Pilibhit Crime News: उत्तर प्रदेश के पीलीभीत में एक ट्रक ड्राइवर की जलकर हुई मौत को पुलिस ने पहले सड़क हादसा समझा, लेकिन एक फोन नंबर ने पूरे मामले की दिशा बदल दी. जांच में सामने आया कि मृतक के एक महिला से पिछले तीन साल से कथित प्रेम संबंध थे और जब महिला ने रिश्ता खत्म करना चाहा तो विवाद बढ़ गया. उसने पीछा छुड़ाने के लिए 10 जुलाई को बलविंदर को ट्रक समेत जलाकर मार डाला. शुरुआत में वैसा ही हुआ, जैसा वह चाहती थी. पुलिस बलविंदर की मौत को हादसा मान रही थी, मगर एक शक ने हत्याकांड की पर्तें उधेड़ दीं. मंगलवार को आरोपित अमनदीप कौर को गिरफ्तार कर लिया गया.अब मामले को लेकर हैरान करने वाला खुलासा हुआ है.
ट्रक चलाता था बलविंदर
रामपुर के बोसैना गांव निवासी बलविंदर अपना ट्रक चलाते थे. वह 10 जुलाई की सुबह ट्रक में फोम आदि लेकर नेपाल के लिए रवाना हुए थे. उसी रात पूरनपुर में बड़ी नहर के पास ट्रक में आग लगने से बलविंदर की मौत हो गई. आरंभिक तौर पर पुलिस मान रही थी कि शार्ट सर्किट से हादसा हुआ होगा. बलविंदर के भाई गुरमीत सिंह इससे संतुष्ट नहीं थे. उन्हें शक था कि 10 जुलाई को रामपुर में भाई का कुछ लोगों से झगड़ा हुआ था, उन्हीं ने पीछा कर हत्याकांड किया होगा.
24 जुलाई को एफाईआर दर्ज
24 जुलाई को उन्होंने पूरनपुर थाने में अज्ञात के विरुद्ध हत्या की प्राथमिकी दर्ज कराई. पुलिस के अनुसार, जिन लोगों से झगड़े की बात कही गई, उनकी लोकेशन घटनास्थल पर नहीं थी. जांच के दौरान सर्विलांस टीम को बलविंदर का एक और फोन नंबर मिला.इसकी जानकारी स्वजन को भी नहीं थी. उस नंबर से उनकी अमनदीप कौर से लंबी बातचीत हुई थी. उसकी लोकेशन भी घटनास्थल पर थी. इसी आधार पर उत्तराखंड के रुद्रपुर से अमनदीप कौर को पूरनपुर लाया गया.
इस तरह की हत्या
वह मूलरूप से रामपुर के बड़ा बरसाना गांव की रहने वाली है, शादी के बाद रुद्रपुर में रहने लगी. उसने स्वीकारा कि तीन साल से बलविंदर से प्रेम संबंध थे. अब वैवाहिक जीवन में दरार आने का डर सताया तो दूरी बनाने लगी.बलविंदर इससे नाराज होकर धमकाने लगा कि फोटो व वीडियो इंटरनेट मीडिया पर प्रसारित कर देगा. 10 जुलाई को भी उसने फोन कर रास्ते में मिलने बुलाया. पूरनपुर में खड़े ट्रक के केबिन में उससे बहस हो रही थी.उसी दौरान उसके सिर पर लोहे की राड मार दी. वह बेहोश हुआ तो केबिन में रखी डीजल की केन उड़ेलकर आग लगा दी, ताकि हादसा प्रतीत हो. खाली केन व लोहे की रॉड खेत में फेंक दी थी. यदि केबिन से उसके अवशेष मिलते तो आग लगाने के सुराग छूट सकते थे.