बेंगलुरु स्थित एक आईटी स्टार्टअप (IT Start-Up) द्वारा एक ही दिन में 40 प्रतिशत कर्मचारियों (Employee) की छंटनी करने से देश भर में आक्रोश देखने को मिल रहा है.
बेंगलुरु स्टार्ट-अप में अचानक छंटनी, एक ईमेल और 40% कर्मचारी हुए बाहर
Viral Post Sparks Debate: बेंगलुरु के एक उभरते हुए आईटी स्टार्ट-अप द्वारा महज 24 घंटों के अदंर अपने 40 प्रतिशत कार्यबल को नौकरी से निकालने के फैसले ने सोशल मीडिया पर हड़कंप मचा दिया है. देखते ही देखते पूरे इंटरनेट पर एक नया विवाद देखने को मिल रहा है. जहां, प्रभावित कर्मचारियों में से एक सोशल मीडिया पर शेयर की गई एक लिंक्डइन पोस्ट ने इस मुद्दे को राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा का विषय बना दिया है. दरअसल, इंटरनेट पर वायरल हो रहे पोस्ट में बताया जा रहा है कि कैसे बिना किसी पूर्व सूचना या फिर ठोस ‘सेवरेंस पैकेज’ के, दर्जनों प्रतिभावान पेशेवरों को अचानक लॉग-आउट कर दिया गया.
इतना ही नहीं, यह घटना भारतीय टेक इकोसिस्टम में ‘वर्क कल्चर’ और नौकरी की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े करती है. जहां, वायरल पोस्ट में कर्मचारी ने अपनी आपबीती सुनाते हुए कहा कि ‘कल तक हम कंपनी के ‘परिवार’ का हिस्सा थे और आज हम सिर्फ एक आंकड़े बनकर रह गए हैं.’ लेकिन, अब इस खबर के सामने आने के बाद, टेक जगत के दिग्गजों से लेकर आम जनता तक, सभी इस ‘हायर एंड फायर’ नीति की कड़े शब्दों में जमकर निंदा कर रहे हैं.
तो वहीं, दूसरी तरफ बेंगलुरु की इस घटना के बाद से स्टार्टअप जगत के काले सच का एक बार फिर से उजागर हुआ है. जहां, विशेषज्ञ इसे ‘अंधाधुंध फंडिंग’ के बाद आने वाले ‘फंडिंग विंटर’ का परिणाम मान रहे हैं और कंपनियां अपनी बैलेंस शीट सुधारने के लिए सबसे पहले कर्मचारियों की कटौती करने में जुटी हुई है.
अब वायरल पोस्ट के बाद इंटरनेट पर लोग पूरी तरह से दो गुटों में बंट गए हैं. जहां, एक पक्ष इसे व्यापार का हिस्सा मान रहा है, वहीं दूसरा पक्ष सख्त लेबर कानूनों और कर्मचारियों के मानसिक स्वास्थ्य की सुरक्षा की कड़ी मांग करता हुआ नज़र आ रहा है.
कई पूर्व कर्मचारियों ने दावा करते हुए कहा कि इस तरह की अचानक छंटनी से न सिर्फ वित्तीय संकट पैदा होता है, बल्कि कर्मचारियों का आत्मविश्वास भी पूरी तरह से टूट जाता है. हांलाकि, अब मांग उठ रही है कि सरकार को आईटी क्षेत्र में छंटनी की प्रक्रियाओं के लिए एक पारदर्शी नियम बनाने चाहिए ताकि भविष्य में किसी और को इस तरह के ‘डिजिटल आघात’ का सामना नहीं करना पड़े.
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