Jammu Kidnapping Case: सोमवार सुबह जम्मू-कश्मीर के उधमपुर ज़िले के टिकरी इलाके में जो रेहम्बल पुलिस स्टेशन के अधिकार क्षेत्र में आता है. स्कूल जा रही आठ साल की एक बच्ची का अपहरण कर लिया गया. हालांकि, पुलिस ने तत्परता और कुशलता दिखाते हुए, महज दो घंटों के भीतर ही बच्ची को सुरक्षित बचा लिया.
इस मामले के संबंध में, पुलिस ने तीन आरोपियों को गिरफ़्तार किया है, जिनमें एक महिला भी शामिल है. इस अपहरण की साज़िश का मुख्य सरगना कोई और नहीं, बल्कि बच्ची की अपनी सगी मां ही है. इस चौंकाने वाले खुलासे को देखते हुए, आइए विस्तार से जानते हैं कि यह पूरा मामला आखिर है क्या.
पूरी कहानी क्या है?
रिपोर्ट्स के अनुसार, सोमवार सुबह आठ साल की बच्ची हमेशा की तरह स्कूल जा रही थी. रास्ते में कुछ लोगों ने ज़बरदस्ती उसे एक Alto कार में डाल दिया. इससे पहले कि आस-पास खड़े लोग पूरी तरह समझ पाते कि क्या हो रहा है, आरोपी तेज़ी से गाड़ी भगाकर मौके से फरार हो गए. चश्मदीदों ने तुरंत बच्ची के परिवार और टिकरी पुलिस को इसकी सूचना दी. इसके बाद, बच्ची के पिता ने रेहम्बल पुलिस स्टेशन में औपचारिक शिकायत दर्ज कराई.
पुलिस ने जाल बिछाया
घटना की जानकारी मिलते ही, पूरे पुलिस विभाग को हाई अलर्ट पर रख दिया गया. स्टेशन हाउस ऑफिसर (SHO) इंस्पेक्टर परशोत्तम शर्मा और टिकरी पुलिस चौकी प्रभारी PSI रिदम शर्मा के नेतृत्व में, तुरंत नाकेबंदी की गई और तलाशी अभियान शुरू किया गया. अपहरणकर्ताओं की योजना बच्ची को लेकर नेशनल हाईवे के रास्ते, बट्टल वालियां से होते हुए, और फिर धर रोड के रास्ते राज्य से बाहर भागने की थी.
रेहम्बल पुलिस ने धर रोड पर तैनात मनवाल और मजालता पुलिस इकाइयों को भी सतर्क कर दिया. जैसे ही संदिग्ध Alto कार (रजिस्ट्रेशन नंबर HP64A-9928) मजालता पुलिस स्टेशन की सीमा में विशेष रूप से बट्टल के ‘खूने’ इलाके में दाखिल हुई, पुलिस ने उसे रोक लिया. पुलिस ने गाड़ी के अंदर से बच्ची को सुरक्षित बचा लिया और उसमें सवार तीनों लोगों को गिरफ़्तार कर लिया. आरोपियों की पहचान गंजा सिंह (रामबन का निवासी), और रीता देवी व दीप राम (दोनों सोलन, हिमाचल प्रदेश के निवासी) के रूप में हुई है.
घरेलू विवाद से जुड़ा मामला
सूत्रों के अनुसार, यह पूरी घटना किसी घरेलू विवाद का नतीजा लगती है. बताया जा रहा है कि बच्चे की मां (रीता देवी) ने हिमाचल प्रदेश में दूसरी शादी कर ली थी. पिछले छह सालों से बच्चा अपने पिता के साथ रह रहा था. पुलिस मामले के सभी पहलुओं की जांच कर रही है, जिसमें यह भी शामिल है कि क्या उस जोड़े का तलाक हो चुका था और क्या बच्चे की कस्टडी (अभिभावकत्व) से जुड़ा कोई मामला फ़िलहाल अदालत में लंबित है.
आरोपियों को टिकरी पुलिस के हवाले कर दिया गया है, और आगे की क़ानूनी कार्रवाई जारी है. अपहरण के पीछे का असली मक़सद और आरोपियों के इरादों का पता लगाने के लिए फ़िलहाल जांच चल रही है. जांच पूरी होने के बाद ही स्थिति पूरी तरह से साफ हो पाएगी.