UPSC Rank Controversy: यूपीएससी के नतीजों के बाद 603वीं रैंक को लेकर विवाद खड़ा हो गया है. तारापुर के सब-रजिस्ट्रार अमन कुमार ने आरोप लगाया कि एक युवक उनके नाम से सफलता का झूठा दावा कर रहा है.
UPSC Rank Controversy: सब-रजिस्ट्रार अमन कुमार ने फर्जी दावे पर उठाए सवाल
UPSC Rank Controversy: संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) के 6 मार्च को जारी सिविल सेवा परीक्षा परिणाम के बाद एक बार फिर रैंक को लेकर विवाद सामने आया है. इस बार मामला 603वीं रैंक से जुड़ा है, जहां दो अलग-अलग व्यक्तियों द्वारा एक ही नाम और रैंक को लेकर दावा किए जाने की बात सामने आई है.
भोजपुर जिले के निवासी और मुंगेर के तारापुर अवर निबंधन कार्यालय में कार्यरत सब-रजिस्ट्रार अमन कुमार ने आरोप लगाया है कि सारण जिले का एक युवक उनके नाम और रैंक का इस्तेमाल कर खुद को यूपीएससी में सफल अभ्यर्थी बता रहा है. इस घटना ने एक बार फिर सोशल मीडिया पर फैल रही अपुष्ट जानकारी और फर्जी दावों को लेकर चिंता बढ़ा दी है.
अमन कुमार के अनुसार, परिणाम घोषित होने के दो-तीन दिन बाद उन्हें सोशल मीडिया और कुछ प्रिंट मीडिया रिपोर्टों के माध्यम से पता चला कि उनके नाम से कई पोस्ट और वीडियो तेजी से वायरल हो रहे हैं. यूट्यूब और फेसबुक पर अपलोड किए गए कुछ वीडियो में ढोल-नगाड़ों के साथ जश्न मनाते हुए लोगों को दिखाया गया था और उसमें उनका नाम जोड़कर यह दावा किया जा रहा था कि वही यूपीएससी में 603वीं रैंक हासिल करने वाले अभ्यर्थी हैं.
उन्होंने बताया कि जैसे ही उन्हें इसकी जानकारी मिली, उन्होंने संबंधित यूट्यूब चैनलों और सोशल मीडिया पेज संचालकों से संपर्क कर आपत्ति दर्ज कराई. इसके बाद कुछ वीडियो हटा दिए गए, लेकिन इस घटना ने उन्हें काफी परेशान किया.
मामला यहीं तक सीमित नहीं रहा. अमन कुमार ने बताया कि उनके नाम का इस्तेमाल कर कुछ लोगों से पैसे ठगने की भी कोशिश की गई. एक अभ्यर्थी ने उन्हें संदेश भेजकर बताया कि किसी व्यक्ति ने यूपीएससी में सफलता का हवाला देकर उससे 3,500 रुपये ले लिए. अमन कुमार का कहना है कि किसी की मेहनत की कमाई को इस तरह ठगना बेहद निंदनीय और चिंताजनक है. उन्होंने लोगों से अपील की है कि किसी भी दावे पर भरोसा करने से पहले उसकी सही जानकारी अवश्य जांच लें.
अमन कुमार के मुताबिक, यदि एडमिट कार्ड के क्यूआर कोड और अन्य आधिकारिक विवरण की जांच की जाए तो स्पष्ट हो जाएगा कि वास्तविक अभ्यर्थी वही हैं. उन्होंने बताया कि वे ओबीसी वर्ग से आते हैं और यूपीएससी द्वारा जारी “मार्क्स ऑफ रिकमेंडेड कैंडिडेट्स” सूची में भी उनकी जानकारी उपलब्ध है. उन्होंने 9 मार्च को इस पूरे मामले की जानकारी यूपीएससी के आधिकारिक ईमेल पर भेजकर उचित कार्रवाई की मांग की है. साथ ही सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर भी शिकायत दर्ज कराई गई है.
अमन कुमार वर्तमान में मुंगेर जिले के तारापुर में अवर निबंधक के पद पर कार्यरत हैं. उन्होंने बताया कि उन्होंने वर्ष 2021 में पहली बार यूपीएससी परीक्षा दी थी और यह उनका चौथा प्रयास था. इस प्रयास में उन्हें 603वीं रैंक हासिल हुई है. उन्होंने मीडिया से भी अपील की है कि किसी भी खबर को प्रकाशित करने से पहले तथ्यों का सत्यापन अवश्य किया जाए, ताकि किसी की मेहनत और पहचान पर सवाल न उठे.
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