<
Categories: Career

UPPSC Story: मां का साया बचपन में उठा, पिता ने रिकॉर्ड रूम में किया काम, अब बेटा बना नायब तहसीलदार

UPPSC Result Success Story: सीमित साधनों और कठिन पारिवारिक हालात के बावजूद यूपी के एक शख्स ने हिम्मत नहीं हारी और वह कड़ी मेहनत से पीसीएस पास कर नायब तहसीलदार बनकर अपने सपनों को सच किया.

UPPSC Success Story: अगर हौसले बुलंद हों और लक्ष्य साफ हो, तो कोई भी कठिनाई रास्ता नहीं रोक सकती. इस कहावत को बरेली जिले की बहेड़ी तहसील के सिमरा भोगपुर गांव के रहने वाले सुरेश बाबू ने सच कर दिखाया है. सीमित संसाधनों और कई पारिवारिक कठिनाइयों के बावजूद उन्होंने अपने सपनों को जिंदा रखा और आखिरकार पीसीएस परीक्षा पास कर नायब तहसीलदार बनने का गौरव हासिल किया.

सुरेश बाबू का जीवन शुरू से ही चुनौतियों से भरा रहा. उनके पिता सेवाराम खेती के साथ-साथ तहसील के रिकॉर्ड रूम में पुराने दस्तावेजों की मरम्मत का काम करते हैं. परिवार की आर्थिक स्थिति सामान्य थी, लेकिन उन्होंने अपने बच्चों की शिक्षा में कभी कमी नहीं आने दी. सुरेश बाबू के छोटे भाई आज भी गांव में खेती में पिता का सहयोग कर रहे हैं.

निजी दुखों को बनाया ताकत

बचपन में ही मां का निधन हो गया, जिसने उन्हें अंदर से झकझोर दिया. इसके बाद कोरोना काल में बड़े भाई की मृत्यु ने उनके जीवन में एक और गहरा घाव दिया. लेकिन इन दुखद घटनाओं ने उन्हें तोड़ने के बजाय और मजबूत बना दिया. उन्होंने इन परिस्थितियों को अपनी कमजोरी नहीं, बल्कि प्रेरणा का स्रोत बनाया.

नौकरी के साथ जारी रखी तैयारी

साल 2011 में सुरेश बाबू को बदायूं के एक प्राथमिक विद्यालय में मूक-बधिर बच्चों को पढ़ाने की संविदा नौकरी मिली. यहीं से उन्होंने अपने सपनों को नई दिशा दी. दिन में बच्चों को पढ़ाना और रात में खुद पढ़ाई करना उनकी दिनचर्या बन गई. सीमित समय और संसाधनों के बावजूद उन्होंने अपनी तैयारी जारी रखी.

असफलताओं से सीख, सफलता की ओर कदम

पीसीएस की तैयारी के दौरान उन्हें कई बार असफलताओं का सामना करना पड़ा. दो बार मेंस परीक्षा में असफल होने के बाद भी उन्होंने हार नहीं मानी. उनकी मेहनत और धैर्य ने आखिरकार रंग दिखाया और तीसरे प्रयास में उन्होंने सफलता हासिल कर ली.

युवाओं के लिए प्रेरणा

सुरेश बाबू की कहानी सिर्फ एक सफलता की कहानी नहीं, बल्कि संघर्ष, समर्पण और आत्मविश्वास की मिसाल है. उन्होंने साबित कर दिया कि परिस्थितियां चाहे कितनी भी कठिन क्यों न हों, अगर इरादे मजबूत हों तो मंजिल जरूर मिलती है. उनकी इस उपलब्धि से न सिर्फ उनके परिवार बल्कि पूरे क्षेत्र में खुशी की लहर है.

Munna Kumar

11+ वर्षों के पत्रकारिता अनुभव के साथ इलेक्ट्रॉनिक मीडिया और डिजिटल में SEO-आधारित कंटेंट, डेटा इनसाइट्स और प्रभावी स्टोरीटेलिंग में विशेषज्ञ. रणनीति, क्रिएटिविटी और टेक्निकल स्किल्स के साथ उच्च-गुणवत्ता, आकर्षक और विश्वसनीय कंटेंट तैयार करना शामिल है. अभी इंडिया न्यूज में कार्यरत हूं. इससे पहले नेटवर्क18, जी मीडिया, दूरदर्शन आदि संस्थानों में कार्य करने का अनुभव रहा है.

Share
Published by
Munna Kumar

Recent Posts

‘अगर मां को बलि चाहिए तो…’ धीरेंद्र शास्त्री ने दिया ऐसा बयान, मच गया सियासी घमासान

Dhirendra Shastri Viral Statement: धीरेंद्र शास्त्री ने पश्चिम बंगाल विवाद पर सफाई देते हुए कहा…

Last Updated: September 10, 2026 09:53:01 IST

Radha Ashtami Vrat Katha: राधा अष्टमी पर पूजा के बाद विस्तार से पढ़ें कथा, इसके पाठ से बरसेगी राधा रानी की विशेष कृपा

Radha Ashtami Vrat Katha in Hindi: राधा अष्टमी हर साल भाद्रपद माह के शुक्ल पक्ष…

Last Updated: September 10, 2026 09:24:27 IST

Apple का पहला Foldable iPhone लॉन्च, कीमत और स्पेसिफिकेशंस ने मचाई हलचल! जानें डिजाइन से लेकर हर खास फीचर

iPhone Duo नाम का यह फोल्डेबल फोन जल्द ही दो अलग-अलग रंगों में बिक्री के…

Last Updated: September 10, 2026 09:00:50 IST

Who Is  Razaullah: पहले ही ओवर में जो रूट को कर दिया आउट! रातोंरात क्रिकेट सनसनी बन गया 21 साल का ये पाकिस्तानी क्रिकेटर, इग्लैंड की टीम के उड़ाए होश

21 वर्षीय पाकिस्तानी खिलाड़ी रजाउल्लाह ने अपने पहले ही टेस्ट मैच में इंग्लैंड के कप्तान…

Last Updated: September 10, 2026 08:43:34 IST

Mirzapur Box Office Day 6: छठे दिन भी जारी रहा ‘मिर्जापुर’ का जलवा, 130 करोड़ के पार पहुंची कमाई; खुशी से उछल रहे मेकर्स

Mirzapur Box Office Collection Day 6: 'मिर्जापुर द मूवी' बॉक्स ऑफिस पर धमाल मचा रही…

Last Updated: September 10, 2026 08:22:14 IST