<
Categories: धर्म

ब्रह्मचर्य से संन्यास तक, सनातन धर्म में जीवन के चार चरणों का महत्व; क्या आज भी ये हैं प्रासंगिक?

Four Ashramas of Life: सनातन धर्म, विश्व की सबसे प्राचीन आध्यात्मिक परंपराओं में से एक है. यह चार आश्रम पद्धति की अवधारणा पर कार्य करता है, जो मानव जीवन को एक व्यवस्थित मार्ग प्रदान करने का काम करता है. जानिए क्या है ये चार आश्रम पद्धति.

Four Ashramas of Life in Sanatan Dharma: मनुष्य को अपना जीवन नियमों के आधार पर बिताना चाहिए, जिससे जीवन संतुलित बना रहता है. सबसे प्राचीन परंपराओं में से एक सनातन धर्म मनुष्यों को जीवन जीने के तरीकों को सिखाने का काम करता है, जिसके माध्यम से आप सारी चीजें समय पर करते हैं. इसी आधार पर चार आश्रम पद्धतियां भी दी गई थीं, जो लोगों के जीवनशैली को सकारात्मक दिशा प्रदान करने का काम करता है. इनमें ब्रह्मचर्य, गृहस्थ, वानप्रस्थ और संन्यास शामिल है. जानिए क्या है इनका अर्थ.

ब्रह्मचर्य (0-25 साल के बीच)

जीवन का पहला चरण ब्रह्मचर्य है. यह शिक्षा, आत्म-अनुशासन और चरित्र निर्माण के लिए समर्पित है. मुख्यत: यह युवा लड़के के लिए होता था, जिनका मुख्य उद्देश्य गुरुकुल में शिक्षा प्राप्त करने का होता था. इस दौरान प्राचीन विद्यालयों का पाठ्यक्रम केवल धार्मिक ग्रंथों तक ही सीमित नहीं था, बल्कि इसमें दर्शनशास्त्र, विज्ञान, मार्शल आर्ट, गणित और नैतिकता भी शामिल थी. इस चरण में ब्रह्मचर्य, सादगी और शिक्षा के प्रति समर्पण पर जोर दिया जाता था. वहीं अगर आधुनिक युग की बात करें, तो अब गुरुकुल प्रणाली अपने पारंपरिक स्वरूप में मौजूद नहीं है, फिर भी यह चरण आवश्यक बना हुआ है. 

गृहस्थ (25-50 साल के बीच)

गृहस्थ अवस्था विवाह से शुरू होती है, जब व्यक्ति पति और माता-पिता की जिम्मेदारी ग्रहण करता है. इस समय, व्यक्ति राशि चिन्हों के अनुसार अपना करियर भी शुरू करता है और इस प्रकार गृहस्थी स्थापित करता है. गृहस्थ को अपने परिवार की देखभाल और पालन-पोषण करना, धर्म का पालन करना और समाज के कल्याण में योगदान देना होता है. यह वह अवस्था है जब दूसरों की आवश्यकताएं आपके लिए अहम होती हैं. दान, पारिवारिक संबंधों का पालन और कर्तव्य की सीमाओं के भीतर आचरण करना इस अवस्था की प्रमुख विशेषताएं हैं.

वानप्रस्थ (50-75 साल के बीच)

यह अवस्था उस वक्त शुरू होती है, जब व्यक्ति में बुढ़ापे के लक्षण दिखने लगते हैं और साथ ही उनके बच्चे स्वयं अपना ख्याल रखने में सक्षम हो जाते हैं. इसलिए, वे धीरे-धीरे सांसारिक जिम्मेदारियों से दूर होने लगते हैं. वानप्रस्थ अवस्था उन लोगों के लिए है जो सक्रिय जीवनशैली से शांत और आध्यात्मिक जीवन की ओर सहजता से आगे बढ़ना चाहते हैं. व्यक्ति भौतिक जीवन का त्याग कर एकांत में जाकर आध्यात्मिकता में लीन हो सकता है. 

संन्यास (75-100 साल के बीच)

जीवन का अंतिम चरण संन्यास है, जहां व्यक्ति त्याग का अभ्यास शुरू करता है या सभी भौतिक आसक्तियों का त्याग करता है. इस अवस्था तक पहुंचने वाला व्यक्ति अपने सामाजिक संबंधों, जिनमें संपत्ति, परिवार और जिम्मेदारियां शामिल हैं, उन सबका त्याग कर देता है. ऐसा व्यक्ति स्वयं को पूरी तरह से आध्यात्मिक ज्ञान और आत्म-साक्षात्कार की प्राप्ति के लिए समर्पित कर देता है.

क्या ये आश्रम पद्धतियां आधुनिक समय में तर्कसंगत हैं?

आपको बताते चलें कि ये चारों आश्रम पद्धतियां व्यक्ति के 100 साल की उम्र को देखते हुए दी गई थी. उस दौर में लोग ज्यादा जीते थे. वहीं आज लोगों की औसत उम्र कम हो चुकी है. इस हिसाब से उम्र के मामले में यह आश्रम पद्धति तो सटीक नहीं बैठती है. लेकिन नियमों और कार्यों के अनुसार ऐसा ही होना चाहिए, जिससे मनुष्य  का जीवन सुचारू और सकारात्मक रूप से चलें. यह इसलिए भी जरूरी है कि शरीर की अपनी क्षमता होती है सभी कार्यों के लिए. आधुनिक तौर पर उम्र और तकनीक के मामले में कुछ अंतर हो सकता है, लेकिन चीजें सब वैसे ही हैं. ये नियम अगर आज माने जाएं, तो कुछ अच्छा ही होगा खराब तो नहीं हो सकता. 

Kamesh Dwivedi

पिछले चार वर्षों से डिजिटल मीडिया में कार्यरत. जी न्यूज और अमर उजाला डिजिटल में सेवाएं दे चुके हैं. इलाहाबाद विश्वविद्यालय से पत्रकारिता में स्नातक और वर्धा हिंदी विश्वविद्यालय से परास्नातक की पढ़ाई. वायरल-ट्रेंडिंग कंटेंट के साथ मनोरंजन की खबरों में रुचि. क्रिकेट, राजनीति के अलावा कविताएं लिखने और पढ़ने का भी शौक है.

Recent Posts

Abhishek Sharma: T20 वर्ल्ड कप में खराब फॉर्म… अभिषेक शर्मा के फ्लॉप शो पर बैटिंग कोच ने तोड़ी चुप्पी, जानें क्या कहा?

Abhishek Sharma: भारतीय टीम के बैटिंग कोच ने अभिषेक शर्मा के खराब फॉर्म के बावजूद…

Last Updated: February 18, 2026 10:45:24 IST

Gold Price Today: सोने की कीमतों में ट्विस्ट! कल की गिरावट के बाद आज क्या है बाजार का मूड

ये बेंचमार्क रेट उन इन्वेस्टर्स और ज्वेलरी खरीदारों के लिए एक अहम रेफरेंस पॉइंट का…

Last Updated: February 18, 2026 10:42:32 IST

YouTube डाउन: अचानक क्यों ठप हुई सर्विस, क्या है इसकी वजह, दुनिया भर में यूजर्स परेशान

Something went wrong: YouTube आउटेज से लाखों यूजर्स प्रभावित हुए हैं. क्या आप जानते हैं…

Last Updated: February 18, 2026 10:24:05 IST

Silver Price Today: चांदी की चाल में सस्पेंस! गिरावट के बाद आज राहत या फिर नया झटका?

आज MCX पर भी चांदी की कीमतों में गिरावट हुई. कल चांदी की कीमत ₹2,60,000…

Last Updated: February 18, 2026 10:43:16 IST

गाजियाबाद में ‘बेबी बोनस’ का तहलका; 4 बच्चों पर ₹21 हजार, 5वें पर ₹31 हजार! क्या पिंकी बदलेंगे आबादी का गणित?

क्या एक नोटों की गड्डी किसी परिवार का फैसला बदल सकती है? गाजियाबाद के लोनी…

Last Updated: February 18, 2026 10:22:34 IST

T2O World Cup: 22 फरवरी से टीम इंडिया की असली परीक्षा! सुपर-8 में इन 3 खतरनाक टीमों से होगी भिड़ंत, देखें पूरा शेड्यूल

India Super-8 Matches: टी20 वर्ल्ड कप 2026 के सुपर-8 राउंड में भारतीय टीम कुल 3…

Last Updated: February 18, 2026 10:08:06 IST