India News (इंडिया न्यूज), Enmity Between Abhimanyu And Shri Krishna: महाभारत में अभिमन्यु का जन्म एक अद्वितीय और महत्वपूर्ण पात्र के रूप में हुआ है, जिसका श्रीकृष्ण और चंद्र देव से गहरा संबंध है। आपकी दी गई जानकारी के अनुसार, अभिमन्यु पूर्व जन्म में राक्षस कालयवन था, जिसे श्रीकृष्ण ने मुचुकुंद की गुफा में छलपूर्वक भेजा था। कालयवन की मृत्यु के बाद वह चंद्रलोक वापस लौटा, जहां उसे श्रीकृष्ण के आशीर्वाद से अर्जुन के पुत्र के रूप में जन्म लेने का अवसर मिला।
इस कथा से यह समझ आता है कि अभिमन्यु का जीवन एक पूर्व निर्धारित योजना का हिस्सा था, जिसे श्रीकृष्ण ने चंद्र देव के आग्रह पर नियंत्रित किया। कालयवन के रूप में उनके पूर्व जन्म की कहानी महाभारत के एक अनसुने पक्ष को प्रकट करती है। अभिमन्यु की अल्पायु, जो चंद्र देव के आग्रह पर तय की गई थी, यह दर्शाती है कि उनके जीवन की समाप्ति पहले से ही सुनिश्चित थी ताकि वे जल्दी से चंद्रलोक वापस जा सकें।
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यह कहानी महाभारत के उन जटिल और गूढ़ तत्वों को दर्शाती है जो पौराणिक कथाओं में पुनर्जन्म, कर्म, और नियति के सिद्धांत को उजागर करते हैं। वहीं, कालयवन की कथा भी इस बात को रेखांकित करती है कि भगवान श्रीकृष्ण की योजनाएं हमेशा धर्म और सत्य की स्थापना के लिए होती हैं, चाहे वह छल से ही क्यों न हो।
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