India News (इंडिया न्यूज), Dharam Parivartan: क्या है सनातन धर्म? सनातन धर्म में वेद, उपनिषद, गीता और ब्रह्मसूत्र को महत्व दिया जाता है। सनातन धर्म अनेक सम्प्रदायों जैसे- सिख, जैन, बौद्ध और अन्य धर्मों का धार्मिक सम्प्रदाय है। सनातन धर्म शब्द संस्कृत से लिया गया है, जिसका अर्थ है “शाश्वत धर्म”। इसलिए अगर कोई सनातन धर्म में विश्वास करता है या उसका पालन करता है, तो इसका मतलब है कि वह एक खास तरह की जीवन शैली का पालन करता है।
प्रयागरज में हो रहे इंडिया नयुज के सम्मेलन ‘महाकुंभ का महामंच’ में शामिल हुए अटल अखाड़ा के आचार्य महामंडलेश्वर विश्वातमानंद सरस्वती जी ने सनातन धर्म में हो रहे धर्मांतरण का जिक्र करते हुए बताया की हिंदु और सनातन धर्म में ज्यादातर धर्मांतरण की बात की जाती है, और अधिकतर ये सुना जाता है की ड्रींक कराओ और धर्म बदलों, आगे उन्होने बताया की वह एक ऐसे शख्स को जानते हैं जिसने इस बात का जिक्र किया की जबसे उसने धरेम बदला उसे पिने की कमी नही हुइ है।
Dharam Parivartan: सनातन धर्म में हो रहे धर्मांतरण
सनातन धर्म में धर्म परिवर्तन जैसी कोई अवधारणा नहीं है। सनातन धर्म में धर्म परिवर्तन हमेशा से ही एक विवादित मुद्दा रहा है। सनातन धर्म कहता है कि लोगों को उनका धर्म उनके पूर्वजों से मिला है और उन्हें पारंपरिक धर्म का ही पालन करना चाहिए। हालांकि, ज़्यादातर लोग अपना धर्म बदलते हैं और इसे अपना निजी फ़ैसला मानते हैं। उनके अनुसार, जब लोग आध्यात्मिक यात्रा पर होते हैं, तो वे नए संदेशों और धार्मिक विचारों में बदलाव के कारण अपना धर्म बदल लेते हैं। सनातन धर्म में कोई व्यक्ति अपना धर्म बदलना चाहता है या नहीं, यह उसका निजी फ़ैसला है।
समाज में असमानता के कारण लोग धर्म परिवर्तन करते हैं। उच्च जाति के लोगों और समाज के कमज़ोर वर्गों के बीच संवाद की कमी के कारण धर्म परिवर्तन होता है। धर्म परिवर्तन को प्रोत्साहित करने के लिए वित्तीय प्रलोभन दिए जाते हैं। कुछ लोग बलपूर्वक या धोखे से धर्म परिवर्तन करते हैं।
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