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विज्ञान वर्ग के टॉपर्स में बढ़ रहा NEET का क्रेज, प्रवेश परीक्षा की तैयारी में जुटे छात्र, पेरेंट्स भी कर रहे सपोर्ट

दक्षिण कन्नड़ और उडुपी जिलों से बोर्ड परीक्षा में विज्ञान स्ट्रीम में दूसरे स्थान पर रहने वाले अधिकांश छात्र अब 3 मई को होने वाली राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (NEET) की तैयारी पर ध्यान केंद्रित कर रहे हैं. मंगलुरु के एक्सपर्ट पीयू कॉलेज के जब तीन टॉपर छात्रों से मीडिया ने बात की तो सब ने एक सुर में Neet परीक्षा पर अपने फोकस होने का जवाब दिया.

Written By: Shivangi Shukla
Last Updated: April 12, 2026 12:39:57 IST

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दक्षिण कन्नड़ और उडुपी जिलों से बोर्ड परीक्षा में विज्ञान स्ट्रीम में दूसरे स्थान पर रहने वाले अधिकांश छात्र अब 3 मई को होने वाली राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (NEET) की तैयारी पर ध्यान केंद्रित कर रहे हैं. मंगलौर क्षेत्र में 12वीं कक्षा के विज्ञान वर्ग की बोर्ड परीक्षाओं में ऊँचे अंक लाने वाले टॉपर्स अब मेडिकल प्रवेश परीक्षा की तैयारी में जुट चुके हैं.

मंगलुरु के एक्सपर्ट पीयू कॉलेज के जब तीन टॉपर छात्रों से मीडिया ने बात की तो सब ने एक सुर में Neet परीक्षा पर अपने फोकस होने का जवाब दिया. इन छात्रों ने बोर्ड परीक्षा में टॉप 10 में अपनी जगह बनाई है. 

टॉप 10 में बनाई जगह 

इन छात्रों ने 12वीं की परीक्षाओं में बहुत अच्छे मार्क्स के साथ टॉप‑लिस्ट में जगह बनाई थी, लेकिन अब वे चाहते हैं कि अपने विज्ञान‑आधारित करियर की दिशा में आगे बढ़ें और इसीलिए NEET की तैयारी पर फोकस कर रहे हैं. इन छात्रों का मानना है कि विज्ञान वर्ग में पढ़ाई करने के बाद मेडिकल कोर्स उनके मेधावी दिमाग और मेहनत का सही उपयोग दिखाने का रास्ता है. इन छात्रों ने बताया कि अगर उन्हें NEET में सफलता मिलती है, तो भारी खर्च उठाकर भी वे अच्छे मेडिकल कॉलेज में प्रवेश लेने के लिए तैयार हैं. कई परिवार भी अपने बच्चों को मेडिकल में जाने के लिए प्रोत्साहित कर रहे हैं, क्योंकि इसे न केवल स्थिर करियर माना जा रहा है, बल्कि समाज में सम्मान भी जुड़ा है.  

युवाओं में NEET के प्रति बढ़ रही रुचि 

चिकित्सा क्षेत्र में उच्च प्रतिष्ठा, नौकरी की सुरक्षा और आर्थिक स्थिरता के कारणछात्र राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (NEET) पर अधिक ध्यान केंद्रित कर रहे हैं , जिसे कोविड-19 महामारी के दौरान विशेष रूप से उजागर किया गया था. यह भारत में सभी चिकित्सा सीटों के लिए एकमात्र, पारदर्शी और निष्पक्ष प्रवेश परीक्षा है, जिससे कई अविश्वसनीय परीक्षाओं में बैठने की आवश्यकता समाप्त हो जाती है.

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Written By: Shivangi Shukla
Last Updated: April 12, 2026 12:39:57 IST

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दक्षिण कन्नड़ और उडुपी जिलों से बोर्ड परीक्षा में विज्ञान स्ट्रीम में दूसरे स्थान पर रहने वाले अधिकांश छात्र अब 3 मई को होने वाली राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (NEET) की तैयारी पर ध्यान केंद्रित कर रहे हैं. मंगलौर क्षेत्र में 12वीं कक्षा के विज्ञान वर्ग की बोर्ड परीक्षाओं में ऊँचे अंक लाने वाले टॉपर्स अब मेडिकल प्रवेश परीक्षा की तैयारी में जुट चुके हैं.

मंगलुरु के एक्सपर्ट पीयू कॉलेज के जब तीन टॉपर छात्रों से मीडिया ने बात की तो सब ने एक सुर में Neet परीक्षा पर अपने फोकस होने का जवाब दिया. इन छात्रों ने बोर्ड परीक्षा में टॉप 10 में अपनी जगह बनाई है. 

टॉप 10 में बनाई जगह 

इन छात्रों ने 12वीं की परीक्षाओं में बहुत अच्छे मार्क्स के साथ टॉप‑लिस्ट में जगह बनाई थी, लेकिन अब वे चाहते हैं कि अपने विज्ञान‑आधारित करियर की दिशा में आगे बढ़ें और इसीलिए NEET की तैयारी पर फोकस कर रहे हैं. इन छात्रों का मानना है कि विज्ञान वर्ग में पढ़ाई करने के बाद मेडिकल कोर्स उनके मेधावी दिमाग और मेहनत का सही उपयोग दिखाने का रास्ता है. इन छात्रों ने बताया कि अगर उन्हें NEET में सफलता मिलती है, तो भारी खर्च उठाकर भी वे अच्छे मेडिकल कॉलेज में प्रवेश लेने के लिए तैयार हैं. कई परिवार भी अपने बच्चों को मेडिकल में जाने के लिए प्रोत्साहित कर रहे हैं, क्योंकि इसे न केवल स्थिर करियर माना जा रहा है, बल्कि समाज में सम्मान भी जुड़ा है.  

युवाओं में NEET के प्रति बढ़ रही रुचि 

चिकित्सा क्षेत्र में उच्च प्रतिष्ठा, नौकरी की सुरक्षा और आर्थिक स्थिरता के कारणछात्र राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (NEET) पर अधिक ध्यान केंद्रित कर रहे हैं , जिसे कोविड-19 महामारी के दौरान विशेष रूप से उजागर किया गया था. यह भारत में सभी चिकित्सा सीटों के लिए एकमात्र, पारदर्शी और निष्पक्ष प्रवेश परीक्षा है, जिससे कई अविश्वसनीय परीक्षाओं में बैठने की आवश्यकता समाप्त हो जाती है.

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