतों में बड़ा ट्विस्ट! कल उछाल, आज रेट देखकर रह जाएंगे हैरान

Gold Price Today: जानिए आज कितना बढ़ा सोने का भाव और खरीदारों के लिए इसका…

Last Updated: February 25, 2026 10:33:34 IST

स्ट्रीट फूड खाना है? कार्डियोलॉजिस्ट ने बताए सेहतमंद विकल्प, बेहतर स्वाद और बजट-फ्रेंडली ऑप्शन

Healthy street food: डॉ. आलोक चोपड़ा के अनुसार, भुने, भाप में पके या उबले जैसे…

Last Updated: February 25, 2026 10:28:41 IST

IND vs ZIM: जिम्बाब्वे के खिलाफ मैच में नहीं खेलेंगे रिंकू सिंह! ये खिलाड़ी जगह लेने के लिए तैयार, जानें ताजा अपडेट

IND vs ZIM: जिम्बाब्वे के खिलाफ मैच से पहले रिंकू सिंह फैमिली हेल्थ इमरजेंसी की…

Last Updated: February 25, 2026 10:24:31 IST

Holi 2026: नई नवेली दुल्हन पहली होली ससुराल में क्यों नहीं मनाती? होलिका की चिता का क्या है रहस्य, जानें वजह

Holi ke Rivaj: ज्योतिष गणना के अनुसार, इस बार होलिका दहन 3 मार्च होगा. इसलिए…

Last Updated: February 25, 2026 10:17:44 IST

कुत्ते के मुंह में इंसान का कटा हुआ पैर, अस्पताल के बाहर देखकर हैरत में पड़ गए लोग; जानें- क्या है पूरा मामला?

Shimla Viral Video: सोशल मीडिया पर एक वीडियो काफी तेजी से वायरल हो रहा है.…

Last Updated: February 25, 2026 10:13:14 IST

Champai Soren Grandson Dies: पूर्व मुख्यमंत्री चंपई सोरेन के पोते की कुल्लू में मौत, हिमाचल प्रदेश घूमने गए थे वीर सोरेन

Champai Soren Grandson Dies: झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री चंपई सोरेन के पोते वीर सोरेन की…

Last Updated: February 25, 2026 10:23:19 IST