Indian Air Force Success Story: आज के दौर में जब भारतीय वायु सेना (IAF) अपने शानदार एयर शो के जरिए देश की ताकत और सटीकता दिखा रही है, उसी मंच पर एक ऐसी आवाज़ उभरकर सामने आई है जो इन प्रदर्शनों को आम लोगों से जोड़ती है. जिनके बारे में हम बात कर रहे हैं, उनका नाम फ्लाइट लेफ्टिनेंट कंवल संधू (Flight Lieutenant Kanwal Sandhu) हैं.
सूर्य किरण एरोबैटिक टीम (SKAT) की आधिकारिक कमेंटेटर और जनसंपर्क अधिकारी के रूप में कंवल संधू को “सूर्य किरण की आवाज़” कहा जाता है. उनकी दमदार लाइव कमेंट्री कठिन हवाई करतबों को आसान भाषा में बदल देती है, जिससे हर दर्शक न सिर्फ देखता है बल्कि समझता और महसूस भी करता है.
सैन्य परिवार से मिली प्रेरणा
पंचकूला में पली-बढ़ी कंवल एक सैन्य परिवार से आती हैं. उनके पिता आर्मी में कर्नल रहे और उनकी मां मिलिट्री नर्सिंग सर्विस में ब्रिगेडियर हैं. बचपन से ही अनुशासन और देशसेवा उनके जीवन का हिस्सा रहे, लेकिन उनका असली करियर मोड़ बाद में आया.
आर्किटेक्चर से एयरफोर्स तक का सफर
मणिपाल इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी से आर्किटेक्चर करने के बाद उन्होंने एक सामान्य करियर चुना. लेकिन 2019 में बेंगलुरु के एयरो इंडिया शो ने उनकी सोच बदल दी. IAF के हवाई करतबों को करीब से देखने के बाद उन्होंने ठान लिया कि उन्हें भी इस दुनिया का हिस्सा बनना है. उसी साल AFCAT पास कर 2020 में वे एयरफोर्स में शामिल हो गईं.
ग्राउंड ड्यूटी, लेकिन बेहद अहम भूमिका
हालांकि वह पायलट नहीं हैं, लेकिन एक ग्राउंड-ड्यूटी एडमिनिस्ट्रेटिव ऑफिसर के रूप में उनकी भूमिका बेहद महत्वपूर्ण है. SKAT के एयर शो के दौरान उनकी लाइव कमेंट्री “डायमंड”, “लूप” और “कॉम्बैट तेजस” जैसी फॉर्मेशन को दर्शकों के लिए रोचक बना देती है.
देशभर में पहचान और प्रेरणा
रांची, पटना, हैदराबाद, बेंगलुरु और चंडीगढ़ जैसे कई शहरों में उनके शो ने लाखों लोगों को प्रभावित किया है. उनकी बातों में हमेशा टीमवर्क, अनुशासन और देशभक्ति की झलक मिलती है, जो युवाओं को सेना में करियर बनाने के लिए प्रेरित करती है.
महिलाओं के लिए मजबूत संदेश
कंवल संधू सिर्फ एक अधिकारी नहीं, बल्कि एक रोल मॉडल भी हैं. उनका मानना है कि वर्दी पहनने के बाद जेंडर मायने नहीं रखता. उनकी यह सोच भारतीय रक्षा सेवाओं में बढ़ती समानता को दर्शाती है और महिलाओं को आगे बढ़ने का हौसला देती है.