इंडियन प्रीमियर लीग में अब पाकिस्तानी प्लेयर्स को खेलने की इजाजत नहीं है. आईपीएल के पहले सत्र (2008) में पाकिस्तान के कई बड़े खिलाड़ी खेले थे. शोएब अख्तर, सोहेल तनवीर, शाहिद अफरीदी और मिस्बाह उल हक जैसे खिलाड़ियों ने अपने शानदार खेल से सभी का ध्यान खींचा था. कुल मिलाकर 11 पाकिस्तानी खिलाड़ियों ने पहले सत्र में हिस्सा लिया था. इनमें सोहेल तनवीर सबसे अधिक विकेट लेने वाले गेंदबाज बने थे. उन्होंने पर्पल कैप भी जीता था. बाकी खिलाड़ियों ने भी अच्छा प्रदर्शन किया और दर्शकों का भरपूर मनोरंजन किया.
लेकिन वर्ष 2009 के बाद से कोई भी पाकिस्तानी खिलाड़ी इस प्रतियोगिता में नहीं खेला. इसका सबसे बड़ा कारण भारत और पाकिस्तान के बीच खराब संबंध हैं. वर्ष 2008 में मुंबई में हुए हमले के बाद दोनों देशों के बीच तनाव बढ़ गया, जिसका असर खेल पर भी पड़ा. एक और वजह यह है कि दोनों देशों के बीच अब क्रिकेट मुकाबले बहुत कम होते हैं. जब आपसी सीरीज ही नहीं होती, तो खिलाड़ियों का दूसरी देश की प्रतियोगिता में खेलना भी मुश्किल हो जाता है. बोर्ड ऑफ क्रिकेट कंट्रोल भी इस मामले में काफी सावधानी रखता है.
आज भी कई फैंस चाहते हैं कि पाकिस्तानी खिलाड़ी फिर से इस प्रतियोगिता में खेलें, क्योंकि उनमें बहुत प्रतिभा है. लेकिन जब तक दोनों देशों के रिश्ते बेहतर नहीं होते, तब तक उनकी वापसी मुश्किल ही लगती है. फिर भी, शुरुआती समय में पाकिस्तानी खिलाड़ियों का योगदान आज भी याद किया जाता है. उन्होंने कम समय में ही अपनी खास पहचान बना ली थी.
इन टीमों के लिए खेले थे ये 11 खिलाड़ी:
सोहेल तनवीर- (राजस्थान रॉयल्स):
शाहिद अफरीदी- (डेक्कन चार्जर्स)
शोएब अख्तर- (कोलकाता नाइट राइडर्स):
कामरान अकमल- (राजस्थान रॉयल्स):
मिस्बाह-उल-हक- (रॉयल चैलेंजर्स बैंगलोर):
शोएब मलिक- (दिल्ली डेयरडेविल्स)
मोहम्मद आसिफ- (दिल्ली डेयरडेविल्स)
मोहम्मद हफीज- (कोलकाता नाइट राइडर्स)
उमर गुल- (कोलकाता नाइट राइडर्स)
सलमान बट्ट- (कोलकाता नाइट राइडर्स)
यूनिस खान- (राजस्थान रॉयल्स)