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Home > मनोरंजन > मल्टी-ऑर्गन फेलियर…आशा भोसले की मौत का कारण आया सामने, खुद डॉक्टर ने किया कन्फर्म

मल्टी-ऑर्गन फेलियर…आशा भोसले की मौत का कारण आया सामने, खुद डॉक्टर ने किया कन्फर्म

Asha Bhosle Death Reason: आशा भोसले का रविवार को 92 साल की उम्र में मल्टी ऑर्गन फेलियर की वजह से निधन हो गया है. डॉक्टरों ने जानकारी देते हुए बताया कि कुछ मिनटों पहले ही मल्टी ऑर्गन फेलियर के कारण उनका निधन हो गया है.

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Last Updated: 2026-04-12 13:48:58

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Asha Bhosle Death Reason: भारत की जानी-मानी सिंगर आशा भोसले का रविवार को 92 साल की उम्र में मल्टी-ऑर्गन फेलियर के कारण निधन हो गया. उनका इलाज कर रहे डॉक्टरों ने यह जानकारी दी. डॉ. प्रतीत समदानी ने पीटीआई को बताया कि कुछ मिनट पहले ही मल्टी-ऑर्गन फेलियर के कारण उनका निधन हो गया.

उनकी पोती ज़नाई भोसले ने एक पोस्ट में बताया कि गायिका को शनिवार शाम को सीने में इन्फेक्शन और कमज़ोरी के कारण ब्रीच कैंडी अस्पताल में भर्ती कराया गया था.

कितने साल की उम्र में हुआ निधन?

जानकारी के अनुसार, आशा भोसले का निधन 92 साल की उम्र में हुआ है. उनकी मौत के बाद बेटे आनंद भोसले का बयान सामने आया है. जिसमें उन्होंने कहा कि मेरी मां का आज निधन हो गया. लोग कल सुबह 11 बजे लोअर परेल स्थित ‘कासा ग्रांडे’ में उन्हें अपनी अंतिम श्रद्धांजलि दे सकते हैं, जहां वे रहती थीं. उनका अंतिम संस्कार कल शाम 4 बजे शिवाजी पार्क में किया जाएगा.

शनिवार को अस्पताल में कराया गया था भर्ती

हृदय और सांस की बीमारियों के कारण कई अंगों के काम करना बंद कर देने के बाद शनिवार को भोसले को अस्पताल में भर्ती कराया गया.

कहां हुआ था जन्म?

8 सितंबर, 1933 को सांगली में जन्मी आशा भोसले पंडित दीनानाथ मंगेशकर की तीसरी बेटी थीं. उन्होंने अपना पहला गाना ‘चला चला नव बाला’ 10 साल की उम्र में 1943 में फ़िल्म ‘माझा बाल’ के लिए गाया था. उनके शुरुआती कोरस हिंदी फ़िल्मी गाने 1948 में रिलीज़ हुए, जिनमें ‘सावन आया’ (चुनरिया) और ‘अंधों की दुनिया’ का एक और गाना शामिल है.उनका पहला सोलो हिंदी फ़िल्मी गाना ‘रात की रानी’ (1949) के लिए था.

संगीतकार ओ.पी. नैयर के साथ आशा का शानदार संगीत सफ़र ‘नया दौर’ (1957) से शुरू हुआ. उनके साथ उनका आखिरी गाना ‘चैन से हमको कभी आपने जीने न दिया’ (‘प्राण जाए पर वचन न जाए’, 1974) था. इस गाने के लिए उन्हें फ़िल्मफ़ेयर अवॉर्ड मिला, हालांकि, फ़िल्म में इसे कभी फ़िल्माया नहीं गया था.

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Asha Bhosle Death Reason: भारत की जानी-मानी सिंगर आशा भोसले का रविवार को 92 साल की उम्र में मल्टी-ऑर्गन फेलियर के कारण निधन हो गया. उनका इलाज कर रहे डॉक्टरों ने यह जानकारी दी. डॉ. प्रतीत समदानी ने पीटीआई को बताया कि कुछ मिनट पहले ही मल्टी-ऑर्गन फेलियर के कारण उनका निधन हो गया.

उनकी पोती ज़नाई भोसले ने एक पोस्ट में बताया कि गायिका को शनिवार शाम को सीने में इन्फेक्शन और कमज़ोरी के कारण ब्रीच कैंडी अस्पताल में भर्ती कराया गया था.

कितने साल की उम्र में हुआ निधन?

जानकारी के अनुसार, आशा भोसले का निधन 92 साल की उम्र में हुआ है. उनकी मौत के बाद बेटे आनंद भोसले का बयान सामने आया है. जिसमें उन्होंने कहा कि मेरी मां का आज निधन हो गया. लोग कल सुबह 11 बजे लोअर परेल स्थित ‘कासा ग्रांडे’ में उन्हें अपनी अंतिम श्रद्धांजलि दे सकते हैं, जहां वे रहती थीं. उनका अंतिम संस्कार कल शाम 4 बजे शिवाजी पार्क में किया जाएगा.

शनिवार को अस्पताल में कराया गया था भर्ती

हृदय और सांस की बीमारियों के कारण कई अंगों के काम करना बंद कर देने के बाद शनिवार को भोसले को अस्पताल में भर्ती कराया गया.

कहां हुआ था जन्म?

8 सितंबर, 1933 को सांगली में जन्मी आशा भोसले पंडित दीनानाथ मंगेशकर की तीसरी बेटी थीं. उन्होंने अपना पहला गाना ‘चला चला नव बाला’ 10 साल की उम्र में 1943 में फ़िल्म ‘माझा बाल’ के लिए गाया था. उनके शुरुआती कोरस हिंदी फ़िल्मी गाने 1948 में रिलीज़ हुए, जिनमें ‘सावन आया’ (चुनरिया) और ‘अंधों की दुनिया’ का एक और गाना शामिल है.उनका पहला सोलो हिंदी फ़िल्मी गाना ‘रात की रानी’ (1949) के लिए था.

संगीतकार ओ.पी. नैयर के साथ आशा का शानदार संगीत सफ़र ‘नया दौर’ (1957) से शुरू हुआ. उनके साथ उनका आखिरी गाना ‘चैन से हमको कभी आपने जीने न दिया’ (‘प्राण जाए पर वचन न जाए’, 1974) था. इस गाने के लिए उन्हें फ़िल्मफ़ेयर अवॉर्ड मिला, हालांकि, फ़िल्म में इसे कभी फ़िल्माया नहीं गया था.

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