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UPSC Aspirant: 27 साल से UPSC की तैयारी, 48 की उम्र में भी नहीं टूटा हौसला, अधिकारी बनने का सपना बरकरार

UPSC Aspirant Story: 27 साल से एक शख्स UPSC की तैयारी में जुटे हैं. उनका संघर्ष आज भी युवाओं को सिखाता है कि सपनों के लिए लगातार डटे रहना जरूरी है.

UPSC Aspirant Story: सपने वही सच होते हैं, जिनके लिए इंसान हर हाल में डटा रहता है. ऐसी ही एक प्रेरणादायक कहानी है 48 वर्षीय पुष्पेंद्र श्रीवास्तव (Pushpendra Srivastava) की, जो पिछले 27 वर्षों से UPSC परीक्षा की तैयारी में जुटे हुए हैं. दिल्ली के मुखर्जी नगर की गलियों में उनका संघर्ष आज लाखों युवाओं के लिए मिसाल बन चुका है.

जहां ज्यादातर उम्मीदवार कुछ वर्षों में ही हार मान लेते हैं, वहीं पुष्पेंद्र ने अपने लक्ष्य को कभी नहीं छोड़ा. उम्र के इस पड़ाव पर भी उनका जोश और समर्पण कम नहीं हुआ है. उनका मानना है कि जब तक वे सिविल सर्विस में चयनित नहीं हो जाते, तब तक वे अपनी कोशिश जारी रखेंगे.

आंकड़े बताते हैं असाधारण संघर्ष

पुष्पेंद्र का UPSC सफर बेहद लंबा और चुनौतीपूर्ण रहा है. उन्होंने अब तक:

73 बार प्रीलिम्स परीक्षा दी
43 बार मेन्स तक पहुंचे
4 बार इंटरव्यू राउंड क्लियर किया
39 बार राज्य PCS मेन्स परीक्षा दी

ये आंकड़े सिर्फ नंबर नहीं, बल्कि उनके धैर्य, मेहनत और कभी हार न मानने वाले जज्बे की कहानी बयां करते हैं.

बार-बार असफलता, फिर भी उम्मीद कायम

हर बार जब परिणाम उम्मीद के मुताबिक नहीं आया, तो किस्मत ने उन्हें पीछे धकेल दिया. लेकिन उन्होंने कभी खुद को टूटने नहीं दिया. असफलताओं को उन्होंने सीख में बदला और हर बार नए उत्साह के साथ फिर से तैयारी में जुट गए.

मुखर्जी नगर बना संघर्ष का गवाह

दिल्ली का मुखर्जी नगर UPSC उम्मीदवारों के लिए एक प्रमुख केंद्र माना जाता है, और यही जगह पुष्पेंद्र के संघर्ष की साक्षी रही है. यहां बिताए गए उनके साल सिर्फ पढ़ाई के नहीं, बल्कि आत्मविश्वास, धैर्य और उम्मीद के निर्माण के रहे हैं.

जब तक अधिकारी नहीं बनूंगा, रुकूंगा नहीं

पुष्पेंद्र का एक ही लक्ष्य सिविल सर्वेंट बनना है. उनका कहना है कि जब तक वह अधिकारी नहीं बन जाते, तब तक मेहनत करते रहेंगे. यह सोच ही उन्हें हर असफलता के बाद फिर से खड़े होने की ताकत देती है. आज के समय में जहां लोग जल्दी हार मान लेते हैं, पुष्पेंद्र की कहानी सिखाती है कि सफलता सिर्फ प्रतिभा से नहीं, बल्कि लगातार प्रयास और अटूट विश्वास से मिलती है.

पुष्पेंद्र श्रीवास्तव की यात्रा हमें यह याद दिलाती है कि सपनों की कोई उम्र नहीं होती. अगर इरादा मजबूत हो, तो हर मुश्किल छोटी लगने लगती है. उनका संघर्ष हर उस व्यक्ति के लिए प्रेरणा है, जो अपने लक्ष्य को हासिल करने के लिए लड़ रहा है.

Munna Kumar

11+ वर्षों के पत्रकारिता अनुभव के साथ इलेक्ट्रॉनिक मीडिया और डिजिटल में SEO-आधारित कंटेंट, डेटा इनसाइट्स और प्रभावी स्टोरीटेलिंग में विशेषज्ञ. रणनीति, क्रिएटिविटी और टेक्निकल स्किल्स के साथ उच्च-गुणवत्ता, आकर्षक और विश्वसनीय कंटेंट तैयार करना शामिल है. अभी इंडिया न्यूज में कार्यरत हूं. इससे पहले नेटवर्क18, जी मीडिया, दूरदर्शन आदि संस्थानों में कार्य करने का अनुभव रहा है.

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Munna Kumar
Tags: UPSC

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