India News (इंडिया न्यूज), Delhi Politics दिल्ली के मुख्यमंत्री आतिशी ने धार्मिक स्थलों को तोड़ने के मामले में उपराज्यपाल (LG) पर गंभीर आरोप लगाए हैं। जानकारी के मुताबिक, उन्होंने कहा कि धार्मिक समिति जिस तरह से मुख्यमंत्री और गृह मंत्री की अनदेखी कर सीधे उपराज्यपाल को रिपोर्ट कर रही है, वह नियमों के खिलाफ है। नियम यह है कि समिति की रिपोर्ट मुख्यमंत्री और गृह मंत्री को दी जानी चाहिए, जिसे मुख्यमंत्री के माध्यम से LG को भेजा जाए। लेकिन, ऐसा नहीं हो रहा है।
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इस मुद्दे पर सीएम आतिशी ने आरोप लगाया कि 22 नवंबर 2024 को प्रधान सचिव (गृह) ने धार्मिक समिति के साथ बैठक की और उसके सुझाव पर छह मंदिरों को तोड़ने की फाइल LG को भेजी गई। इसके साथ-साथ इस पर LG ने अपनी मंजूरी दे दी, जिसके बाद दिल्ली पुलिस और संबंधित अधिकारी इन मंदिरों को तोड़ने की तैयारी कर रहे हैं। इसके अलावा, आतिशी ने मांग की कि LG इन मंदिरों को तोड़ने के आदेश तुरंत वापस लें। दूसरी ओर, LG सचिवालय का कहना है कि पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के कार्यकाल के दौरान 8 फरवरी 2023 को मंदिरों को हटाने की फाइल LG को भेजी गई थी। इसके बाद 23 जून 2023 को तत्कालीन गृह मंत्री सत्येंद्र जैन के कार्यकाल में 8 मंदिरों को तोड़ने की मंजूरी दी गई थी।
जानकारी के अनुसार, LG सचिवालय ने पुराने दस्तावेज़ सार्वजनिक कर राजनीति को गर्मा दिया है। ऐसे में, CM आतिशी और पूर्व CM अरविंद केजरीवाल पर सवाल उठाते हुए LG ने कहा कि मंदिर तोड़ने के आदेश उन्हीं के कार्यकाल में दिए गए थे। आतिशी ने कहा कि यदि ऐसी अनुमति नहीं दी गई थी, तो LG को आदेश वापस लेना चाहिए। विधानसभा चुनाव से पहले सियासत में कई उठाव-चढाव नजर आ रहे हैं। मंदिरों को तोड़ने की योजना पर राजनीति ने 2025 दिल्ली विधानसभा चुनाव से पहले नया मोड़ ले लिया है।