Hathras BBCN Restaurant: हाथरस के बीबीसीएन रेस्टोरेंट पर 18 रुपये MRP वाली पानी की बोतल के लिए 20 रुपये वसूलने और अलग से GST जोड़ने का आरोप लगा. ग्राहक की शिकायत पर मामला अलीगढ़ जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग पहुंचा. कई नोटिस के बावजूद रेस्टोरेंट की ओर से कोई उपस्थित नहीं हुआ, जिसके बाद आयोग ने एकपक्षीय फैसला सुनाते हुए 1 लाख रुपये उपभोक्ता वेलफेयर फंड, 5 हजार रुपये अधिवक्ता फीस और 1 हजार रुपये मानसिक क्षतिपूर्ति देने का आदेश दिया.
18 रुपये की पानी की बोतल पर 2 रुपये ज्यादा वसूले
Hathras BBCN Restaurant: उत्तर प्रदेश के हाथरस स्थित एक प्रसिद्ध रेस्टोरेंट को पानी की बोतल के लिए निर्धारित अधिकतम खुदरा मूल्य (MRP) से ज्यादा रकम वसूलना भारी पड़ गया. आरोप है कि रेस्टोरेंट ने 18 रुपये MRP वाली पानी की बोतल के लिए ग्राहक से 20 रुपये वसूले और उस पर अलग से GST भी जोड़ दिया. ग्राहक ने अतिरिक्त रकम लेने पर आपत्ति जताई और पैसे वापस मांगे, लेकिन रेस्टोरेंट प्रबंधन ने इनकार कर दिया. इसके बाद मामला अलीगढ़ जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग पहुंचा. आयोग ने कई नोटिस जारी किए, लेकिन रेस्टोरेंट की ओर से कोई उपस्थित नहीं हुआ. इसके बाद आयोग ने एकपक्षीय फैसला सुनाते हुए रेस्टोरेंट को कुल 1 लाख 6 हजार रुपये का भुगतान करने का आदेश दिया.
मामला हाथरस के प्रसिद्ध बीबीसीएन रेस्टोरेंट से जुड़ा है. मामले की पैरवी कर रहे अधिवक्ता अंकुर अग्रवाल के अनुसार, ग्राहक ने जब 18 रुपये MRP वाली पानी की बोतल के लिए 20 रुपये वसूलने और अलग से GST जोड़ने पर आपत्ति जताई, तो रेस्टोरेंट प्रबंधन ने अतिरिक्त रकम लौटाने से इनकार कर दिया. बताया गया कि इस दौरान प्रबंधन की ओर से यह दलील भी दी गई कि किसी बड़े होटल में इसी बोतल के लिए 50 रुपये तक लिए जा सकते हैं. रेस्टोरेंट के इस रवैये के बाद ग्राहक ने कानूनी रास्ता अपनाया.
अधिवक्ता अंकुर अग्रवाल के मुताबिक, ग्राहक की ओर से रेस्टोरेंट को कानूनी नोटिस भेजा गया था, लेकिन उसका जवाब नहीं मिला. इसके बाद मामला अलीगढ़ जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग में दाखिल किया गया. इस केस की पैरवी अधिवक्ता अंकुर अग्रवाल और एडवोकेट अमित तोमर ने की. आयोग की ओर से रेस्टोरेंट को कई बार नोटिस भेजे गए, लेकिन प्रबंधन की ओर से कोई प्रतिनिधि सुनवाई के लिए उपस्थित नहीं हुआ.
रेस्टोरेंट की ओर से सुनवाई में शामिल नहीं होने के बाद आयोग ने उपलब्ध रिकॉर्ड के आधार पर एकपक्षीय फैसला सुनाया. आदेश के मुताबिक, रेस्टोरेंट को 1 लाख रुपये जिला उपभोक्ता वेलफेयर फंड में जमा करने होंगे. इसके अलावा 5 हजार रुपये अधिवक्ता फीस और 1 हजार रुपये मानसिक क्षतिपूर्ति के रूप में देने का निर्देश दिया गया. इस तरह कुल रकम 1 लाख 6 हजार रुपये होती है.
यह मामला दिखाता है कि किसी वस्तु के निर्धारित MRP से अधिक वसूली और शिकायत पर सुनवाई न करना उपभोक्ता विवाद का कारण बन सकता है. हालांकि, इस मामले में आयोग का आदेश रेस्टोरेंट की ओर से पेश न होने के बाद एकपक्षीय रूप से आया है. आदेश के सटीक कानूनी आधार और आगे की अपील की स्थिति की जानकारी उपलब्ध विवरण में नहीं दी गई है.
young man Climbed The Tower: बिहार के कैमूर जिले में दुर्गावती के डिडखीली गांव के…
SIR dispute: विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर जारी विवाद के बीच चुनाव आयोग ने…
Shiva Sharma Case: लखनऊ के चर्चित शिवा शर्मा केस में एक नया वीडियो सामने आया…
Mumbra Politics: AIMIM की पार्षद सहर शेख के पिता युनुस शेख को एकनाथ शिंदे की…
October 17 Horoscope: 17 अक्टूबर को नवरात्रि की सप्तमी तिथि पर सूर्य के तुला राशि…
Shiva Sharma Case: लखनऊ के कारोबारी शिवा शर्मा की मौत के मामले में आरोपी श्रद्धा…