Gupt Navratri 3rd Day Puja: आज गुप्त नवरात्रि के तीसरे दिन मां त्रिपुर सुंदरी की पूजा करी जाती है.जो सौंदर्य, करुणा, प्रेम और पूर्णता की देवी है.आइये जानते हैं यहां गुप्त नवरात्रि के तीसरे दिन मां त्रिपुर सुंदरी की पूजा कैसे करें, क्या है आज के दिन का शुभ मुहूर्त.
Gupt Navratri 3rd Day Puja
Gupt Navratri 3rd Day Puja: माघ माह में आने वाली नवरात्रि को गुप्त नवरात्री कहा जाता है. यह नवरात्री साधना, तंत्र और आध्यात्मिक उन्नति का विशेष पर्व है. आज 21 जनवरी बुधवार के दिन को गुप्त नवरात्रि के तीसरे दिन है और इस दिन मां त्रिपुर सुंदरी की पूजा होती है, जो सौंदर्य, करुणा, प्रेम और पूर्णता की प्रतीक है. मां त्रिपुर सुंदरी दस महाविद्याओं में से एक माना जाता है, इसलिए यह दिन साधकों के लिए अत्यंत फलदायी होता है. आइए जानते हैं गुप्त नवरात्रि के तीसरे दिन मां त्रिपुर सुंदरी की पूजा कैसे करें, मंत्र, शुभ मुहूर्त और योग के बारे में भी..
गुप्त नवरात्रि के तीसरे दिन मां त्रिपुर सुंदरी की पूजा की जाती है. जिन्हें षोडशी, ललिता और राजराजेश्वरी के नाम से भी जाना जाता है. शास्त्रों के अनुसार मां त्रिपुर सुंदरी तीनों लोकों भूलोक, भुवर्लोक और स्वर्लोक में सबसे सुंदर और शक्तिशाली देवी मानी जाता ही. मां त्रिपुर सुंदरी सौंदर्य, करुणा, प्रेम और पूर्णता की प्रतीक हैं, इसलिए लोग वैवाहिक जीवन में मधुरता, प्रेम में सफलता, सौंदर्य और आकर्षण के लिए मां त्रिपुर सुंदरी की पूजा करते हैं
दृक पंचांग के अनुसार, अगर कोई शुभ कार्य जैसे विवाह, नामकरण, गृह प्रवेश, मुंडन या नया व्यवसाय शुरू या कोई बड़ी पूजा करने जा रहे हैं, तो शुभ मुहूर्त के साथ-साथ पंचक और राहुकाल का विशेष ध्यान रखना चाहिए. आज 21 जनवरी के दिन राहुकाल का समय दोपहर 12 बजकर 33 मिनट से 1 बजकर 52 मिनट तक रहेगा. इसलिए दौरान कोई भी मंगल कार्य नहीं किए जाएंगे. नक्षत्र की बात करें तो धनिष्ठा नक्षत्र दोपहर 1 बजकर 58 मिनट तक रहेगा, उसके बाद शतभिषा नक्षत्र शुरू हो जाएगा. चंद्रमा कुंभ राशि में संचरण करेगा. सूर्योदय 7 बजकर 14 मिनट पर और सूर्यास्त शाम 5 बजकर 51 मिनट पर होगा.
गुप्त नवरात्रि के तीसरे दिन मां त्रिपुर सुंदरी की पूजा का विशेष महत्व होता है. इस दिन ब्रह्म मुहूर्त में स्नान कर, मंदिर को साफ करें, गंगाजल से शुद्ध करें, मां त्रिपुर सुंदरी की मुर्ती या चित्र सामने रखें, इसके बाद मां दुर्गा की विधिवत पूजा करें, मां को लाल या गुलाबी वस्त्र, पुष्प, कुमकुम, अक्षत और मिष्ठान्न अर्पित किए जाते हैं. ॐ श्रीं ह्रीं क्लीं ऐं त्रिपुरसुन्दर्यै नमः मंत्र का जाप करें और साथ ही पूजा में. मौन साधना और ध्यान के माध्यम से मां की कृपा प्राप्त करें
मां त्रिपुर सुंदरी की पूजा किए गए गुप्त रूप से मंत्र के जाप, यंत्र पूजन और ध्यान करने से व्यक्ति की साधना शीघ्र सिद्ध हो जाती है. मान्यता है कि, जो व्यक्ति श्री यंत्र को मां त्रिपुर सुंदरी का स्वरूप मानक पूजा करता हैं,उसकी सभी मनोकामनाएं पूर्ण हो जाती है. मान्यताओं के अनुसार मां त्रिपुर सुंदरी की आराधना से वैवाहिक जीवन में मधुरता आती है, प्रेम में सफलता हासिल होती है, सौंदर्य और आकर्षण भी बढ़ता है. साथ ही भौतिक और आध्यात्मिक दोनों स्तरों पर उन्नति मिलता है.
Disclaimer: इस लेख में दी गई जानकारियों का हम यह दावा नहीं करते कि ये जानकारी पूर्णतया सत्य एवं सटीक है. पाठकों से अनुरोध है कि इस लेख को अंतिम सत्य अथवा दावा न मानें एवं अपने विवेक का उपयोग करें. इन खबर इसकी सत्यता का दावा नहीं करता है.
Ambedkar Jayanti Bank Holiday: मंगलवार (14 अप्रैल, 2026) को अंबेडकर जयंती पर देश के अधिकतर…
Himachal Crime News: हिमाचल प्रदेश के मंडी जिले से एक हैरान कर देने वाला मामला…
Indian Railways Summer Special Train: अगर आप भी गर्मी की छुट्टियों में परिवार के साथ…
SRH vs RR Match Highlights: हैदराबाद ने तोड़ा राजस्थान का गुरूर! डेब्यू स्टार प्रफुल हिंगे…
Alok Maurya Health Update: आलोक मौर्या लखनऊ के एक अस्पताल में खराब स्वास्थ्य से जूझ…
Haryana Crime News: हरियाणा के सोनीपत में पिता ने अपनी ही बेटी की हत्या कर…