UPSC SI Success Story: कर्नाटक पुलिस के एक सब-इंस्पेक्टर ने नौकरी के साथ तैयारी करते हुए UPSC सिविल सेवा परीक्षा 2025 में AIR 641 हासिल की.
UPSC Success Story: कड़ी मेहनत, धैर्य और मजबूत इरादों से कोई भी सपना पूरा किया जा सकता है. कर्नाटक के एक पुलिस अधिकारी ने इसका शानदार उदाहरण पेश किया है. मांड्या में तैनात पुलिस सब-इंस्पेक्टर (PSI) सागर अश्वथप्पा ने अपनी नौकरी के साथ-साथ पढ़ाई जारी रखते हुए प्रतिष्ठित सिविल सेवा परीक्षा पास कर ली है.
संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) द्वारा आयोजित सिविल सर्विसेज़ एग्जामिनेशन 2025 में सागर अश्वथप्पा (Sagar Ashwathappa) ने ऑल इंडिया रैंक (AIR) 641 हासिल की है. उनकी इस उपलब्धि ने न केवल उनके परिवार बल्कि पूरे पुलिस विभाग को गर्व महसूस कराया है.
बेंगलुरु के पुलिस कमिश्नर सीमांत कुमार सिंह ने मंगलवार को आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में सागर को सम्मानित किया. उन्होंने सागर की मेहनत और समर्पण की सराहना करते हुए कहा कि यह सफलता उन युवाओं के लिए प्रेरणा है जो नौकरी करते हुए भी बड़े लक्ष्य हासिल करना चाहते हैं.
सागर अश्वथप्पा कर्नाटक के कोलार तालुक के नेनुमानहल्ली गांव के रहने वाले हैं. उन्होंने अपनी शुरुआती पढ़ाई सरकारी स्कूल से पूरी की. इसके बाद उन्होंने बेंगलुरु स्थित Dr. Ambedkar Institute of Technology से इलेक्ट्रॉनिक्स और इंस्ट्रूमेंटेशन में बैचलर ऑफ इंजीनियरिंग की डिग्री हासिल की. यह संस्थान Visvesvaraya Technological University से संबद्ध है.
सिविल सेवा में जाने का सपना उन्होंने वर्ष 2019 में गंभीरता से शुरू किया. उन्होंने अपनी तैयारी के लिए कन्नड़ साहित्य को वैकल्पिक विषय के रूप में चुना.
पुलिस विभाग में आने से पहले सागर Karnataka Legislative Assembly में विधान सौधा में काम कर चुके हैं. वर्तमान में वह मांड्या में पुलिस सब-इंस्पेक्टर के पद पर तैनात हैं. सागर बताते हैं कि नौकरी के साथ पढ़ाई करना आसान नहीं था, लेकिन उन्होंने समय का सही उपयोग किया. उन्होंने कहा कि वह रोज करीब छह घंटे पढ़ाई करता था. सुबह ड्यूटी पर जाने से पहले दो घंटे और शाम को काम से लौटने के बाद चार घंटे पढ़ता था. मैथ्स उनका कमजोर विषय था और इस परीक्षा को पास करने में उन्हें पांच प्रयास लगे, लेकिन उन्होंने कभी हार नहीं मानी.
सागर के माता-पिता किसान हैं और औपचारिक शिक्षा ज्यादा नहीं ले पाए, लेकिन उन्होंने हमेशा बेटे को आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया. सागर का कहना है कि परिवार के साथ-साथ पुलिस विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों ने भी उनकी तैयारी में पूरा सहयोग दिया.
इस सफलता के बाद सागर को उम्मीद है कि उन्हें Indian Police Service या Indian Revenue Service जैसी सेवाओं में स्थान मिल सकता है. हालांकि उनका लक्ष्य अभी भी और बड़ा है. सागर का कहना है कि वह भविष्य में फिर से परीक्षा देकर Indian Administrative Service में शामिल होने की कोशिश करेंगे. उनकी कहानी यह साबित करती है कि मेहनत, धैर्य और दृढ़ संकल्प से कोई भी लक्ष्य हासिल किया जा सकता है.
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